{"_id":"ce8ac11e6e523398f31111368fb9a8c6","slug":"cold-started-in-fatehabad","type":"story","status":"publish","title_hn":"फतेहाबाद में बरसात से ठंड का आगाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फतेहाबाद में बरसात से ठंड का आगाज
फतेहाबाद/ब्यूरो।
Updated Thu, 07 Nov 2013 09:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में बुधवार को हुई हल्की बरसात व शीत लहर के बाद ठंड का आगाज हो गया।
वीरवार सुबह बादल छाये रहे और शाम को लगातार चली शीत लहर से लोग ठंड से कांपने लगे।
पतझड़ का इंतजार कर रहे लोगों को सीधे ही सर्दी ने लपेट लिया।
अचानक हुई बरसात से धान की पकी फसल को लेकर किसानों के चेहरे पर चिंता लकीरें खिंच गई है।
मंडियों में धान गीला हो गया है जबकि खेतों में धान कटाई में बाधा आ गई।
कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण धान की खड़ी फसल जमीन पर बिछ गई।
पिछले दो दिनों से फतेहाबाद में हलकी ठंड महसूस की जा रही थी।
बुधवार को आसमान में छा गए और शाम को काली घटाओं के बीच हल्की बरसात हुई। जिससे गर्म कपड़े निकालने पड़े।
बेमौसमी बरसात के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई।
40 फीसदी किसान मंडियों में धान लिए बैठे हैं। खरीद एजेंसियां धान में नमी की बात कहकर खरीद में कटौती कर दी।
खेतों व मंडियों में पड़ा धान गीला हो गया। जिले के रतिया, जाखल क्षेत्रों में हवाएं चलने से धान की खड़ी फसल खेतों में बिछ गई।
गांव अहलीसदर के किसान राजेंद्र सिंह ने कहा कि आज उन्होंने कटाई करनी थी लेकिन मौसम के मिजाज को देखते हुए वह वापिस घर लौट आया।
अनाजमंडी के व्यापारी दर्शन नागपाल ने बताया कि उनके यहां 300 क्विंटल धान की ढेरियां लगी हुई हैं।
विज्ञापन
वीरवार सुबह बादल छाये रहे और शाम को लगातार चली शीत लहर से लोग ठंड से कांपने लगे।
पतझड़ का इंतजार कर रहे लोगों को सीधे ही सर्दी ने लपेट लिया।
अचानक हुई बरसात से धान की पकी फसल को लेकर किसानों के चेहरे पर चिंता लकीरें खिंच गई है।
मंडियों में धान गीला हो गया है जबकि खेतों में धान कटाई में बाधा आ गई।
कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण धान की खड़ी फसल जमीन पर बिछ गई।
पिछले दो दिनों से फतेहाबाद में हलकी ठंड महसूस की जा रही थी।
बुधवार को आसमान में छा गए और शाम को काली घटाओं के बीच हल्की बरसात हुई। जिससे गर्म कपड़े निकालने पड़े।
बेमौसमी बरसात के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई।
40 फीसदी किसान मंडियों में धान लिए बैठे हैं। खरीद एजेंसियां धान में नमी की बात कहकर खरीद में कटौती कर दी।
खेतों व मंडियों में पड़ा धान गीला हो गया। जिले के रतिया, जाखल क्षेत्रों में हवाएं चलने से धान की खड़ी फसल खेतों में बिछ गई।
गांव अहलीसदर के किसान राजेंद्र सिंह ने कहा कि आज उन्होंने कटाई करनी थी लेकिन मौसम के मिजाज को देखते हुए वह वापिस घर लौट आया।
अनाजमंडी के व्यापारी दर्शन नागपाल ने बताया कि उनके यहां 300 क्विंटल धान की ढेरियां लगी हुई हैं।