24 घंटे में तीन गर्भवती महिलाओं की मौत
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बीके अस्पताल एक बार फिर विवादों में है। पिछले 24 घंटे के दौरान यहां तीन गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के बाद मौत हो गई। इनमें से दो महिलाओं की मृत्यु नॉर्मल डिलीवरी के बाद हुई, जबकि एक महिला की मृत्यु सिजेरियन के दौरान हुई। इससे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। मृतक महिलाओं के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। हर रोज डॉक्टरों द्वारा मरीजों के इलाज के लिए की जाने वाली हीलाहवाली किसी से छिपी नहीं है। इससे पूर्व आठ अक्तूबर को भी दो गर्भवती महिलाओं की मृत्यु हुई थी। इन घटनाओं से पूरा अस्पताल प्रबंधन विवादों के घेरे में है। यह घटनाएं इस बात की ओर भी ध्यान खींच रही हैं कि कहीं जच्चा-बच्चा योजना का पैसा यहां सिर्फ कागजों में तो खर्च नहीं हो रहा है।
केस नंबर-एक:
मेवला महाराजपुर निवासी नीतू को प्रसव के लिए शनिवार को बीके अस्पताल लाया गया था। नीतू के पति सतीश ने बताया कि यहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा पेट में आड़ा (ब्रीच) हो गया है, जिस कारण डिलीवरी होने में समय लगेगा। शाम 6 बजे नीतू को तेज दर्द होने लगा, जिसके बाद उसकी डिलीवरी 7:30 बजे हो गई। सतीश ने आरोप लगाया कि डिलीवरी के बाद डॉक्टरों ने उसकी पत्नी की सुध नहीं ली और न ही किसी परिजन को नीतू के पास जाने दिया। काफी देर तक इलाज न मिलने के कारण उसकी पत्नी की जान गई है।
केस नंबर-दो:
ऊंचा गांव निवासी कविता को शनिवार सुबह 11 बजे प्रसव के लिए अस्पताल लाया गया था। उसके पति रोहताश ने बताया कि दोपहर 1:30 बजे कविता को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई, जिसके बाद जब डॉक्टरों से इलाज देने के लिए कहा गया तो उन्होंने बताया कि उसकी डिलीवरी ऑपरेशन से होगी, लेकिन किया नहीं। रोहताश ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की अनदेखी के कारण बच्चे का जन्म नार्मल डिलीवरी से हुआ, जिसके बाद उसकी पत्नी की परेशानी बढ़ गई और दोपहर 3 बजे उसने दम तोड़ दिया।
केस नंबर तीन:
बीके अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ओल्ड फरीदाबाद निवासी एक महिला को प्रसव के लिए शनिवार को अस्पताल लाया गया था। महिला की डिलीवरी आपरेशन से होनी थी। लेकिन महिला को दर्द शुरू हो गया। समय पर इलाज न मिलने के कारण महिला की मृत्यु हो गई।
पीएमओ ने दिया जांच का भरोसा
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि तीनों महिलाओं को डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग हो रही थी। शरीर से अधिक खून निकलने के कारण मृत्यु हुई है। पीएमओ डॉ. एमएम शर्मा ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। अस्पताल अपने स्तर पर जांच कर रहा है।