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अब सिविल अस्पताल में ही मिलेगा टॉलिप्स का उपचार

Tue, 17 Nov 2020 12:08 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 17 Nov 2020 12:08 AM IST
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Now treatment of Taliepus will be done in civil hospital
टॉलिप्स (पैरों का अंदर की ओर मुड़ना) जैसी बीमारी का उपचार अब जिले के लोगों को सिविल अस्पताल में ही मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग क्लब फुट क्लीनिक नामक साप्ताहिक सुविधा आज से शुरू करने जा रहा है। इसके तहत हर मंगलवार को सिविल अस्पताल में टॉलिप्स से ग्रस्त लोगों का उपचार होगा। सिविल अस्पताल में पिछले लंबे समय से यह सुविधा शुरू होने का इंतजार था। अस्पताल में यह सुविधा नहीं होने से मरीजों को रोहतक पीजीआई या भिवानी सिविल अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे थे।
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सीएमओ सुदर्शन पंवार ने बताया कि सिविल अस्पताल परिसर में सप्ताह में एक दिन क्लब फुट क्लीनिक लगेगा। इसमें जन्म से टॉलिप्स से ग्रस्त बच्चों का उपचार किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि प्लस्तर के अलावा इसके लिए ऑपरेशन सुविधा भी मरीजों को दी जाएगी। उन्होंने बताया कि टॉलिप्स जन्म दोष है जो दोनों पैरों को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने बताया कि बचपन में ये बीमारी दर्दनाक नहीं होती लेकिन अगर समय से इसका उपचार नहीं करवाया जाए तो आगे चलकर समस्या पैदा कर देती है। उन्होंने बताया कि यह बीमारी व्यक्ति से चलने की क्षमता छीन लेती है।
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उन्होंने बताया कि क्लब फुट क्लीनिक के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि टॉलिप्स से ग्रस्त बच्चों को अब उपचार के लिए रोहतक पीजीआई या भिवानी सिविल अस्पताल की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। अब तक के अगर आंकड़ों की बात करें तो टॉलिप्स से ग्रस्त बच्चों का उपचार जिला स्वास्थ्य विभाग ने रोहतक पीजीआई और झज्जर करवाया है।
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12 से 13 प्लस्तर से होते हैं पांव ठीक
अगर किसी बच्चे के दोनों पांव जन्म से अंदर की ओर मुड़े हैं तो दो विधियों के जरिये उसका उपचार किया जाता है। प्लस्तर विधि में 12 से 13 प्लस्तर किए जाते हैं और इस विधि में तीन से चार माह का समय लग जाता है। ऑपरेशन विधि से ज्यादा लोग प्लस्तर विधि को तवज्जों देते हैं।
50 हजार है प्राइवेट तौर पर खर्च
प्राइवेट तौर पर टॉलिप्स का उपचार महंगा है। आर्थिक रूप से कमजोर लोग खर्च वहन नहीं कर पाते और यहीं कारण है कि बीमारी से ग्रस्त को आगे चलकर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार एक विजिट का खर्च करीब चार हजार है और इस लिहाज से 13 विजिट का खर्च 50 हजार से अधिक बैठता है।

प्रत्येक मंगलवार को सिविल अस्पताल में क्लब फुट क्लीनिक लगाया जाएगा। टॉलिप्स जैसी बीमारी के उपचार की सुविधा हमने सिविल अस्पताल में ही मुुहैया करवा दी है।
सुदर्शन पंवार, सीएमओ, चरखी दादरी।
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