{"_id":"6a833e60945949f87b05910a","slug":"national-lok-adalat-to-be-held-on-september-12-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1010-159112-2026-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: 12 सितंबर को होगी राष्ट्रीय लोक अदालत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: 12 सितंबर को होगी राष्ट्रीय लोक अदालत
Mon, 17 Aug 2026 10:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 17 Aug 2026 10:31 PM IST
विज्ञापन
चरखी दादरी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं प्राधिकरण के चेयरमैन देशराज चालिया तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव संजीव काजला के मार्गदर्शन में हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 12 सितंबर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम संजीव काजला ने बताया न्यायालय में लंबित मामलों को परस्पर सहयोग व सौंदर्य पूर्ण माध्यम से निपटने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 12 सितंबर 2026 को जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर दादरी में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का कोई प्रकरण न्यायालय में लंबित है तो वह लोक अदालत के माध्यम से उसका निस्तारण करवा सकता है। लोक अदालत में दोनों पक्षों की आपसी सहमति व राजीनामे से सौंदर्य पूर्ण वातावरण में पक्षकारों की रजामंदी से विवाद निपटाया जाता है। इससे शीघ्र व सुलभ न्याय, कोई अपील नहीं, अंतिम रूप से निपटारा, समय की बचत जैसे लाभ मिलते हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक लोन संबंधित मामले, मोटर व्हीकल एक्ट, एन आईएक्ट, फौजदारी, रेवेन्यू, वैवाहिक विवाद का निपटारा किया जाएगा। सीजेएम ने बताया कि आपसी सहमति से हल हो सकने वाले मामलों में लोक अदालत बहुत ही कारगार सिद्ध हो रही है। और लोक अदालत में सुनाए गए मामलों की भी उतनी ही अहमियत है जितनी सामान्य अदालत में सुनाए गए फैसले की होती हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का कोई प्रकरण न्यायालय में लंबित है तो वह लोक अदालत के माध्यम से उसका निस्तारण करवा सकता है। लोक अदालत में दोनों पक्षों की आपसी सहमति व राजीनामे से सौंदर्य पूर्ण वातावरण में पक्षकारों की रजामंदी से विवाद निपटाया जाता है। इससे शीघ्र व सुलभ न्याय, कोई अपील नहीं, अंतिम रूप से निपटारा, समय की बचत जैसे लाभ मिलते हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक लोन संबंधित मामले, मोटर व्हीकल एक्ट, एन आईएक्ट, फौजदारी, रेवेन्यू, वैवाहिक विवाद का निपटारा किया जाएगा। सीजेएम ने बताया कि आपसी सहमति से हल हो सकने वाले मामलों में लोक अदालत बहुत ही कारगार सिद्ध हो रही है। और लोक अदालत में सुनाए गए मामलों की भी उतनी ही अहमियत है जितनी सामान्य अदालत में सुनाए गए फैसले की होती हैं।
विज्ञापन