{"_id":"a9d2f971346915e557d2a390cc7994a0","slug":"dalit-harassment-activists-across-the-country-in-hisar","type":"story","status":"publish","title_hn":"दलित उत्पीड़न पर जुटेंगे देशभर के एक्टिविस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दलित उत्पीड़न पर जुटेंगे देशभर के एक्टिविस्ट
हिसार/ब्यूरो
Updated Wed, 06 Nov 2013 10:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय स्तर के कई आयोजनों के गवाह हरियाणा के जिला हिसार ए फिरोजा शहर एक बार फिर नौ और दस नवंबर को राष्ट्रीय पटल पर सुर्खियों में होगा।
इस बार का आयोजन खेलकूद या गीत संगीत न होकर दलित उत्पीड़न व अधिकारों से जुड़े मुद्दों का होगा।
ह्युमन राइट लॉ नेटवर्क के संयोजन में हिसार सेक्टर -16/17 स्थित डॉ. अंबेडकर छात्रावास में आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय सेमिनार में देश भर के दलित एक्टिविस्ट और अधिवक्ता एकत्र होंगे।
इस सेमिनार की तैयारियों के लिए संयोजन मंडल की मंगलवार को लघु सचिवालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क में बैठक हुई।
कार्यक्रम संयोजक प्रख्यात अधिवक्ता एवं दलित एक्टिविस्ट रजत कल्सन ने कहा कि दलित और महिला अधिकारों को लेकर होने वाले सेमिनार में अलग-अलग सत्रों के माध्यम से हरियाणा में दिन-प्रतिदिन घटित हो रही दलित उत्पीड़न की घटनाओं पर मंथन किया जाएगा।
सेमिनार में विभिन्न प्रदेशों से आए प्रतिनिधि हरियाणा में जाति और लिंग पर आधारित हिंसा व अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की अनुपालना पर अपने विचार रखेंगे।
विज्ञापन
वहीं, हरियाणा में हाल ही में हुई दलित महिलाओं पर दंरिदगी की दास्तान पीड़ित स्वयं बयान करेंगे।
इस सेमिनार में मिर्चपुर केस से जुड़ी हुई कानूनी पेचिदगियों के बारे में भी नवोदित दलित अधिवक्ताओं को बताया जाएगा, ताकि इस तरह की घटनाओं के बारे में दलित अधिकारों से जुड़े हुए अधिवक्तागणों को प्रशिक्षित किया जा सके।
रजत कल्सन ने बताया कि सेमिनार का मकसद हरियाणा में दलित एक्टिविस्ट और दलित अधिकारों से जुड़े अधिवक्ताओं के अंदर आत्मविश्वास पैदा करके उन्हें दलित अत्याचारों व उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ लामबंद करना है।
रजत कल्सन ने बताया कि सेमिनार में दिल्ली के ऑल इंडिया दलित महिला अधिकार मंच से जुड़ी आशा कोतवाल, प्रोफेसर विमल थौराट, फ्रीलांस राइटर रीतू हरियाणा में दलित महिलाओं के खिलाफ हो रही गैंग रेप की घटनाओं व हिंसा पर अपने विचार रखेंगे।
‘हरियाणा में दलित एक्टिविज्म के मौजूदा हालात और चुनौतियों’ विषय पर एडवोकेट रजत कल्सन, राष्ट्रीय मानवाधिकार मुहिम से जुड़े राजेश कुमार, प्रमुख दलित एक्टिविस्ट बजरंग इंदल तथा डॉ. अंबेडकर स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया के स्टेट चेयरमैन प्रदीप अंबेडकर अपने विचार रखेंगे।
इस सेमिनार में विशेष रूप से दलित अधिकारों से जुड़े अधिवक्ताओं का कानूनी एवं सामाजिक मुद्दों पर मार्गदर्शन करने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता गायत्री सिंह मौजूद रहेंगी।
इसके अलावा वुमेन अगेंस्ट सेक्सुअल वाइलेंस एंड स्टेट रिप्रेेशन की सदस्या उमा चक्रवर्ती, कल्याणी देवी व डॉ. अजीता सिंह भी उपस्थित रहेंगी।
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली की प्रोफेसर एवं प्रख्यात दलित एक्टिविस्ट सरिता भोई, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की अधिवक्ता एडवोकेट वीना, जोधपुर हाईकोर्ट के अधिवक्ता एडवोकेट श्रीजी भावसर व एचआरएलएन के आमीन भी हरियाणा के दलित एक्टिविस्टों को संबोधित करेंगे।
विज्ञापन
इस बार का आयोजन खेलकूद या गीत संगीत न होकर दलित उत्पीड़न व अधिकारों से जुड़े मुद्दों का होगा।
ह्युमन राइट लॉ नेटवर्क के संयोजन में हिसार सेक्टर -16/17 स्थित डॉ. अंबेडकर छात्रावास में आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय सेमिनार में देश भर के दलित एक्टिविस्ट और अधिवक्ता एकत्र होंगे।
इस सेमिनार की तैयारियों के लिए संयोजन मंडल की मंगलवार को लघु सचिवालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क में बैठक हुई।
कार्यक्रम संयोजक प्रख्यात अधिवक्ता एवं दलित एक्टिविस्ट रजत कल्सन ने कहा कि दलित और महिला अधिकारों को लेकर होने वाले सेमिनार में अलग-अलग सत्रों के माध्यम से हरियाणा में दिन-प्रतिदिन घटित हो रही दलित उत्पीड़न की घटनाओं पर मंथन किया जाएगा।
विज्ञापन
सेमिनार में विभिन्न प्रदेशों से आए प्रतिनिधि हरियाणा में जाति और लिंग पर आधारित हिंसा व अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की अनुपालना पर अपने विचार रखेंगे।
विज्ञापन
वहीं, हरियाणा में हाल ही में हुई दलित महिलाओं पर दंरिदगी की दास्तान पीड़ित स्वयं बयान करेंगे।
इस सेमिनार में मिर्चपुर केस से जुड़ी हुई कानूनी पेचिदगियों के बारे में भी नवोदित दलित अधिवक्ताओं को बताया जाएगा, ताकि इस तरह की घटनाओं के बारे में दलित अधिकारों से जुड़े हुए अधिवक्तागणों को प्रशिक्षित किया जा सके।
रजत कल्सन ने बताया कि सेमिनार का मकसद हरियाणा में दलित एक्टिविस्ट और दलित अधिकारों से जुड़े अधिवक्ताओं के अंदर आत्मविश्वास पैदा करके उन्हें दलित अत्याचारों व उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ लामबंद करना है।
रजत कल्सन ने बताया कि सेमिनार में दिल्ली के ऑल इंडिया दलित महिला अधिकार मंच से जुड़ी आशा कोतवाल, प्रोफेसर विमल थौराट, फ्रीलांस राइटर रीतू हरियाणा में दलित महिलाओं के खिलाफ हो रही गैंग रेप की घटनाओं व हिंसा पर अपने विचार रखेंगे।
‘हरियाणा में दलित एक्टिविज्म के मौजूदा हालात और चुनौतियों’ विषय पर एडवोकेट रजत कल्सन, राष्ट्रीय मानवाधिकार मुहिम से जुड़े राजेश कुमार, प्रमुख दलित एक्टिविस्ट बजरंग इंदल तथा डॉ. अंबेडकर स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया के स्टेट चेयरमैन प्रदीप अंबेडकर अपने विचार रखेंगे।
इस सेमिनार में विशेष रूप से दलित अधिकारों से जुड़े अधिवक्ताओं का कानूनी एवं सामाजिक मुद्दों पर मार्गदर्शन करने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता गायत्री सिंह मौजूद रहेंगी।
इसके अलावा वुमेन अगेंस्ट सेक्सुअल वाइलेंस एंड स्टेट रिप्रेेशन की सदस्या उमा चक्रवर्ती, कल्याणी देवी व डॉ. अजीता सिंह भी उपस्थित रहेंगी।
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली की प्रोफेसर एवं प्रख्यात दलित एक्टिविस्ट सरिता भोई, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की अधिवक्ता एडवोकेट वीना, जोधपुर हाईकोर्ट के अधिवक्ता एडवोकेट श्रीजी भावसर व एचआरएलएन के आमीन भी हरियाणा के दलित एक्टिविस्टों को संबोधित करेंगे।