{"_id":"f692bb72cdd59b33097d8c53a4a82835","slug":"committee-will-decide-the-rate-of-land","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों को मिलेंगे जमीन के कई गुणा दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों को मिलेंगे जमीन के कई गुणा दाम
रेवाड़ी/सिद्धार्थ यादव
Updated Wed, 06 Nov 2013 10:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले की 16 गांवों की अधिगृहीत की जा रही 3600 एकड़ जमीन का नए अधिग्रहण
विज्ञापन
कानून के तहत मुआवजा दिलाने के लिए किसानों और अधिकारियों की कमेटी का गठन
किया जाएगा।
यही कमेटी सरकार से ज्यादा से ज्यादा मुआवजा दिलाने के लिए प्रयास करेगी। यह फैसला बुधवार को दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में भूमि अधिग्रहण विरोधी संघर्ष समिति और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच आयोजित बैठक में लिया गया। इस दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि प्रतिनिधिमंडल में शामिल कैबिनेट मंत्री किसानों पर दर्ज मामले वापिस लेने के लिए सरकार से अनुरोध करेंगे। यदि किसानों की जमीन का नए कानून के तहत अधिग्रहण होता है तो उन्हें पहले से कई गुणा ज्यादा मुआवजा मिलेगा।
बुधवार को भूमि अधिग्रहण विरोधी संघर्ष समिति के प्रधान रामकिशन महलावत के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने उद्योग मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला, स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह और एचएसआईडीसी की ओर से युद्धवीर सिंह मलिक से बातचीत की। रामकिशन महलावत ने बताया कि बैठक में यह निर्णय हुआ कि सरकार नए अधिग्रहण कानून के तहत बावल के 16 गांवों की जमीन का अधिग्रहण करेगी।
चूंकि बावल में लॉजिस्टिक हब के लिए सरकार जमीन का अधिग्रहण कर रही है इसलिए नए कानून में जनहित में अधिग्रहण के लिए किसानों की सहमति की आवश्यकता नहीं है। किसानों को नए कानून के तहत मुआवजा देने के लिए छह किसान और तीन अधिकारियों की कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी गांव के अनुसार मुआवजा देने की सरकार से सिफारिश करेगी। बैठक में सरकार के प्रतिनिधियों ने किसानों पर दर्ज मामले वापिस लेने के लिए सरकर से अनुरोध करने क वादा किया है। बैठक में प्रधान रामकिशन महलावत, ओमप्रकाश सरपंच, कृष्ण जैलदार, जगमाल लोधाना, रामचंद्र टीकला, माडाराम, कर्नल शिव यादव, कर्नल जीआरचोखन सहित समिति के सदस्य मौजूद थे।
यह था मामला
16 जुलाई 2012 को जिला सचिवालय पर धरने के दौरान और 22 जुलाई को आसलवास में महापंचायत के समय किसानों और पुलिस में खूनी संघर्ष हुआ था, जिसमें किसानों पर मामले दर्ज हुए थे। उसके बाद 25 जुलाई को सीएम ने समिति से वार्ता की थी। सरकार ने संघर्ष समिति से वार्ता करने के लिए रणदीप सिंह सुरजेवाला और राव नरेंद्र सिंह की कमेटी गठित की थी।
इन गांवों की जमीन का होना है अधिग्रहण
बावल तहसील के 16 गांवों की एचएसआईडीसी ने 3700 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने के लिए दफा 4 व 6 का नोटिस दिया है। बावल, बनीपुर, खेड़ा मुरार, मंगलेश्वर, इब्राहिमपुर, पातुहेड़ा, आसलवास, डयोढई, लोधाना, कसौला, कसौली, गढ़ी और बोलनी गांव शामिल हैं।
यही कमेटी सरकार से ज्यादा से ज्यादा मुआवजा दिलाने के लिए प्रयास करेगी। यह फैसला बुधवार को दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में भूमि अधिग्रहण विरोधी संघर्ष समिति और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच आयोजित बैठक में लिया गया। इस दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि प्रतिनिधिमंडल में शामिल कैबिनेट मंत्री किसानों पर दर्ज मामले वापिस लेने के लिए सरकार से अनुरोध करेंगे। यदि किसानों की जमीन का नए कानून के तहत अधिग्रहण होता है तो उन्हें पहले से कई गुणा ज्यादा मुआवजा मिलेगा।
बुधवार को भूमि अधिग्रहण विरोधी संघर्ष समिति के प्रधान रामकिशन महलावत के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने उद्योग मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला, स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह और एचएसआईडीसी की ओर से युद्धवीर सिंह मलिक से बातचीत की। रामकिशन महलावत ने बताया कि बैठक में यह निर्णय हुआ कि सरकार नए अधिग्रहण कानून के तहत बावल के 16 गांवों की जमीन का अधिग्रहण करेगी।
चूंकि बावल में लॉजिस्टिक हब के लिए सरकार जमीन का अधिग्रहण कर रही है इसलिए नए कानून में जनहित में अधिग्रहण के लिए किसानों की सहमति की आवश्यकता नहीं है। किसानों को नए कानून के तहत मुआवजा देने के लिए छह किसान और तीन अधिकारियों की कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी गांव के अनुसार मुआवजा देने की सरकार से सिफारिश करेगी। बैठक में सरकार के प्रतिनिधियों ने किसानों पर दर्ज मामले वापिस लेने के लिए सरकर से अनुरोध करने क वादा किया है। बैठक में प्रधान रामकिशन महलावत, ओमप्रकाश सरपंच, कृष्ण जैलदार, जगमाल लोधाना, रामचंद्र टीकला, माडाराम, कर्नल शिव यादव, कर्नल जीआरचोखन सहित समिति के सदस्य मौजूद थे।
यह था मामला
16 जुलाई 2012 को जिला सचिवालय पर धरने के दौरान और 22 जुलाई को आसलवास में महापंचायत के समय किसानों और पुलिस में खूनी संघर्ष हुआ था, जिसमें किसानों पर मामले दर्ज हुए थे। उसके बाद 25 जुलाई को सीएम ने समिति से वार्ता की थी। सरकार ने संघर्ष समिति से वार्ता करने के लिए रणदीप सिंह सुरजेवाला और राव नरेंद्र सिंह की कमेटी गठित की थी।
इन गांवों की जमीन का होना है अधिग्रहण
बावल तहसील के 16 गांवों की एचएसआईडीसी ने 3700 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने के लिए दफा 4 व 6 का नोटिस दिया है। बावल, बनीपुर, खेड़ा मुरार, मंगलेश्वर, इब्राहिमपुर, पातुहेड़ा, आसलवास, डयोढई, लोधाना, कसौला, कसौली, गढ़ी और बोलनी गांव शामिल हैं।