{"_id":"5f9db0008ebc3e9b85057aaf","slug":"organization-suspended-bjp-treasurer-for-six-years-charkhidadri-news-rtk5809340116","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा कोषाध्यक्ष को छह साल के लिए संगठन ने किया निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा कोषाध्यक्ष को छह साल के लिए संगठन ने किया निलंबित
विज्ञापन
Organization suspended BJP treasurer for six years
- फोटो : CharkhiDadri
अविश्वास प्रस्ताव के लिए हुए मतदान में भाजपा समर्थित नगर परिषद चेयरमैन के खिलाफ वोटिंग करने के आरोप में संगठन ने जिला कोषाध्यक्ष रविंद्र गुप्ता को छह साल के लिए निष्काषित किया है। रविंद्र गुप्ता 1980 से भाजपा से जुड़े हुए हैं और वे वार्ड छह से पार्षद के अलावा नगर व्यापार मंडल के कार्यकारी प्रधान भी हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष सतेंद्र परमार ने उनके निष्कासन की पुष्टि की है। परमार का कहना है कि संगठन ने अनुशासनहीनता के चलते यह कार्रवाई की है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को चेयरमैन संजय छपारिया के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए एसडीएम की मौजूदगी में पार्षदों के बीच मतदान करवाया गया था। पार्षद एवं भाजपा जिला कोषाध्यक्ष रविंद्र गुप्ता भाजपा समर्थित चेयरमैन के खिलाफ थे। उन्होंने न केवल अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए शपथ पत्र सौंपा, बल्कि 30 अक्तूबर को चेयरमैन के खिलाफ मतदान भी किया।
सूत्रों के अनुसार वोटिंग के बाद चेयरमैन संजय छपारिया ने इसकी शिकायत जिला अध्यक्ष सतेंद्र परमार, प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ और प्रदेश महामंत्री संदीप जोशी से की थी। इसके अगले ही दिन जिला अध्यक्ष ने रविंद्र गुप्ता के निष्कासन के आदेश जारी कर दिए। जिला अध्यक्ष सतेंद्र परमार ने बताया कि संगठन के आदेशों पर यह फैसला लिया गया है। रविंद्र गुप्ता 1980 से भाजपा से जुड़े हुए हैं और 1987 में उन्होंने संगठन के चिह्न पर विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। इस समय वे पार्षद के अलावा नगर व्यापार मंडल के कार्यकारी प्रधान भी हैं।
विज्ञापन
चेयरमैन के खिलाफ न जाने के लिए भाजपा दिग्गजों ने की थी बात
भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव की वोटिंग से पहले भाजपा प्रदेश महामंत्री, प्रदेश अध्यक्ष के अलावा जिला अध्यक्ष ने भी रविंद्र गुप्ता से चेयरमैन संजय छपारिया और भाजपा के खिलाफ वोट न डालने की भी अपील की थी, जिसे रविंद्र गुप्ता ने अनसुना कर दिया।
भाजपा जिला अध्यक्ष सतेंद्र परमार और रविंद्र गुपता आमने-सामने
संगठन के खिलाफ गए रविंद्र गुप्ता, इसलिए किया निष्कासन : सतेंद्र परमार
रविंद्र गुप्ता ने संगठन की बजाय अपने स्वार्थों को ज्यादा तवज्जो दी और भाजपा समर्थित चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का षड्यंत्र रचा। अनुशासन तोड़ने के लिए ही संगठन के आदेशों पर उन्हें जिला कोषाध्यक्ष के पद से निष्काषित किया गया है। इस संबंध में नप चेयरमैन संजय छपारिया ने मुझे सुबूतों के साथ शिकायत दी थी।
निष्कासन करने वाले नहीं, मैं हूं असली भाजपाई : रविंद्र गुप्ता
रविंद्र गुप्ता का कहना है कि मैं पिछले 40 साल से भाजपा से जुड़ा हुआ हूं। संगठन के अच्छे और बुरे दौर में मैं साथ रहा। 1987 में पार्टी के चिह्न पर मैंने चुनाव लड़ा था। निष्काषित करने वाले नहीं, बल्कि मैं असली भाजपाई हूं। संगठन की लंबे समय तक सेवा करने के बाद मेरे खिलाफ जो यह कदम उठाया गया, उसके लिए आभार।
विज्ञापन
गौरतलब है कि शुक्रवार को चेयरमैन संजय छपारिया के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए एसडीएम की मौजूदगी में पार्षदों के बीच मतदान करवाया गया था। पार्षद एवं भाजपा जिला कोषाध्यक्ष रविंद्र गुप्ता भाजपा समर्थित चेयरमैन के खिलाफ थे। उन्होंने न केवल अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए शपथ पत्र सौंपा, बल्कि 30 अक्तूबर को चेयरमैन के खिलाफ मतदान भी किया।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार वोटिंग के बाद चेयरमैन संजय छपारिया ने इसकी शिकायत जिला अध्यक्ष सतेंद्र परमार, प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ और प्रदेश महामंत्री संदीप जोशी से की थी। इसके अगले ही दिन जिला अध्यक्ष ने रविंद्र गुप्ता के निष्कासन के आदेश जारी कर दिए। जिला अध्यक्ष सतेंद्र परमार ने बताया कि संगठन के आदेशों पर यह फैसला लिया गया है। रविंद्र गुप्ता 1980 से भाजपा से जुड़े हुए हैं और 1987 में उन्होंने संगठन के चिह्न पर विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। इस समय वे पार्षद के अलावा नगर व्यापार मंडल के कार्यकारी प्रधान भी हैं।
विज्ञापन
चेयरमैन के खिलाफ न जाने के लिए भाजपा दिग्गजों ने की थी बात
भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव की वोटिंग से पहले भाजपा प्रदेश महामंत्री, प्रदेश अध्यक्ष के अलावा जिला अध्यक्ष ने भी रविंद्र गुप्ता से चेयरमैन संजय छपारिया और भाजपा के खिलाफ वोट न डालने की भी अपील की थी, जिसे रविंद्र गुप्ता ने अनसुना कर दिया।
भाजपा जिला अध्यक्ष सतेंद्र परमार और रविंद्र गुपता आमने-सामने
संगठन के खिलाफ गए रविंद्र गुप्ता, इसलिए किया निष्कासन : सतेंद्र परमार
रविंद्र गुप्ता ने संगठन की बजाय अपने स्वार्थों को ज्यादा तवज्जो दी और भाजपा समर्थित चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का षड्यंत्र रचा। अनुशासन तोड़ने के लिए ही संगठन के आदेशों पर उन्हें जिला कोषाध्यक्ष के पद से निष्काषित किया गया है। इस संबंध में नप चेयरमैन संजय छपारिया ने मुझे सुबूतों के साथ शिकायत दी थी।
निष्कासन करने वाले नहीं, मैं हूं असली भाजपाई : रविंद्र गुप्ता
रविंद्र गुप्ता का कहना है कि मैं पिछले 40 साल से भाजपा से जुड़ा हुआ हूं। संगठन के अच्छे और बुरे दौर में मैं साथ रहा। 1987 में पार्टी के चिह्न पर मैंने चुनाव लड़ा था। निष्काषित करने वाले नहीं, बल्कि मैं असली भाजपाई हूं। संगठन की लंबे समय तक सेवा करने के बाद मेरे खिलाफ जो यह कदम उठाया गया, उसके लिए आभार।