फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Students will read 'Magic Box' in Bal Vatika

Charkhi Dadri News: बाल वाटिका में विद्यार्थी पढ़ेंगे ‘जादुई पिटारा’

Tue, 02 May 2023 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 02 May 2023 12:09 AM IST
विज्ञापन
Students will read 'Magic Box' in Bal Vatika
चरखी दादरी। राजकीय स्कूलों में खुल रही बाल वाटिकाओं में विद्यार्थियों को साढ़े चार घंटे में दो बार जलपान व मध्याह्न भोजन कराया जाएगा। इन छात्रों के लिए एनसीईआरटी ने जादुई पिटारा शीर्षक से विशेष शिक्षण सामग्री तैयार करवाई है। बाल वाटिका में छात्र संख्या को स्कूल की संख्या में शामिल माना जाएगा और उसी के अनुरूप नए पदों का सृजन किया जाएगा।
विज्ञापन

बता दे कि ये वाटिकाएं राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों में भी खुलनी हैं। स्कूल में पहली कक्षा को पढ़ाने वाले शिक्षक को ही यह दायित्व सौंपा जाएगा। ऐसे विद्यालय जहां छात्र संख्या अधिक है वहां अतिरिक्त सेक्शन बनाए जाएंगे। विभाग की ओर से बाल वाटिक में दाखिला प्रक्रिया देरी से शुरू करने की वजह से अधिकतर बच्चे प्राइवेट प्ले स्कूलों में दाखिल हो गए।
विज्ञापन

नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पांच साल से नीचे आयु के बच्चों के दाखिले बाल वाटिका में होने हैं। इन वाटिकाओं में छात्र शिक्षक का अनुपात 25:1 निर्धारित किया गया है। गत वर्ष जिस कक्ष में पहली कक्षा थी उस कक्षा को बाल वाटिका के लिए आवंटित किया जाएगा। उसी के अनुसार विकास योजना तैयार की जाएगी। इतना ही नहीं, बाल वाटिका का समय विद्यालय आरंभ होने के साथ ही होगा ताकि ऐसे बालक अपने भाई-बहन के साथ स्कूल पहुंच सकें। इनका पठन-पाठन समय, खेलकूद गतिविधि, मध्याह्न भोजन सहित कुल चार घंटे का समय रहेगा जिसमें दो बार जलपान व मध्याह्न भोजन का अंतराल भी होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

- ये भी मिलेगी सुविधा
शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत इन विद्यार्थियों को पुस्तकें, भोजन, वर्दी आदि निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इन छात्रों के लिए एनसीईआरटी ने जादुई पिटारा शीर्षक से शिक्षण सामग्री तैयार की है ताकि खेल गतिविधियों के माध्यम से इनका शिक्षण कराया जा सके। इनको पढ़ाने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इन छात्रों के संज्ञानात्मक, भावात्मक, शारीरिक क्षमता, प्रारंभिक साक्षर व संख्या ज्ञान पर ज्यादा बल दिया जाएगा।
- आंगनबाड़ी केंद्र की कमी दूर करेगी वाल वाटिका
बाल वाटिका को विद्या प्रवेश भी नाम दिया गया है। जिन राजकीय स्कूलों के परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है उनमें बाल वाटिका कक्षाएं लगनी हैं। इसके लिए विभाग के निदेशालय की ओर से शिक्षण सुविधाओं व जरूरतों का विवरण भी मांगा गया है ताकि शिक्षण में किसी प्रकार का कोई व्यवधान न आए।

बाल वाटिका शिक्षा विभाग व सरकार की सराहनीय योजना है। पांच वर्ष तक बालक का समुचित विकास हो सकेगा। उसके बाद स्कूल में प्रवेश कर सकेगा। इन बालकों को सभी शिक्षण सुविधाएं देने की दिशा में विभाग काम कर रहा है।
-जलधीर सिंह, डीपीसी, शिक्षा विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed