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फिर बोले चढ़ूनी: भाजपा को हराने से कृषि कानून वापस नहीं होंगे, किसान को सत्ता हाथ में लेनी होगी  

संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 02 Aug 2021 03:27 PM IST

सार

गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि जब तक किसान सत्ता में नहीं आएगा, तब तक किसान का भला नहीं हो सकता। केवल भाजपा को हराने से तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे। अगर कृषि कानून वापस हो भी गए तो केवल किसान का डेथ वारंट रद्द होगा।
बहादुरगढ़ में गुरनाम चढ़ूनी का स्वागत करते किसान।
बहादुरगढ़ में गुरनाम चढ़ूनी का स्वागत करते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

संयुक्त किसान मोर्चा से एक सप्ताह के लिए निष्कासित किए गए भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने दोहराया कि मिशन पंजाब जारी रहेगा। बीजेपी को हराने से कृषि कानून वापस नहीं होंगे। चढ़ूनी रविवार को रोहद टोल प्लाजा से सिंघु बॉर्डर तक किसान रैली के मौके पर पहुंचे। 
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रैली शुरू होने से पहले रोहद टोल प्लाजा पर चल रहे किसानों के धरने पर गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि वह मिशन पंजाब पर आज भी कायम हैं। जब तक किसान सत्ता में नहीं आएगा, तब तक किसान का भला नहीं हो सकता। केवल भाजपा को हराने से तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे। अगर कृषि कानून वापस हो भी गए तो केवल किसान का डेथ वारंट रद्द होगा। किसान की हालत आज वेंटिलेटर पर है और किसान का संपूर्ण भला करने के लिए वोट लुटेरे गिरोह से छीनकर किसान को सत्ता अपने हाथ में लेनी होगी।



मिशन यूपी की जगह मिशन पंजाब शुरू करने की बात कहने पर गुरनाम सिंह चढ़ूनी को संयुक्त मोर्चा से सात दिन के लिए निलंबित कर दिया गया था। पत्रकारों से बातचीत में चढ़ूनी ने कहा, वो नहीं चाहते कि किसान आंदोलन दो फाड़ हो जाए, इसलिए उन्होंने संयुक्त मोर्चा की दी हुई सजा भुगत ली है। चढ़ूनी ने कहा कि पंजाब में 80 से 90 लाख वोट किसानों की हैं और 69 लाख वोटों से सरकार बनी हुई है। चढ़ूनी से जब पूछा गया कि वे संयुक्त मोर्चा के साथियों को ये बात क्यों नहीं समझा रहे तो उन्होंने कहा कि सब थोड़े ही समझ पाते हैं।

बोले, पीट सकते हैं गुणी 
चढ़ूनी ने किसान आंदोलन में खालिस्तानी घुसपैठ के सवाल पर कहा कि कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन पर ना बोले तो गलत और बोले तो भी गलत है। गुरनाम चढ़ूनी के नेतृत्व में रविवार को किसानों का काफिला रोहद टोल से चलकर सिंघु बॉर्डर पहुंचा। चढ़ूनी ने कहा कि किसान यात्रा का संदेश सरकार और किसान दोनों के लिए है। सरकार के लिए ये कि किसान सोया हुआ नहीं है और किसानों के लिए कि आंदोलन अभी बाकी है। किसान नेता गुणी प्रकाश की गतिविधियों को विघटनकारी बताते हुए उन्होंने कहा कि वह पीट सकते हैं। रोहद टोल प्लाजा पर हुई सभा का संचालन कैप्टन शमशेर सिंह मलिक ने किया। 

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