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Charkhi Dadri News: 115 करोड़ रुपये से बढ़ेगी शहर में 6.50 एमएलडी पेयजल क्षमता
Sat, 04 Oct 2025 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 04 Oct 2025 01:52 AM IST
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चंपापुरी स्थित जलघर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहर में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। शहरवासियों को अगले वर्ष अप्रैल से प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति शुरू करने का दावा विभाग की ओर से किया जा रहा है। फिलहाल, पिछले पांच साल से एक दिन छोड़कर जलापूर्ति की जा रही है।
जल विभाग की ओर से क्रियान्वित 115 करोड़ रुपये की परियोजना से नगर की कुल पेयजल आपूर्ति क्षमता बढ़कर 23 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) हो जाएगी। फिलहाल, शहर की मौजूदा पेयजल आपूर्ति क्षमता 16.50 एमएलडी है। नई परियोजना के अंतर्गत इसमें 6.50 एमएलडी की वृद्धि की जा रही है। इस परियोजना में तीन प्रमुख जलघरों चंपापुरी, कपूरी और घिकाड़ा की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
परियोजना के अंतर्गत इन तीनों जलघरों में 15 दिन में पानी भरने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है ताकि नहरों में 16 दिन जलापूर्ति होने की स्थिति में समय पर भंडारण टैंक भरे जा सकें। विभाग के अनुसार, अप्रैल 2026 से नगर में प्रतिदिन जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। वर्तमान में एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है इससे लोगों को पर्याप्त जल नहीं मिल पा रहा है।
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पिछले दो दशकों से शहर में आबादी तो तेजी से बढ़ी लेकिन जलापूर्ति प्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया। इससे गर्मियों में पेयजल संकट गंभीर रूप लेता रहा। अब जब विभाग ने तीनों जलघरों की भंडारण क्षमता बढ़ाने का काम शुरू किया है तो उम्मीद की जा रही है कि यह संकट काफी हद तक दूर हो जाएगा।
इन जलघरों में बढ़ी है क्षमता : चंपापुरी जलघर की पूर्व क्षमता 5 एमएलडी थी, जिसे अब बढ़ाकर 7 एमएलडी किया गया है। यहां चार भंडारण टैंकों में से तीन का काम पूरा हो चुका है जबकि शेष पर कार्य जारी है। कपूरी जलघर की क्षमता 11.50 एमएलडी है। यह शहर की सबसे बड़ी पेयजल इकाई मानी जाती है। वहीं, तीसरा जलघर घिकाड़ा गांव में स्थापित किया जा रहा है, जिसकी क्षमता 4.50 एमएलडी होगी। यह जलघर शहर के लगभग 30% क्षेत्र में जलापूर्ति करेगा।
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चरखी दादरी। शहर में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। शहरवासियों को अगले वर्ष अप्रैल से प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति शुरू करने का दावा विभाग की ओर से किया जा रहा है। फिलहाल, पिछले पांच साल से एक दिन छोड़कर जलापूर्ति की जा रही है।
जल विभाग की ओर से क्रियान्वित 115 करोड़ रुपये की परियोजना से नगर की कुल पेयजल आपूर्ति क्षमता बढ़कर 23 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) हो जाएगी। फिलहाल, शहर की मौजूदा पेयजल आपूर्ति क्षमता 16.50 एमएलडी है। नई परियोजना के अंतर्गत इसमें 6.50 एमएलडी की वृद्धि की जा रही है। इस परियोजना में तीन प्रमुख जलघरों चंपापुरी, कपूरी और घिकाड़ा की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
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परियोजना के अंतर्गत इन तीनों जलघरों में 15 दिन में पानी भरने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है ताकि नहरों में 16 दिन जलापूर्ति होने की स्थिति में समय पर भंडारण टैंक भरे जा सकें। विभाग के अनुसार, अप्रैल 2026 से नगर में प्रतिदिन जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। वर्तमान में एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है इससे लोगों को पर्याप्त जल नहीं मिल पा रहा है।
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पिछले दो दशकों से शहर में आबादी तो तेजी से बढ़ी लेकिन जलापूर्ति प्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया। इससे गर्मियों में पेयजल संकट गंभीर रूप लेता रहा। अब जब विभाग ने तीनों जलघरों की भंडारण क्षमता बढ़ाने का काम शुरू किया है तो उम्मीद की जा रही है कि यह संकट काफी हद तक दूर हो जाएगा।
इन जलघरों में बढ़ी है क्षमता : चंपापुरी जलघर की पूर्व क्षमता 5 एमएलडी थी, जिसे अब बढ़ाकर 7 एमएलडी किया गया है। यहां चार भंडारण टैंकों में से तीन का काम पूरा हो चुका है जबकि शेष पर कार्य जारी है। कपूरी जलघर की क्षमता 11.50 एमएलडी है। यह शहर की सबसे बड़ी पेयजल इकाई मानी जाती है। वहीं, तीसरा जलघर घिकाड़ा गांव में स्थापित किया जा रहा है, जिसकी क्षमता 4.50 एमएलडी होगी। यह जलघर शहर के लगभग 30% क्षेत्र में जलापूर्ति करेगा।