{"_id":"62c1decb8b5453207b7518e0","slug":"vikas-and-rajendra-s-era-became-an-unclaimed-animal-after-walking-500-meters-from-ruddol-charkhidadri-news-hsr635774875","type":"story","status":"publish","title_hn":"रुदड़ोल से 500 मीटर चलते ही विकास और राजेंद्र का काल बना लावारिस पशु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रुदड़ोल से 500 मीटर चलते ही विकास और राजेंद्र का काल बना लावारिस पशु
विज्ञापन
चरखी दादरी/झोझूकलां। रुदड़ोल के समीप रविवार अलसुबह हुए हादसे में लावारिस पशु कितलाना निवासी विकास और राजेंद्र के लिए काल बन गया। रुदड़ोल से 500 मीटर चलते ही यह हादसा हो गया, जिसने दो परिवारों को जीवनभर का दर्द दे दिया। वहीं, इस हादसे में घायल नरेंद्र व संजय को भी गंभीर चोटें लगीं। झोझूकलां थाना पुलिस ने मृतक विकास के बड़े भाई के बयान पर कागजी कार्रवाई पूरी कर दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम करवाया।
पुलिस को दिए बयान में कितलाना निवासी अनिल ने बताया कि उसका भाई विकास गांव निवासी राजेंद्र, नरेंद्र व संजय के साथ स्विफ्ट में सवार होकर रूदड़ोल शादी समारोह में गया था। अनिल ने बताया कि वहां उसकी मौसी के पोते की शादी थी। रात को कार्यक्रम में शरीक होने के बाद करीब पौने दो बजे वो रुदड़ोल से कितलाना के लिए चले थे। गांव से करीब 500 मीटर दूर चलते ही सड़क पर अचानक लावारिस पशु उनकी गाड़ी के सामने आ गया।
पशु को बचाने के प्रयास में चालक राजेंद्र संतुलन खो बैठा और अनियंत्रित कार सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गई। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और इसके चालक राजेंद्र और उसके गबल वाली सीट पर बैठे विकास की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में कार सवार संजय व नरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घायलों को सिविल अस्पताल पहुंचाया जबकि मृतकों के शव अपने कब्जे में ले लिए। रविवार सुबह पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर दोपहर बाद दोनों के शव का पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस ने इस संबंध में इत्तफाकिया मौत संबंधी कार्रवाई की है।
विज्ञापन
- हादसे के डेढ़ घंटे बाद पुलिस को मिली सूचना, 9 मिनट में पहुंची मौके पर
हादसा रात करीब दो बजे हुआ और इसकी सूचना झोझूकलां थाने में 3:31 पर मिली। इसके 9 मिनट बाद ही एएसआई सुरेंद्र दांगी की टीम मौके पर पहुंच गई। हादसा इतना भीषण था कि कार में अगली दो सीटों पर बैठे राजेंद्र व विकास को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
- तीन बच्चों के ऊपर से उठा बाप का साया
हादसे का शिकार हुए विकास व राजेंद्र दोनों शादीशुदा थे। विकास की शादी करीब पांच वर्ष पहले ही हुई थी और वह एक चार वर्षीय लड़के का पिता था। विकास अपने तीनों भाइयों में सबसे छोटा था और खेती का काम करता था। जबकि राजेंद्र दो लड़कों का पिता था। दोनों लड़कें अभी अविवाहित हैं। इस हादसे के बाद दोनों परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
- खिड़की उखाड़कर बाहर निकाले शव -
पेड़ से टकराने के बाद कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, कार चालक राजेंद्र व उसके बगल वाली सीट पर बैठा विकास के पैरों की हड्डियां तक टूट गईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने लोगों की मदद से खिड़कियों को उखाड़कर दोनों के शव बाहर निकाले।
सूचना मिलने के 9 मिनट के अंदर ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। मृतकों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। जबकि घायलों का रोहतक पीजीआई में उपचार चल रहा है। इस संबंध में 174 सीपीआरसी की कार्रवाई की गई है।
- सुरेंद्र दांगी, एएसआई एवं जांच अधिकारी, झोझूकलां थाना।
विज्ञापन
पुलिस को दिए बयान में कितलाना निवासी अनिल ने बताया कि उसका भाई विकास गांव निवासी राजेंद्र, नरेंद्र व संजय के साथ स्विफ्ट में सवार होकर रूदड़ोल शादी समारोह में गया था। अनिल ने बताया कि वहां उसकी मौसी के पोते की शादी थी। रात को कार्यक्रम में शरीक होने के बाद करीब पौने दो बजे वो रुदड़ोल से कितलाना के लिए चले थे। गांव से करीब 500 मीटर दूर चलते ही सड़क पर अचानक लावारिस पशु उनकी गाड़ी के सामने आ गया।
विज्ञापन
पशु को बचाने के प्रयास में चालक राजेंद्र संतुलन खो बैठा और अनियंत्रित कार सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गई। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और इसके चालक राजेंद्र और उसके गबल वाली सीट पर बैठे विकास की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में कार सवार संजय व नरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घायलों को सिविल अस्पताल पहुंचाया जबकि मृतकों के शव अपने कब्जे में ले लिए। रविवार सुबह पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर दोपहर बाद दोनों के शव का पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस ने इस संबंध में इत्तफाकिया मौत संबंधी कार्रवाई की है।
विज्ञापन
- हादसे के डेढ़ घंटे बाद पुलिस को मिली सूचना, 9 मिनट में पहुंची मौके पर
हादसा रात करीब दो बजे हुआ और इसकी सूचना झोझूकलां थाने में 3:31 पर मिली। इसके 9 मिनट बाद ही एएसआई सुरेंद्र दांगी की टीम मौके पर पहुंच गई। हादसा इतना भीषण था कि कार में अगली दो सीटों पर बैठे राजेंद्र व विकास को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
- तीन बच्चों के ऊपर से उठा बाप का साया
हादसे का शिकार हुए विकास व राजेंद्र दोनों शादीशुदा थे। विकास की शादी करीब पांच वर्ष पहले ही हुई थी और वह एक चार वर्षीय लड़के का पिता था। विकास अपने तीनों भाइयों में सबसे छोटा था और खेती का काम करता था। जबकि राजेंद्र दो लड़कों का पिता था। दोनों लड़कें अभी अविवाहित हैं। इस हादसे के बाद दोनों परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
- खिड़की उखाड़कर बाहर निकाले शव -
पेड़ से टकराने के बाद कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, कार चालक राजेंद्र व उसके बगल वाली सीट पर बैठा विकास के पैरों की हड्डियां तक टूट गईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने लोगों की मदद से खिड़कियों को उखाड़कर दोनों के शव बाहर निकाले।
सूचना मिलने के 9 मिनट के अंदर ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। मृतकों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। जबकि घायलों का रोहतक पीजीआई में उपचार चल रहा है। इस संबंध में 174 सीपीआरसी की कार्रवाई की गई है।
- सुरेंद्र दांगी, एएसआई एवं जांच अधिकारी, झोझूकलां थाना।