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Charkhi Dadri News: ओलावृष्टि से प्रभावित फसल का विवरण दर्ज करवाने के लिए खुला ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल
Thu, 29 Oct 2026 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 29 Oct 2026 12:10 AM IST
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चरखी दादरी। दादरी के विधायक सुनील सांगवान ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय को लिखे पत्र के बाद सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है। अब ओलावृष्टि से प्रभावित किसान पोर्टल पर खराब हुई फसल का विवरण दर्ज करवाकर मुआवजे के लिए दावा प्रस्तुत कर सकेंगे। इस निर्णय पर विधायक सुनील सांगवान ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।
विधायक सुनील सांगवान ने बताया कि 23 अक्तूबर को हुई ओलावृष्टि से दादरी क्षेत्र के अनेक गांवों में धान और कपास की फसलों को नुकसान पहुंचा है। गांव पैंतावास कलां, अखत्यारपुरा, घिकाड़ा, साहुवास, लोहरवाड़ा, खातीवास, समसपुर, कमोद, रावलधी, चरखी और फतेहगढ़ सहित कई गांव प्रभावित हुए हैं। ओलावृष्टि से धान और कपास की फसल खराब हुई है।
कई क्षेत्रों में 76 से 100 प्रतिशत तक फसल खराबे का आकलन किया गया है। सुनील सांगवान ने कहा कि किसानों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया था कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला जाए।
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विधायक सुनील सांगवान ने कहा कि ओलावृष्टि से किसानों को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। ऐसे में प्रभावित फसलों के नुकसान का सही आकलन होना और पात्र किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा मिलना जरूरी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से फसल नुकसान के आकलन की प्रक्रिया को पूरा करने का आग्रह किया, ताकि वास्तविक नुकसान के आधार पर किसानों को राहत मिल सके।
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विधायक सुनील सांगवान ने बताया कि 23 अक्तूबर को हुई ओलावृष्टि से दादरी क्षेत्र के अनेक गांवों में धान और कपास की फसलों को नुकसान पहुंचा है। गांव पैंतावास कलां, अखत्यारपुरा, घिकाड़ा, साहुवास, लोहरवाड़ा, खातीवास, समसपुर, कमोद, रावलधी, चरखी और फतेहगढ़ सहित कई गांव प्रभावित हुए हैं। ओलावृष्टि से धान और कपास की फसल खराब हुई है।
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कई क्षेत्रों में 76 से 100 प्रतिशत तक फसल खराबे का आकलन किया गया है। सुनील सांगवान ने कहा कि किसानों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया था कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला जाए।
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विधायक सुनील सांगवान ने कहा कि ओलावृष्टि से किसानों को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। ऐसे में प्रभावित फसलों के नुकसान का सही आकलन होना और पात्र किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा मिलना जरूरी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से फसल नुकसान के आकलन की प्रक्रिया को पूरा करने का आग्रह किया, ताकि वास्तविक नुकसान के आधार पर किसानों को राहत मिल सके।