फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Names of 36 percent owners and mobile numbers of 40 percent are not recorded in property tax records.

Charkhi Dadri News: प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड में 36 प्रतिशत मालिकों के नाम तो 40 प्रतिशत के मोबाइल नंबर ही नहीं दर्ज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Dec 2023 11:38 PM IST
विज्ञापन
Names of 36 percent owners and mobile numbers of 40 percent are not recorded in property tax records.
चरखी दादरी। नगर परिषद के प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड में 36 प्रतिशत प्रॉपर्टी मालिकों के नाम और 40 प्रतिशत के मोबाइल नंबर ही दर्ज नहीं हैं। इस कारण से परिषद के साथ-साथ शहरवासियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपने रिकॉर्ड को दुरुस्त करवाने के लिए परिषद कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

वहीं इन सबको लेकर प्रदेश सरकार ने नगर परिषद अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि मोबाइल फोन नंबर व प्रॉपर्टी मालिक का नाम अपडेट करने के कार्य पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि प्रॉपर्टी डिटेल्स को सही से अपडेट की जा सके। बता दें कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री मनोहर व निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने प्रदेश की सभी निकायों की समीक्षा बैठक की थी। जिसमें सभी निकायों की तरफ से अपना-अपना प्रॉपर्टी टैक्स संंबंधी डाटा प्रस्तुत किया गया था।
विज्ञापन

यूं किया जाना है अपडेट
नगर परिषद के अनुसार शहर में कुल प्रॉपर्टी 30,496 हैं। जिनमें से 12,862 प्रॉपर्टी टैक्स डिटेल में मोबाइल नंबर व 11,897 प्रॉपर्टी टैक्स डिटेल में मोबाइल नंबर दर्ज नहीं है। मुख्यालय की तरफ से मिले आदेशों के अनुसार पहले सभी प्रॉपर्टी को प्राथमिकता के अनुसार बांटा जाए। इसमें सबसे पहले सरकारी प्रॉपर्टी, फिर ग्रुप हाउंसिंग, औद्योगिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक व सबसे आखिर में रिहायशी प्रॉपर्टी को रखा जाएगा। इस क्रम के अनुसार ही इन प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड में मालिक व उसका मोबाइल नंबर अपडेट किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 प्रतिशत लोगों ने ही किया स्वयं मूल्यांकन
उधर, शहरवासी प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड के स्वयं मूल्यांकन में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। नगर परिषद की माने तो 22 नवंबर तक मात्र 7 प्रतिशत लोगों ने ही अपनी प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड का स्वयं मूल्यांकन किया है। अधिकारियों के मुताबिक सरकार ने 31 दिसंबर तक ब्याज पर 100 प्रतिशत और वर्तमान वर्ष की प्रॉपर्टी टैक्स डिमांड पर 15 प्रतिशत की छूट दी हुई है।
इसके अलावा वर्ष 2010-11 से 2022-23 तक के लिए प्राॅपर्टी टैक्स के बकाया की मूल राशि पर 15 प्रतिशत की एकमुश्त छूट उन प्रॉपर्टी मालिकों को दी जाएगी जो 31 दिसंबर तक वर्ष 2010-11 से 2022-23 तक के प्रॉपर्टी टैक्स के सभी बकाया का भुगतान करते हैं। प्रॉपर्टी टैक्स बकाया भुगतान और बेबाकी प्रमाणपत्र प्रबंधन प्रणाली पोर्टल पर अपनी प्रॉपर्टी की सूचना स्वयं प्रमाणित भी करते हैं। मुख्यालय ने इसे लेकर आदेश दिए हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्वयं मूल्यांकन के लिए जागरूक किया जाए। जिससे परिषद को अपना बकाया मिल सके और उसकी आय बढ़ सके।
2.54 लाख रुपये जमा हुआ विकास शुल्क
नगर परिषद में अभी तक विकास शुल्क के 2 लाख 54 हजार 263 रुपये जमा हुए हैं। इनमें से व्यावसायिक प्रॉपर्टी के 33,370 रुपये, मिक्स प्रॉपर्टी के 83,882 और रिहायशी प्रॉपर्टी के 1 लाख 36 हजार 612 रुपये जमा हुए हैं। बता दें कि किसी प्रॉपर्टी पर विकास शुल्क एक बार ही लिया जाता है।

स्वामित्व योजना का एक आवेदन लंबित
स्वामित्व योजना का लाभ उठाने के लिए नगर परिषद के 95 प्रॉपर्टी में से 79 के लिए आवेदन आए। इनमें 29 आवेदनों को मंजूर व 21 को रद्द कर दिया गया, जबकि एक आवेदन लंबित है। स्वामित्व योजना के अनुसार शहरी निकायों के उन सभी नागरिकों को मालिकाना हक प्रदान किया जा रहा है, जिनके पास दुकान एवं मकान का 31 दिसंबर 2020 तक 20 साल या फिर 20 साल से अधिक कब्जा है और वह काबिज किरायेदार, लीज धारक और लाइसेंस फीस दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed