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Charkhi Dadri News: फार्मासिस्ट है गिरोह का सरगना नवीन, महम में चलाता है दो मेडिकल स्टोर
Sat, 24 Aug 2024 05:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 24 Aug 2024 05:31 AM IST
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15 दिन पहले ही आरोपियों ने धड़ाधड़ वारदात करने के लिए बनाया था गिरोह, महम की दो महिलाएं भी गिरोह से जुड़ीं, वारदात के समय एक को पहनाते थे पुलिस की वर्दी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता बनकर प्रदेश के पांच जिलों में मेडिकल स्टोर संचालकों से रुपये ऐंठने वाले गिरोह का सरगना मोखरा निवासी नवीन उर्फ मोनू है। 12वीं पास नवीन पेशे से फार्मासिस्ट है। महम में उसके दो मेडिकल स्टोर हैं। जल्दी रुपये कमाने के चक्कर में उसने गिरोह बनाया। 15 दिन के अंदर पांच जिलों में छह वारदात कर डाली। दादरी जिले में छह दिन के अंतराल पर दो वारदात करने पर सीआईए इस गिरोह तक पहुंच गई।
गिरोह में दो महिलाओं समेत छह लोग हैं। एक महिला को वारदात के समय पुलिस की वर्दी पहनाई जाती थी ताकि कोई शक न कर सके। वहीं, गिरोह के गुर्गाें की पहचान उजागर न हो, इसके लिए सभी मुंह पर मास्क लगाए रखते थे। दिखावे के लिए उनके हाथ में फाइलें होती थीं। दो में से एक गाड़ी पर वे नीली बत्ती लगाकर रखते थे। इतना ही नहीं, वारदात के समय टाटा हैरियर और फोक्सवैगन गाड़ी पर वे चंडीगढ़ की नंबर प्लेट लगाते थे।
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पुलिस सूत्रों की मानें तो गिरफ्तार किया गया गिरोह का सरगना नवीन उर्फ मोनू 12वीं पास है। इसके बाद वह फार्मासिस्ट बन गया। उसे दवाओं की जानकारी है। उसे अच्छे से पता है कि मेडिकल स्टोर पर रखीं कौन-सी दवाएं प्रतिबंधित हैं। इसका फायदा उठाकर ही उसने अलग-अलग जिलों के मेडिकल स्टोर पर दबिश देकर रुपये ऐंठने की योजना तैयार की।
दादरी, रोहतक, रेवाड़ी, झज्जर और भिवानी जिलाें में पांच जगहों पर यह गिरोह वारदात करने में सफल रहा। वहीं, सूत्रों की मानें तो 15 दिन पहले ही यह गिरोह बना। इसके बाद उन्होंने धड़ाधड़ वारदात कर डाली। अभी इस मामले में दो महिलाओं समेत तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है।
- नवीन के मेडिकल स्टोर पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने मारा था छापा, तब सूझी योजना
सूत्रों की मानें तो नवीन महम में दो मेडिकल स्टोर चलाता है। उसके मेडिकल स्टोर पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने कुछ समय पहले छापा मारा था। यह देखकर उसे गिरोह बनाकर रुपये ऐंठने की योजना सूझी। बाद में उसने दो महिलाओंं समेत पांच लोगों को गिरोह में जुड़ने के लिए राजी कर लिया।
- एक गाड़ी नवीन के नाम तो दूसरी ताऊ के बेटे के नाम
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि जिन दो गाड़ियों में वे वारदात करते थे, उनमें से एक नवीन के नाम पर है जबकि दूसरी उसके ताऊ के बेटे के नाम से है। वारदात के समय दोनों गाड़ियों पर वे फर्जी नंबर प्लेट लगा लेते थे।
- दादरी जिले में 16 और 21 अगस्त को की वारदात
इस गिरोह ने दादरी जिले में पहली वारदात 16 अगस्त को सांवड़ गांव स्थित शर्मा मेडिकल स्टोर पर की। वहां खुद को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता बताकर गिरोह सरगना व गुर्गे 27 हजार रुपये ऐंठ ले गए थे। इसके बाद 21 अगस्त को उन्होंने बाढड़ा स्थित मेडिकल स्टोर पर दबिश दी। हालांकि, वहां मेडिकल स्टोर संचालक उनके मंसूबे भांप गया और वहां से उन्हें फरार होना पड़ा। बाढड़ा मेडिकल स्टोर संचालक ने उनकी मास्क हटवाकर वीडियो भी बना डाला। इससे पुलिस को उनकी पहचान कर पकड़ने में मदद मिली।
वर्सन=
गिरोह कैसे बना और इसमें शामिल महिलाएं कौन हैं। इसके संबंध में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। पुलिस की वर्दी और फर्जी नंबर प्लेट आरोपी कहां से लेकर आए। इसका पता पूछताछ के बाद ही चलेगा। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। इस गिरोह का सरगना नवीन उर्फ मोनू है।
-धीरज कुमार, डीएसपी हेडक्वार्टर, दादरी
फोटो 03
गिरोह सरगना से बरामद दोनों गाड़ियों के साथ दादरी सीआईए टीम। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता बनकर प्रदेश के पांच जिलों में मेडिकल स्टोर संचालकों से रुपये ऐंठने वाले गिरोह का सरगना मोखरा निवासी नवीन उर्फ मोनू है। 12वीं पास नवीन पेशे से फार्मासिस्ट है। महम में उसके दो मेडिकल स्टोर हैं। जल्दी रुपये कमाने के चक्कर में उसने गिरोह बनाया। 15 दिन के अंदर पांच जिलों में छह वारदात कर डाली। दादरी जिले में छह दिन के अंतराल पर दो वारदात करने पर सीआईए इस गिरोह तक पहुंच गई।
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गिरोह में दो महिलाओं समेत छह लोग हैं। एक महिला को वारदात के समय पुलिस की वर्दी पहनाई जाती थी ताकि कोई शक न कर सके। वहीं, गिरोह के गुर्गाें की पहचान उजागर न हो, इसके लिए सभी मुंह पर मास्क लगाए रखते थे। दिखावे के लिए उनके हाथ में फाइलें होती थीं। दो में से एक गाड़ी पर वे नीली बत्ती लगाकर रखते थे। इतना ही नहीं, वारदात के समय टाटा हैरियर और फोक्सवैगन गाड़ी पर वे चंडीगढ़ की नंबर प्लेट लगाते थे।
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पुलिस सूत्रों की मानें तो गिरफ्तार किया गया गिरोह का सरगना नवीन उर्फ मोनू 12वीं पास है। इसके बाद वह फार्मासिस्ट बन गया। उसे दवाओं की जानकारी है। उसे अच्छे से पता है कि मेडिकल स्टोर पर रखीं कौन-सी दवाएं प्रतिबंधित हैं। इसका फायदा उठाकर ही उसने अलग-अलग जिलों के मेडिकल स्टोर पर दबिश देकर रुपये ऐंठने की योजना तैयार की।
दादरी, रोहतक, रेवाड़ी, झज्जर और भिवानी जिलाें में पांच जगहों पर यह गिरोह वारदात करने में सफल रहा। वहीं, सूत्रों की मानें तो 15 दिन पहले ही यह गिरोह बना। इसके बाद उन्होंने धड़ाधड़ वारदात कर डाली। अभी इस मामले में दो महिलाओं समेत तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है।
- नवीन के मेडिकल स्टोर पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने मारा था छापा, तब सूझी योजना
सूत्रों की मानें तो नवीन महम में दो मेडिकल स्टोर चलाता है। उसके मेडिकल स्टोर पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने कुछ समय पहले छापा मारा था। यह देखकर उसे गिरोह बनाकर रुपये ऐंठने की योजना सूझी। बाद में उसने दो महिलाओंं समेत पांच लोगों को गिरोह में जुड़ने के लिए राजी कर लिया।
- एक गाड़ी नवीन के नाम तो दूसरी ताऊ के बेटे के नाम
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि जिन दो गाड़ियों में वे वारदात करते थे, उनमें से एक नवीन के नाम पर है जबकि दूसरी उसके ताऊ के बेटे के नाम से है। वारदात के समय दोनों गाड़ियों पर वे फर्जी नंबर प्लेट लगा लेते थे।
- दादरी जिले में 16 और 21 अगस्त को की वारदात
इस गिरोह ने दादरी जिले में पहली वारदात 16 अगस्त को सांवड़ गांव स्थित शर्मा मेडिकल स्टोर पर की। वहां खुद को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता बताकर गिरोह सरगना व गुर्गे 27 हजार रुपये ऐंठ ले गए थे। इसके बाद 21 अगस्त को उन्होंने बाढड़ा स्थित मेडिकल स्टोर पर दबिश दी। हालांकि, वहां मेडिकल स्टोर संचालक उनके मंसूबे भांप गया और वहां से उन्हें फरार होना पड़ा। बाढड़ा मेडिकल स्टोर संचालक ने उनकी मास्क हटवाकर वीडियो भी बना डाला। इससे पुलिस को उनकी पहचान कर पकड़ने में मदद मिली।
वर्सन=
गिरोह कैसे बना और इसमें शामिल महिलाएं कौन हैं। इसके संबंध में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। पुलिस की वर्दी और फर्जी नंबर प्लेट आरोपी कहां से लेकर आए। इसका पता पूछताछ के बाद ही चलेगा। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। इस गिरोह का सरगना नवीन उर्फ मोनू है।
-धीरज कुमार, डीएसपी हेडक्वार्टर, दादरी
फोटो 03
गिरोह सरगना से बरामद दोनों गाड़ियों के साथ दादरी सीआईए टीम। संवाद