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Charkhi Dadri News: विकास की राह में बिछे हादसों के गड्ढे
Thu, 09 Jul 2026 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 09 Jul 2026 01:10 AM IST
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रोहतक रोड आरओबी निर्माणाधीन क्षेत्र में बने पिल्लर बॉक्स के पास खुले पड़े गड्ढें।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। शहर के रोहतक रोड रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन आरओबी के लिए खोदे गए पिलर बॉक्स के गहरे गड्ढे बिना बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतों के खुले छोड़ दिए गए हैं जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं लेकिन रात के समय गड्ढे दिखाई न देने से विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की है। उन्होंने जिला प्रशासन से गड्ढों के आसपास बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
हजारों वाहनों का होता है आवागमन
रोहतक रोड शहर के साथ लगते दर्जन भर गांवों के हजारों ग्रामीण जरूरी खरीदारी करने या अन्य कार्यों के लिए इसी मार्ग से आवागमन होता है। यहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। स्कूल बसें, एंबुलेंस, यात्री वाहन और दुपहिया वाहन चालक इसी रास्ते से गुजरते हैं। इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव रहता है ऐसे में इन खुले गड्ढों के कारण जाम की स्थिति भी बनी रहती है।
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पिछले कुछ महीनों में इस मार्ग पर मामूली दुर्घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें दोपहिया वाहन चालक और ई-रिक्शा चालक गड्ढों के कारण अनियंत्रित होकर गिरते रहते हैं। गनीमत रही कि अब तक कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। अगर समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो बड़ा हादसा होने की अधिक आशंका बनी रहेगी।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की है। उन्होंने जिला प्रशासन से गड्ढों के आसपास बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
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हजारों वाहनों का होता है आवागमन
रोहतक रोड शहर के साथ लगते दर्जन भर गांवों के हजारों ग्रामीण जरूरी खरीदारी करने या अन्य कार्यों के लिए इसी मार्ग से आवागमन होता है। यहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। स्कूल बसें, एंबुलेंस, यात्री वाहन और दुपहिया वाहन चालक इसी रास्ते से गुजरते हैं। इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव रहता है ऐसे में इन खुले गड्ढों के कारण जाम की स्थिति भी बनी रहती है।
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पिछले कुछ महीनों में इस मार्ग पर मामूली दुर्घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें दोपहिया वाहन चालक और ई-रिक्शा चालक गड्ढों के कारण अनियंत्रित होकर गिरते रहते हैं। गनीमत रही कि अब तक कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। अगर समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो बड़ा हादसा होने की अधिक आशंका बनी रहेगी।