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Charkhi Dadri News: नागरिक अस्पताल और 3 सीएचसी में जल्द लगेंगे अत्याधुनिक डीआर सिस्टम, कंप्यूटर स्क्रीन पर तुरंत दिखेगी एक्स-रे रिपोर्ट
Tue, 02 Jun 2026 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 02 Jun 2026 11:35 PM IST
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जिला नागरिक अस्पताल स्थित एक्स-रे कक्ष में रखी मशीन। फाइल फोटो
चरखी दादरी। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को हाईटेक बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। चरखी दादरी के नागरिक अस्पताल सहित बौंद कलां, झोझू कलां और गोपी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में जल्द ही एक्स-रे सुविधाओं को आधुनिक किया जाएगा। विभाग ने इन सभी केंद्रों पर डिजिटल रेडियोग्राफी (डीआर) सिस्टम लगाने की मंजूरी दे दी है। इस नई तकनीक के आने से मरीजों को बेहद कम समय में सटीक और बेहतर जांच सुविधा मिल सकेगी।
पारंपरिक डार्क रूम तकनीक का होगा खात्मा
वर्तमान में जिला नागरिक अस्पताल में कैसेट आधारित पुरानी एक्स-रे मशीन काम कर रही है जबकि तीनों सीएचसी में अभी भी पुरानी डार्क रूम तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस पारंपरिक तरीके से एक्स-रे फिल्म को विकसित (डेवलप) करने में न केवल काफी समय बर्बाद होता है बल्कि कई बार प्रिंट साफ न आने के कारण मरीजों को दोबारा एक्स-रे करवाना पड़ता है। नया डीआर सिस्टम आने से यह पूरी जटिल प्रक्रिया खत्म हो जाएगी।
सिविल अस्पताल की मशीन पर घटेगा दबाव
नागरिक अस्पताल में हर दिन औसतन 250 से अधिक एक्स-रे किए जाते हैं। लगातार लोड रहने के कारण मौजूदा मशीन अक्सर गर्म हो जाती है जिससे जांच का काम बीच में ही रोकना पड़ता है और मरीजों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। नई डिजिटल तकनीक की कार्यक्षमता इतनी अधिक है कि बिना रुके कम समय में पहले से दोगुनी संख्या में जांचें की जा सकेंगी।
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डीआर तकनीक के फायदे
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार डिजिटल रेडियोग्राफी (डीआर) सिस्टम पारंपरिक एक्स-रे के मुकाबले कई गुना उन्नत है। इस तकनीक से एक्स-रे होते ही तस्वीर सीधे कंप्यूटर स्क्रीन पर आ जाती है जिससे मरीजों को रिपोर्ट के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस तकनीक से हड्डियों, जोड़ों और शरीर की आंतरिक संरचनाओं की बेहद स्पष्ट तस्वीरें मिलती हैं जिससे डॉक्टरों को सटीक बीमारी पकड़ने में आसानी होती है।डीआर सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मरीज को बहुत कम रेडिएशन डोज से गुजरना पड़ेगा जो सेहत के लिहाज से बेहद सुरक्षित है।
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नागरिक अस्पताल और तीन सीएचसी में डीआर सिस्टम की मुख्यालय से मंजूरी मिल चुकी है। मुख्यालय की ओर से ही डीआर सिस्टम भिजवाए जाएंगे। डीआर सिस्टम शुरू होने से मरीजों को आधुनिक एवं तेज एक्स-रे जांच सुविधा उपलब्ध होगी। - डॉ. राहुल अरोड़ा, डिप्टी सिविल सर्जन, चरखी दादरी।
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पारंपरिक डार्क रूम तकनीक का होगा खात्मा
वर्तमान में जिला नागरिक अस्पताल में कैसेट आधारित पुरानी एक्स-रे मशीन काम कर रही है जबकि तीनों सीएचसी में अभी भी पुरानी डार्क रूम तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस पारंपरिक तरीके से एक्स-रे फिल्म को विकसित (डेवलप) करने में न केवल काफी समय बर्बाद होता है बल्कि कई बार प्रिंट साफ न आने के कारण मरीजों को दोबारा एक्स-रे करवाना पड़ता है। नया डीआर सिस्टम आने से यह पूरी जटिल प्रक्रिया खत्म हो जाएगी।
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सिविल अस्पताल की मशीन पर घटेगा दबाव
नागरिक अस्पताल में हर दिन औसतन 250 से अधिक एक्स-रे किए जाते हैं। लगातार लोड रहने के कारण मौजूदा मशीन अक्सर गर्म हो जाती है जिससे जांच का काम बीच में ही रोकना पड़ता है और मरीजों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। नई डिजिटल तकनीक की कार्यक्षमता इतनी अधिक है कि बिना रुके कम समय में पहले से दोगुनी संख्या में जांचें की जा सकेंगी।
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डीआर तकनीक के फायदे
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार डिजिटल रेडियोग्राफी (डीआर) सिस्टम पारंपरिक एक्स-रे के मुकाबले कई गुना उन्नत है। इस तकनीक से एक्स-रे होते ही तस्वीर सीधे कंप्यूटर स्क्रीन पर आ जाती है जिससे मरीजों को रिपोर्ट के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस तकनीक से हड्डियों, जोड़ों और शरीर की आंतरिक संरचनाओं की बेहद स्पष्ट तस्वीरें मिलती हैं जिससे डॉक्टरों को सटीक बीमारी पकड़ने में आसानी होती है।डीआर सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मरीज को बहुत कम रेडिएशन डोज से गुजरना पड़ेगा जो सेहत के लिहाज से बेहद सुरक्षित है।
नागरिक अस्पताल और तीन सीएचसी में डीआर सिस्टम की मुख्यालय से मंजूरी मिल चुकी है। मुख्यालय की ओर से ही डीआर सिस्टम भिजवाए जाएंगे। डीआर सिस्टम शुरू होने से मरीजों को आधुनिक एवं तेज एक्स-रे जांच सुविधा उपलब्ध होगी। - डॉ. राहुल अरोड़ा, डिप्टी सिविल सर्जन, चरखी दादरी।