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यूपीएससी परीक्षा: दूसरे प्रयास में 23 वर्षीय विवेक बना आईएएस, भागवी के अंकित को 567वीं रैक
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फोटो 37 अंकित।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। शुक्रवार को घोषित यूपीएससी परीक्षा परिणाम में बाढड़ा निवासी विवेक आर्य ने 131वीं रैक और भागवी निवासी अंकित ने 567वीं रैक हासिल की है। विवेक आर्य महज 23 वर्ष की उम्र में आईएएस बने हैं और यह उनका दूसरा प्रयास था। पहले प्रयास में वे प्री भी क्लीयर नहीं कर पाए थे जबकि दूसरे प्रयास में उन्होंने आईएएस बनने का सपना पूरा कर लिया। विवेक आर्य के बड़े भाई मंजीत सेना में लेफ्टिनेंट हैं जबकि मंजीत के पिता विरेंद्र आर्य बाढड़ा में अपना कारोबार करते हैं। वहीं, भागवी निवासी अंकित के पिता किसान है और वे तीनों बहन-भाई यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे।
परीक्षा परिणाम में बाढड़ा निवासी विवेक आर्य ने इतिहास रचा है। जानकारों की मानें तो वो सबसे कम उम्र में आईएएस बनने वाले जिले के युवा हैं। पांचवीं तक की शिक्षा विवेक ने बाढड़ा में ही प्राप्त की। इसके बाद दोनों भाईयों का चयन सैनिक स्कूल कुंजपूरा हो गया। वहां से बारहवीं करने के बाद विवेक ने चंडीगढ़ डीएवी कॉलेज में दाखिला ले लिया। जबकि बड़े भाई मंजीत का लेफ्टिनेंट के पद पर चयन हो गया। डीएवी कॉलेज से बीए करने के बाद विवेक दिल्ली यूनिवर्सिटी से एमए कर रहे हैं और फाइनल वर्ष के दौरान ही वे आईएएस बन गए हैं। परीक्षा परिणाम घोषित होने के दौरान विवेक दिल्ली में थें। उन्होंने फोन पर पिता और परिजनों के साथ ये खुशी साझा की। विवेक का लेफ्टिनेंट के तौर पर भी चयन हुआ है। इसकी जानकारी अमर उजाला से बातचीत में विवेक आर्य के पिता विरेंद्र आर्य ने दी।
- अंकित के भाई का किस्मत ने नहीं दिया साथ
अंकित ने भी अपने गांव भागवी का नाम रोशन किया है। पहले प्रयास में भी अंकित ने परीक्षा तो पास कर दी थी लेकिन साक्षात्कार में वे अपनी छाप नहीं छोड़ पाए थे। दूसरे प्रयास में उन्हें 567वीं रैंक मिली है। अंकित के पिता किसान है। वे तीन भाई-बहन हैं। अंकित के अलावा बड़ा भाई अमित और बहन भी यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। इस बार दोनों भाईयों ने परीक्षा दी थी। अंकित का चयन हो गया जबकि अमित साक्षात्कार लेने वालों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाए। अमित का कहना है कि अगली बार वे दोबारा से प्रयास करेंगे। अंकित एमएससी पास हैं।
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- भाई के साथ स्पर्धा की भावना ने बनाया विवेक को आईएएस
विवेक आर्य के पिता विरेंद्र आर्य का कहना है कि दोनों बेटों के बीच स्पर्धा होना कामयाबी का मूलमंत्र है। उन्होंने बताया कि पहले दोनों ने साथ एनडीए की तैयारी की। जब बड़े बेटे मंजीत का लेफ्टिनेंट के लिए चयन हो गया तो विवेक ने लेफ्टिनेंट बनने का सपना छोड़कर आईएएस बनने की ठानी। विरेंद्र आर्य के अनुसार विवेक ने मजाक में बड़े भाई अमित से कहा था कि आपसे बड़ा ऑफिसर बनकर सैल्यूट करवाऊंगा। उसकी यह बात अब सच हो गई है।
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परीक्षा परिणाम में बाढड़ा निवासी विवेक आर्य ने इतिहास रचा है। जानकारों की मानें तो वो सबसे कम उम्र में आईएएस बनने वाले जिले के युवा हैं। पांचवीं तक की शिक्षा विवेक ने बाढड़ा में ही प्राप्त की। इसके बाद दोनों भाईयों का चयन सैनिक स्कूल कुंजपूरा हो गया। वहां से बारहवीं करने के बाद विवेक ने चंडीगढ़ डीएवी कॉलेज में दाखिला ले लिया। जबकि बड़े भाई मंजीत का लेफ्टिनेंट के पद पर चयन हो गया। डीएवी कॉलेज से बीए करने के बाद विवेक दिल्ली यूनिवर्सिटी से एमए कर रहे हैं और फाइनल वर्ष के दौरान ही वे आईएएस बन गए हैं। परीक्षा परिणाम घोषित होने के दौरान विवेक दिल्ली में थें। उन्होंने फोन पर पिता और परिजनों के साथ ये खुशी साझा की। विवेक का लेफ्टिनेंट के तौर पर भी चयन हुआ है। इसकी जानकारी अमर उजाला से बातचीत में विवेक आर्य के पिता विरेंद्र आर्य ने दी।
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- अंकित के भाई का किस्मत ने नहीं दिया साथ
अंकित ने भी अपने गांव भागवी का नाम रोशन किया है। पहले प्रयास में भी अंकित ने परीक्षा तो पास कर दी थी लेकिन साक्षात्कार में वे अपनी छाप नहीं छोड़ पाए थे। दूसरे प्रयास में उन्हें 567वीं रैंक मिली है। अंकित के पिता किसान है। वे तीन भाई-बहन हैं। अंकित के अलावा बड़ा भाई अमित और बहन भी यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। इस बार दोनों भाईयों ने परीक्षा दी थी। अंकित का चयन हो गया जबकि अमित साक्षात्कार लेने वालों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाए। अमित का कहना है कि अगली बार वे दोबारा से प्रयास करेंगे। अंकित एमएससी पास हैं।
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- भाई के साथ स्पर्धा की भावना ने बनाया विवेक को आईएएस
विवेक आर्य के पिता विरेंद्र आर्य का कहना है कि दोनों बेटों के बीच स्पर्धा होना कामयाबी का मूलमंत्र है। उन्होंने बताया कि पहले दोनों ने साथ एनडीए की तैयारी की। जब बड़े बेटे मंजीत का लेफ्टिनेंट के लिए चयन हो गया तो विवेक ने लेफ्टिनेंट बनने का सपना छोड़कर आईएएस बनने की ठानी। विरेंद्र आर्य के अनुसार विवेक ने मजाक में बड़े भाई अमित से कहा था कि आपसे बड़ा ऑफिसर बनकर सैल्यूट करवाऊंगा। उसकी यह बात अब सच हो गई है।

फोटो 36 आईएएस विवेक आर्य।- फोटो : CharkhiDadri