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Charkhi Dadri News: एनजीटी की गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बरतें अधिकारी
Wed, 23 Oct 2024 10:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 23 Oct 2024 10:24 PM IST
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चरखी दादरी। सभी संबंधित विभाग स्वच्छ पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता के साथ इससे संबंधित कार्यों का क्रियान्वयन सही समय पर करें। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की ओर से वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्ययोजना (ग्रेप) व्यवस्था लागू की है। इसका पालन हर हाल में करना होगा।
जिला उपायुक्त राहुल नरवाल ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अब 31 जनवरी 2025 तक (ग्रीन पटाखों को छोड़कर) पटाखों के निर्माण, भंडारण और उपयोग करने पर पूर्णतया रोक रहेगी। वायु प्रदूषण के निवारण के लिए सरकार की ओर से सजगता के साथ कार्य किए जा रहे हैं। पांच सौ गज से ज्यादा बड़े कार्यस्थलों पर होने वाले निर्माण को डस्ट पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
उन्होंने अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी कार्ययोजना बनाकर प्रदूषणमुक्त शहर बनाने का हरसंभव प्रयास करें और मनमानी करने वालों के चालान करें। कहा कि ग्रेप नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। जनरेटर सेट के स्थान पर गैस और लिथोमोन प्रोजेक्ट का उपयोग किया जाए, जिससे वायु प्रदूषण रोकने में काफी मदद मिलेगी।
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सड़कों पर एंटी स्मॉग गन का होगा उपयोग
उपायुक्त ने कहा कि सड़कों पर उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण के लिए संंबंधित विभागों की ओर से एंटी स्मॉग गन को उपयोग में लाया जाए। वायु प्रदूषण रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी नियमों का पालन सख्ती से किया जाए।
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जिला उपायुक्त राहुल नरवाल ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अब 31 जनवरी 2025 तक (ग्रीन पटाखों को छोड़कर) पटाखों के निर्माण, भंडारण और उपयोग करने पर पूर्णतया रोक रहेगी। वायु प्रदूषण के निवारण के लिए सरकार की ओर से सजगता के साथ कार्य किए जा रहे हैं। पांच सौ गज से ज्यादा बड़े कार्यस्थलों पर होने वाले निर्माण को डस्ट पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
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उन्होंने अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी कार्ययोजना बनाकर प्रदूषणमुक्त शहर बनाने का हरसंभव प्रयास करें और मनमानी करने वालों के चालान करें। कहा कि ग्रेप नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। जनरेटर सेट के स्थान पर गैस और लिथोमोन प्रोजेक्ट का उपयोग किया जाए, जिससे वायु प्रदूषण रोकने में काफी मदद मिलेगी।
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सड़कों पर एंटी स्मॉग गन का होगा उपयोग
उपायुक्त ने कहा कि सड़कों पर उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण के लिए संंबंधित विभागों की ओर से एंटी स्मॉग गन को उपयोग में लाया जाए। वायु प्रदूषण रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी नियमों का पालन सख्ती से किया जाए।