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Charkhi Dadri News: पुलिस की मौजूदगी में एक हजार बैग खाद बांटी, दिसंबर में यूरिया की 10 हजार एमटी की है जरूरत

Tue, 02 Dec 2025 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 02 Dec 2025 12:10 AM IST
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One thousand bags of fertilizer were distributed in the presence of police; 10,000 metric tons of urea are needed in December
नगर स्थित जमींदारा सोसायटी कार्यालय के बाहर यूरिया खाद के लिए लगी किसानों की भीड़। संवाद
चरखी दादरी। रबी सीजन में यूरिया खाद की बढ़ती मांग के बीच सोमवार को जिले के विभिन्न वितरण केंद्रों पर किसानों की सुबह से शाम तक लंबी कतारें लगी रहीं। पुलिस की मौजूदगी में एक हजार बैग खाद का वितरण किया गया। डीएपी के बाद अब यूरिया की आवश्यकता तेजी से बढ़ रही है। इसी कड़ी में रविवार को जिले में 12 हजार बैग यूरिया पहुंची, जिनमें से तीन हजार बैग दादरी नगर के लिए भेजे गए। प्राइवेट विक्रेताओं और पैक्स समितियों को भी पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई गई है। विभाग के अनुसार दिसंबर और जनवरी में यूरिया की खपत लगातार बनी रहेगी। केवल दिसंबर माह में ही 10 हजार एमटी यूरिया की आवश्यकता अनुमानित है।
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22 केंद्रों पर बिकती है खाद
जिले में 22 पैक्स समितियों व शहर में जमींदारा सोसायटी की ओर से खाद का वितरण किया जाता है। इन पैक्स समितियों में बाढड़ा, बौंद कलां, दाढ़ी बाना, अटेला, मोरवाला आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। करीब एक माह में यूरिया खाद पहुंची है। 90 प्रतिशत किसानों ने रबी की गेहूं व सरसों की बिजाई का कार्य पूरा कर लिया है। अब तो सरसों की पहली सिंचाई का समय है। ऐसे में सिंचाई के दौरान किसान यूरिया खाद का छिड़काव करते हैं। अब खाद के लिए मारामारी है। मेरी फसल, मेरा पोर्टल पर दर्ज जमीन के विवरण के हिसाब से यूरिया वितरित की जा रही है।
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रबी सीजन में कुल जरूरत
रबी सीजन में जिला मेंं मार्च 2026 तक 33, 000 मीट्रिक टन यूरिया खाद की जरूरत रहेगी, जबकि डीएपी की खपत 16,000 मीट्रिक टन रही है। इसी प्रकार एनपीके व एसएसपी खाद की खपत 10,000 मीट्रिक टन रही। बीते अक्तूबर में यूरिया की 4024 मीट्रिक टन आवक हुई है। जिले का कृषि योग्य कुल रकबा एक लाख 22 हजार 378 हेक्टेयर क्षेत्र है।
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90 प्रतिशत एरिया में हो चुकी बिजाई
इस समय बिजाई का पछेता सीजन जारी है। 90 प्रतिशत एरिया में बिजाई का काम पूरा हो चुका है। किसान सरसों की बिजाई में खाद का ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल करते हैं। गेहूं की पछेती किस्मों की बिजाई 25 दिसंबर तक की जा सकेगी। ऐसे में यूरिया खाद की जरूरत दिसंबर व जनवरी माह तक बनी रहेगी। दिसंबर में यूरिया खाद की जरूरत ज्यादा रहेगी, क्योंकि इस माह में समय फसलों की सिंचाई का कार्य शुरू हो जाता है। किसान पहली व दूसरी सिंचाई के दौरान यूरिया खाद का छिड़काव करते हैं। विभाग की ओर से भी महीना वाइज खाद की आवक करवाई जा रही है। जमीन के हिसाब से ही खाद की मांग ऊपर भेजी गई है। जनवरी माह तक खाद जरूरत कम होती जाएगी। जनवरी माह में 10 हजार एमटी यूरिया खाद की जरूरत रहेगी। फरवरी माह में एक हजार एमटी यूरिया की जरूरत रहेगी।


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इस माह में यूरिया खाद की ज्यादा खपत बनी रहेगी। 12 हजार बैग यूरिया खाद पहुंची है। इसका वितरण होने के बाद और मंगवाई जाएगी। सभी किसानों को जरूरत के अनुसार खाद मिलेगी।
- एसडीओ कृष्ण कुमार, कृषि विभाग।
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सोमवार को एक हजार बैग यूरिया वितरित की गई है। एक किसान को प्रति एकड़ एक बैग यूरिया दी जा रही है। खाद वितरण का कार्य मंगलवार को भी जारी रहेगा।
- प्रवक्ता आकाश, जमीदारा सोसायटी।
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