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Charkhi Dadri News: सरकारी भवनों में लगेंगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
Tue, 10 Feb 2026 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 10 Feb 2026 12:02 AM IST
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समीक्षा बैठक में मौजूद उपायुक्त व अन्य अधिकारी।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। उपायुक्त डाॅ. नागपाल सोमवार को अपने कार्यालय में जल शक्ति अभियान के तहत जल संचय जन भागीदारी से जन जागरूकता की ओर, की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पानी जैसे प्राकृतिक संसाधन हमारे लिए उपहार नहीं हैं, बल्कि अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए हमारे ऊपर ऋण है। इन संसाधनों का अंधाधुंध प्रयोग खतरनाक हो सकता है। ऐसे में सभी को पानी को बचाने के लिए आगे आने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि हमें विरासत में पानी जैसे प्राकृतिक संसाधन मिलें हैं लेकिन ये हमारे लिए उपहार ना होकर ऋण की तरह हैं, जिसे हमें अगली पीढ़ी को लौटाना है। पानी के बिना जीवन की कल्पना तक नहीं की जा सकती है। फिर भी हर ओर पानी का अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है। जोकि किसी भी हाल में सही नहीं है। ऐसे में सभी को मिलकर पानी को बचाने के लिए आगे आना होगा और प्रत्येक विकल्प पर काम करना होगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि जल शक्ति अभियान के अंतर्गत संबंधित विभागों की ओर से किया गया काम पोर्टल पर अपलोड किया जाए। अधिकतर विभागों की ओर से अभी तक जल शक्ति अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों की रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। वर्षा जल संग्रहण के लिए सरकारी स्कूलों के भवन परिसरों में सोखते गड्ढे खुदवा कर उनकी फोटो पोर्टल पर अपलोड की जाए। इसी प्रकार पंचायत विभाग भी गांवों में सोखते गड्ढे खुदवाए व ग्रामीणों को अपने घर के आगे भी वेस्ट पानी के लिए सोखता गड्ढा खोदने के लिए प्रेरित करें। आम लोगों को भी बारिश का पानी एकत्रित करने के लिए जागरूक किया जाए।
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उन्होंने कहा कि जिले के झोझू, दादरी, बौंद और बाढड़ा प्रत्येक खंड के सरकारी भवनों व स्कूल भवनों में वर्षा जल संरक्षण के लिए वाटर टैंक व सोखते गड्ढे के निर्माण का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। जिससे भूजलस्तर में सुधार हो सके। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने के लिए सरकारी बिल्डिंग की छतों की सफाई करवा कर और पाइपलाइन बिछाकर पानी को वाटर स्टोरेज टैंक में इकट्ठा किया जाए व ओवरफ्लो पानी को एक अलग सोखते गड्ढे में डाला जाए, जिससे कि भूजल का लेवल सुधारा जा सकेगा। वाटर टैंक के पानी को बागवानी या सफाई के कार्य में बाद में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसके अलावा जिले की पहाड़ियों में बारिश का पानी जमा करने के लिए विशेष तौर पर बांध बनाए जाएं। उन्होंने आम नागरिकों से भी जलसंरक्षण के लिए जल शक्ति अभियान में भागीदारी करने की अपील की है।
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उन्होंने कहा कि हमें विरासत में पानी जैसे प्राकृतिक संसाधन मिलें हैं लेकिन ये हमारे लिए उपहार ना होकर ऋण की तरह हैं, जिसे हमें अगली पीढ़ी को लौटाना है। पानी के बिना जीवन की कल्पना तक नहीं की जा सकती है। फिर भी हर ओर पानी का अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है। जोकि किसी भी हाल में सही नहीं है। ऐसे में सभी को मिलकर पानी को बचाने के लिए आगे आना होगा और प्रत्येक विकल्प पर काम करना होगा।
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उन्होंने निर्देश दिए कि जल शक्ति अभियान के अंतर्गत संबंधित विभागों की ओर से किया गया काम पोर्टल पर अपलोड किया जाए। अधिकतर विभागों की ओर से अभी तक जल शक्ति अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों की रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। वर्षा जल संग्रहण के लिए सरकारी स्कूलों के भवन परिसरों में सोखते गड्ढे खुदवा कर उनकी फोटो पोर्टल पर अपलोड की जाए। इसी प्रकार पंचायत विभाग भी गांवों में सोखते गड्ढे खुदवाए व ग्रामीणों को अपने घर के आगे भी वेस्ट पानी के लिए सोखता गड्ढा खोदने के लिए प्रेरित करें। आम लोगों को भी बारिश का पानी एकत्रित करने के लिए जागरूक किया जाए।
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उन्होंने कहा कि जिले के झोझू, दादरी, बौंद और बाढड़ा प्रत्येक खंड के सरकारी भवनों व स्कूल भवनों में वर्षा जल संरक्षण के लिए वाटर टैंक व सोखते गड्ढे के निर्माण का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। जिससे भूजलस्तर में सुधार हो सके। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने के लिए सरकारी बिल्डिंग की छतों की सफाई करवा कर और पाइपलाइन बिछाकर पानी को वाटर स्टोरेज टैंक में इकट्ठा किया जाए व ओवरफ्लो पानी को एक अलग सोखते गड्ढे में डाला जाए, जिससे कि भूजल का लेवल सुधारा जा सकेगा। वाटर टैंक के पानी को बागवानी या सफाई के कार्य में बाद में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसके अलावा जिले की पहाड़ियों में बारिश का पानी जमा करने के लिए विशेष तौर पर बांध बनाए जाएं। उन्होंने आम नागरिकों से भी जलसंरक्षण के लिए जल शक्ति अभियान में भागीदारी करने की अपील की है।