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Charkhi Dadri News: सीटें न दर्शाने पर विभाग ने 31 स्कूलों को जारी किया कारण बताओ नोटिस
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शहर स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जहां से सभी स्कूलों को जारी किया गया नोटिस।
चरखी दादरी। जिला शिक्षा विभाग की ओर से जिला के 31 निजी स्कूलों को 25 फीसदी आरक्षित सीटें न दर्शाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अब स्कूलों को जवाब देना होगा और ऐसा न करने पर स्कूल संचालन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग की ओर से सभी निजी स्कूलों को आरटीई अधिनियम 2011 के तहत 25 फीसदी आरक्षित सीटों की सूची जारी करने के निर्देश दिए गए थे और हर बार इनकी तारीख बढ़ाकर विभाग स्कूलों को मौका दे रहा है। फिर भी निजी स्कूल अपनी जिद्द पर अड़े हैं और विभागीय आदेशों का उल्लंघन कर अपनी मनमानी बरत रहे हैं।
विभाग ने अप्रैल के शुरुआत से ही निजी स्कूलों को आरक्षित सीटें दर्शाने और पोर्टल पर अपलोड करने के आदेश दिए थे। इसके बाद हर दिन विभाग ने तारीख आगे बढ़ाई और स्कूलों को मौका दिया गया। अब स्कूलों ने अमन नहीं किया तो विभाग ने सख्ती बरती है। निजी स्कूलों को आदेश पालन न करने पर नोटिस जारी किया गया है और सूची अपलोड न करने पर जवाब मांगा है।
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जिले में 100 के करीब निजी स्कूल हैं और 31 स्कूलों को छोड़कर सभी ने सूची अपलोड कर दी है। सभी स्कूलों की ओर से लिखित में जवाब मांगा गया है और इसकी सूचना विभाग की ओर से निदेशालय को दी जाएगी। इसमें जवाब से असंतुष्टि होने पर विभाग आगामी कार्रवाई अमल में लाएगा। फिलहाल स्कूलों को कुछ दिन का समय दिया गया है।
जानिये किस श्रेणी के लिए आरक्षित हैं 25 फीसदी सीटें
- ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की गरीबी रेखा से नीचे की नवीनतम सूची में आने वाले परिवार
- अनाथ विद्यार्थी।
- एचआईवी प्रभावित बच्चा।
- विशेष आवश्यकता वाला बच्चा।
- सैनिक विधवा की संतान।
वर्सन:
विभाग की ओर से निजी स्कूलों को सूची अपडेट करने के लिए कई बार समय दिया गया, लेकिन स्कूलों ने गंभीरता से नहीं लिया। इसके चलते विभाग ने 31 स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब जवाब न देने पर स्कूल संचालक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- कार्यकारी अधिकारी
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गौरतलब है कि शिक्षा विभाग की ओर से सभी निजी स्कूलों को आरटीई अधिनियम 2011 के तहत 25 फीसदी आरक्षित सीटों की सूची जारी करने के निर्देश दिए गए थे और हर बार इनकी तारीख बढ़ाकर विभाग स्कूलों को मौका दे रहा है। फिर भी निजी स्कूल अपनी जिद्द पर अड़े हैं और विभागीय आदेशों का उल्लंघन कर अपनी मनमानी बरत रहे हैं।
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विभाग ने अप्रैल के शुरुआत से ही निजी स्कूलों को आरक्षित सीटें दर्शाने और पोर्टल पर अपलोड करने के आदेश दिए थे। इसके बाद हर दिन विभाग ने तारीख आगे बढ़ाई और स्कूलों को मौका दिया गया। अब स्कूलों ने अमन नहीं किया तो विभाग ने सख्ती बरती है। निजी स्कूलों को आदेश पालन न करने पर नोटिस जारी किया गया है और सूची अपलोड न करने पर जवाब मांगा है।
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जिले में 100 के करीब निजी स्कूल हैं और 31 स्कूलों को छोड़कर सभी ने सूची अपलोड कर दी है। सभी स्कूलों की ओर से लिखित में जवाब मांगा गया है और इसकी सूचना विभाग की ओर से निदेशालय को दी जाएगी। इसमें जवाब से असंतुष्टि होने पर विभाग आगामी कार्रवाई अमल में लाएगा। फिलहाल स्कूलों को कुछ दिन का समय दिया गया है।
जानिये किस श्रेणी के लिए आरक्षित हैं 25 फीसदी सीटें
- ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की गरीबी रेखा से नीचे की नवीनतम सूची में आने वाले परिवार
- अनाथ विद्यार्थी।
- एचआईवी प्रभावित बच्चा।
- विशेष आवश्यकता वाला बच्चा।
- सैनिक विधवा की संतान।
वर्सन:
विभाग की ओर से निजी स्कूलों को सूची अपडेट करने के लिए कई बार समय दिया गया, लेकिन स्कूलों ने गंभीरता से नहीं लिया। इसके चलते विभाग ने 31 स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब जवाब न देने पर स्कूल संचालक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- कार्यकारी अधिकारी