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Charkhi Dadri News: कथा में श्रीराम के विवाह का किया मार्मिक चित्रण
Thu, 18 Apr 2024 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 18 Apr 2024 12:51 AM IST
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चरखी दादरी के बड़ा हनुमान मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा में प्रवचन करते स्वामी प्रणव पुरी महाराज
चरखी दादरी। नगर में कीकरवासनी क्षेत्र स्थित बड़ा हनुमान मंदिर में श्रीहनुमान जन्मोत्सव पर श्रीराम कथा आयोजित की जा रही है। इसके पांचवें दिन कथावाचक स्वामी प्रणवपुरी ने राम के विवाह का मार्मिक चित्रण किया। कथा में स्वामी ने बताया कि मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की पंचमी को श्रीराम का विवाहोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि त्रेता युग में पृथ्वी पर राक्षसों का अत्याचार अपने चरम पर था। उस समय मुनि विश्वामित्र अपने यज्ञ की रक्षा करने के उद्देश्य से अयोध्या के राजा दशरथ से उनके पुत्रों राम और लक्ष्मण को मांग कर ले गए। यज्ञ की समाप्ति के बाद विश्वामित्र को जनकपुरी के रास्ते से वापसी में जनक की पुत्री सीता के स्वयंवर की जानकारी मिली। मुनि, राम और लक्ष्मण को लेकर स्वयंवर में पधारे। सीता स्वयंवर में राजा जनक ने कहा कि जो भी योद्धा शिवजी का धनुष तोड़ेगा उसके साथ सीता का विवाह किया जाएगा। इस दौरान कथा में शिव धनुष के टूटने के कारण भगवान परशुराम के क्रोध का प्रसंग भी बताया गया।
कथा में प्रभु सीताराम के विवाह का वर्णन सुन कर श्रोता भावविभोर हो गए। इस दौरान मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अधिवक्ता जीतराम गुप्ता, राकेश अरोड़ा, मनोज जांगिड़, प्रेमप्रकाश जांगड़ा, अजय वशिष्ठ, जयप्रकाश कौशिक, प्रह्लाद शर्मा, संजय छपारिया, केशव राज पंत, विशाल वशिष्ठ आदि ने सहयोग किया।
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उन्होंने बताया कि त्रेता युग में पृथ्वी पर राक्षसों का अत्याचार अपने चरम पर था। उस समय मुनि विश्वामित्र अपने यज्ञ की रक्षा करने के उद्देश्य से अयोध्या के राजा दशरथ से उनके पुत्रों राम और लक्ष्मण को मांग कर ले गए। यज्ञ की समाप्ति के बाद विश्वामित्र को जनकपुरी के रास्ते से वापसी में जनक की पुत्री सीता के स्वयंवर की जानकारी मिली। मुनि, राम और लक्ष्मण को लेकर स्वयंवर में पधारे। सीता स्वयंवर में राजा जनक ने कहा कि जो भी योद्धा शिवजी का धनुष तोड़ेगा उसके साथ सीता का विवाह किया जाएगा। इस दौरान कथा में शिव धनुष के टूटने के कारण भगवान परशुराम के क्रोध का प्रसंग भी बताया गया।
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कथा में प्रभु सीताराम के विवाह का वर्णन सुन कर श्रोता भावविभोर हो गए। इस दौरान मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अधिवक्ता जीतराम गुप्ता, राकेश अरोड़ा, मनोज जांगिड़, प्रेमप्रकाश जांगड़ा, अजय वशिष्ठ, जयप्रकाश कौशिक, प्रह्लाद शर्मा, संजय छपारिया, केशव राज पंत, विशाल वशिष्ठ आदि ने सहयोग किया।
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