{"_id":"846ead5c5e31963323865a9995dac570","slug":"fixing-in-payka-games","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना खेले ही विजेता बन गए खिलाड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना खेले ही विजेता बन गए खिलाड़ी
फरीदाबाद
Updated Tue, 01 Oct 2013 11:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेल विभाग इन दिनों हवा में उड़ रहा है। इसकी एक बानगी देखिए। जिले के दो होनहार खिलाड़ी जिस वक्त जम्मू के मैदान में पसीने बहा रहे थे उस वक्त उन्हें खेल विभाग और जिला बैडमिंटन एसोसिएशन कागजों में यहां की एक प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय घोषित कर रहे थे।
विज्ञापन
सेक्टर-12 स्थित खेल परिसर में मंगलवार को आयोजित पायका (पंचायत युवा क्रीड़ा अभियान) की बैडमिंटन प्रतियोगिता (अंडर-25) में गड़बड़ी की गई। बैडमिंटन एसोसिएशन ने एकता कालिया और भव्य अनेजा को बिना खेले ही विजेता व उपविजेता घोषित कर दिया।
विज्ञापन
केवल तीसरे व चौथे स्थान के लिए मुकाबले आयोजित हुए। यहां बता दें कि मंगलवार को एकता और भव्य दोनों जम्मू में चल रही नार्थ जोन बैडमिंटन प्रतियोगिता में भाग भाग ले रहे थे। दोनों रविवार को ही रवाना हो गए थे।
विज्ञापन
जाहिर है कि पहले दो स्थानों के मैच फिक्स कर दिए गए। फरीदाबाद में हुई बैंडमिंटन प्रतियोगिता में तीसरा स्थान दिव्या जोशी व चौथा दिव्यांगी को हासिल हुआ। इन खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। रिजल्ट फिक्स करने का यह मामला खेल विभाग के संज्ञान में भी था।
फिर भी अधिकारियों ने आंखें मूंदे रखीं। जब इस बारे में खेल विभाग के अधिकारियों का बयान लिया गया तो इस फिक्सिंग पर उनका तर्क खेल भावना के खिलाफ था।
जिला बैडमिंटन एसोसिएशन की सचिव सुमन भाटिया का कहना है कि मंगलवार को हुई पायका की बैडमिंटन प्रतियोगिता में पहला व दूसरा स्थान पाने वाली खिलाड़ी जम्मू में नार्थ जोन प्रतियोगिता में भाग लेने गई हैं। इन दोनों के मुकाबले पहले आयोजित हो गए थे। सवाल यह उठता है कि जब पायका मंगलवार (एक अक्तूबर) को शुरू हुआ है तो मुकाबले पहले कैसे हो गए?
जिला खेल अधिकारी सत्य प्रकाश राणा का कहना है कि जिले की बेहतर टीम बनाने के लिए ऐसा किया गया। पायका में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को जिले की टीम में मौका दिया जाता है। इससे जिले की टीम स्टेट प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करेगी।