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Charkhi Dadri News: बाढड़ा मंडी में नहीं हो रहा सरसों का उठान, किसानों का भुगतान अटका
Thu, 18 Apr 2024 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 18 Apr 2024 12:55 AM IST
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बाढड़ा अनाज मंडी में लगा सरसों का ढेर।
बाढड़ा। अनाज मंडी से सरसों का उठान न होने परेशानी बढ़ गई है। खरीद एजेंसियों की ओर से न तो खरीद की जा रही है और न ही पहले खरीदी गई सरसों का उठान करवाया जा रहा है। 11,000 क्विंटल से अधिक सरसों अभी मंडी में पड़ी है और इससे किसानों के भुगतान में देरी हो रही है।
प्रदेश सरकार किसानों को उपज की खरीद के बाद 72 घंटे में भुगतान करने की बात कर रही है। बाढड़ा अनाज मंडी में सरसों खरीद के मामले में सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। मंडियों में एक अप्रैल से रिकाॅर्ड मात्रा में सरसों की आवक हुई है। कभी बारदाने की कमी तो कभी जीएसटी के विवाद ने खरीद कार्य प्रभावित किया है। आढ़तियों ने सरकार की जीएसटी पर सवाल उठाते हुए इसे पुरानी प्रणाली पर ही लागू करने की मांग की है।
किसान अमित श्योराण चांदवास, आनंद श्योराण, नरेश कादयान, विकास धनखड़, बलजीत जांगड़ा, राम सिंह, वेदपाल सिंह आदि ने बताया कि मंडी में न तो खरीद हो रही है और न ही उठान हुआ है। इस वजह से किसान का भुगतान नहीं हो पा रहा है। अनाज मंडी से खरीदी गई सरसों के ट्रक भरकर जुलाना वेयरहाउस भेजे जा रहे हैं। श्रमिकों की संख्या भी कम है जिससे ट्रक खाली होने में ही समय लग रहा है। ट्रक जुलाना से खाली होकर वापस नहीं आ रहे हैं।
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आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हनुमान शर्मा ने बताया कि मंडी में खरीद और उठान कार्य धीमा है। बारदाना न आने और जीएसटी विवाद के कारण खरीद नहीं हो रही है। अधिकारी चुप हैं। मंडी में बुधवार तक कुल 8,435 गेट पास जारी हुए हैं। 1.66 लाख क्विंटल सरसों की आवक दर्ज की गई है। मंडी में 85,000 क्विंटल सरसों की खरीद हुई है। 55,000 क्विंटल का उठान किया गया है। गेहूं खरीद के लिए 28 गेट पास जारी किए गए हैं और 1,837 क्विंटल गेहूं की आवक दर्ज की गई है।
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प्रदेश सरकार किसानों को उपज की खरीद के बाद 72 घंटे में भुगतान करने की बात कर रही है। बाढड़ा अनाज मंडी में सरसों खरीद के मामले में सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। मंडियों में एक अप्रैल से रिकाॅर्ड मात्रा में सरसों की आवक हुई है। कभी बारदाने की कमी तो कभी जीएसटी के विवाद ने खरीद कार्य प्रभावित किया है। आढ़तियों ने सरकार की जीएसटी पर सवाल उठाते हुए इसे पुरानी प्रणाली पर ही लागू करने की मांग की है।
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किसान अमित श्योराण चांदवास, आनंद श्योराण, नरेश कादयान, विकास धनखड़, बलजीत जांगड़ा, राम सिंह, वेदपाल सिंह आदि ने बताया कि मंडी में न तो खरीद हो रही है और न ही उठान हुआ है। इस वजह से किसान का भुगतान नहीं हो पा रहा है। अनाज मंडी से खरीदी गई सरसों के ट्रक भरकर जुलाना वेयरहाउस भेजे जा रहे हैं। श्रमिकों की संख्या भी कम है जिससे ट्रक खाली होने में ही समय लग रहा है। ट्रक जुलाना से खाली होकर वापस नहीं आ रहे हैं।
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आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हनुमान शर्मा ने बताया कि मंडी में खरीद और उठान कार्य धीमा है। बारदाना न आने और जीएसटी विवाद के कारण खरीद नहीं हो रही है। अधिकारी चुप हैं। मंडी में बुधवार तक कुल 8,435 गेट पास जारी हुए हैं। 1.66 लाख क्विंटल सरसों की आवक दर्ज की गई है। मंडी में 85,000 क्विंटल सरसों की खरीद हुई है। 55,000 क्विंटल का उठान किया गया है। गेहूं खरीद के लिए 28 गेट पास जारी किए गए हैं और 1,837 क्विंटल गेहूं की आवक दर्ज की गई है।