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Charkhi Dadri News: योजनाएं बनीं, नंदीशालाएं खुलीं....गोवंश फिर भी सड़कों पर

Sun, 15 Sep 2024 05:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sun, 15 Sep 2024 05:11 AM IST
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problem of free govansh
चुनाव पेज मुद्दा::
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शहर में घूम रहे 500 से अधिक गोवंश, एकमात्र नंदीशाला चल रही है, वह भी लोगों के सहारे

पिछले तीन साल के अंदर गोवंशों से हुए हादसों में पांच लोग गंवा चुके हैं जान, शहर को कैटल फ्री बनाने की योजना सात साल बाद भी अधूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहर और गांवों को छुट्टा पशुओं से मुक्त बनाने के लिए सात साल पहले नंदीशालाएं बनीं। योजना बनी कि छुट्टा पशुओं को इनमें रखा जाएगा। कागज में वर्ष 2019 में ही दादरी शहर कैटल (छुट्टा पशु) मुक्त हो चुका है। स्थिति यह है कि जितने गोवंश नंदीशालाओं में नहीं हैं, उससे कहीं अधिक सड़कों और गलियों में दिख रहे हैं। आएदिन ये हादसों के कारण तो बन ही रहे हैं, फसल चटकर किसानों की गाढ़ी मेहनत पर भी पानी फेर रहे हैं। इस चुनाव में छुट्टा पशुओं से मुक्ति भी प्रमुख मुद्दा है।
जिम्मेदारों की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। सड़कों और गलियों में सांड़ों की लड़ाई आम बात है। इस दौरान हादसों की भी आशंका बनी रहती है। जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारी लोगों को इस समस्या से राहत नहीं दिला पा रहे हैं। छुट्टा पशुओं के हमलों में कई लोग घायल हो चुके हैं।
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गोवंशों से जिन परिवारों को जीवन भर का दर्द मिला है, उनके लिए चुनाव के समय इससे बड़ा मुद्दा कोई नहीं है। पिछले तीन सालों की बात करें तो शहर में गोवंशों से हुए हादसों में पांच लोगों की मौत हो चुकी हैं, जिनमें दो युवा भी शामिल हैं। पिछले हादसे के बाद नगर परिषद ने गोवंश पकड़ो अभियान भी चलाया, लेकिन, मुहिम अंजाम तक नहीं पहुंच पाई।
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- सामाजिक संस्थाओं और शहरवासियों के भरोसे इकलौती नंदीशाला
शहर में गोवंशों के लिए अग्रसेन धर्मशाला के सामने एक नंदीशाला बनाई गई है। अब नंदीशाला सामाजिक संस्थाओं और शहरवासियों पर निर्भर है। पहले संचालन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन ने नगर परिषद और मार्केट कमेटी को दी थी।

- शहर में सड़कों पर घूम रहे 500 गोवंश
नंदीशाला में करीब 250 गोवंश हैं। इनके चारा का प्रबंध सामाजिक लोग करते हैं। नंदीशाला में कुछ व्यवस्था में प्रशासन ने थोड़ा सहयोग किया है, लेकिन, अब सारा दारोमदार जनसंगठनों पर है। शहर की सड़कों और गलियों में इस समय 500 से अधिक गोवंश घूम रहे हैं।




- हादसों का शिकार बनने से गोवंश भी तोड़ रहे दम
जिले में सड़क हादसों और बिजली का करंट लगने से गोवंशों की मौत के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले छह माह में हुए अलग-अलग हादसों में करीब 200 गोवंशों की मौत हुई है। गोभक्त मौके पर पहुंचकर अपने स्तर पर ही इन गोवंशों को दफना देते हैं।



लोग बोले : छुट्टा गोवंश बड़ी समस्या, प्रशासन कराए समाधान
शहरवासी ललित, मनोज, जयसिंह, मोहनलाल, संजय, मोहित, दिनेश और रवि का कहना है कि गोवंश बड़ी समस्या है। कई बार तो गोवंश लड़ते हुए दुकानों के अंदर तक घुस जाते हैं। हर नागरिक इस समस्या से जूझ रहा है। प्रशासन को तत्परता से इस समस्या का समाधान करवाकर लोगों को राहत देनी चाहिए।


फोटो 05
अग्रसेन धर्मशाला के सामने बनी नंदीशाला । संवाद
फोटो 06
शहर में सड़क पर घूमते गोवंश। संवाद

फोटो 07
शहर में सड़क पर लड़ते गोवंश। संवाद
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