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Charkhi Dadri News: बार चुनाव में महिलाओं ने नहीं दिखाई ज्यादा दिलचस्पी
Fri, 03 Jan 2025 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 03 Jan 2025 01:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिला बार एसोसिएशन चुनाव लड़ने में महिलाओं ने अधिक रुचि नहीं दिखाई है। अब तक हुए आठ चुनावों में केवल एक बार ही महिला अधिवक्ता ने उपप्रधान का चुनाव लड़ा है। फिलहाल, कोर्ट में करीब 115 महिला अधिवक्ता कार्यरत हैं।
वर्ष 2016 से जिला बार एसोसिएशन के चुनाव शुरू हुए थे। इस दौरान महिला अधिवक्ताओं की संख्या कम थी। लेकिन, समय के साथ अधिवक्ताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। कुल अधिवक्ताओं की संख्या 1100 पहुंच चुकी है। पहले तीन चुनाव बीतने के बाद किसी महिला ने एसोसिएशन में पद की चाहत दिखाई। इसके बाद अधिवक्ता नरेश कुमारी ने वर्ष 2019 में उपप्रधान का चुनाव लड़ा और इसमें उन्होंने सफलता हासिल की। एक साल तक उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया।
आज तक अन्य किसी महिला अधिवक्ता ने चुनाव नहीं लड़ा है। महिला उप प्रधान बनने का रिकॉर्ड भी नरेश कुमारी के नाम है। उस दौरान ऋषिपाल पहल बार प्रधान चुने गए और नरेश कुमारी उप प्रधान बनीं। इसके बाद से नरेश कुमारी ने भी चुनाव में दिलचस्पी नहीं दिखाई और अन्य महिला अधिवक्ता भी आगे नहीं आई हैं।
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अब महिलाओं की संख्या बढ़ चुकी है। उन्हें भी कुछ समस्याएं रहती हैं। इस दफा होने वाले चुनाव में महिला अधिवक्ताओं के चुनाव लड़ने की संभावना है।
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चरखी दादरी। जिला बार एसोसिएशन चुनाव लड़ने में महिलाओं ने अधिक रुचि नहीं दिखाई है। अब तक हुए आठ चुनावों में केवल एक बार ही महिला अधिवक्ता ने उपप्रधान का चुनाव लड़ा है। फिलहाल, कोर्ट में करीब 115 महिला अधिवक्ता कार्यरत हैं।
वर्ष 2016 से जिला बार एसोसिएशन के चुनाव शुरू हुए थे। इस दौरान महिला अधिवक्ताओं की संख्या कम थी। लेकिन, समय के साथ अधिवक्ताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। कुल अधिवक्ताओं की संख्या 1100 पहुंच चुकी है। पहले तीन चुनाव बीतने के बाद किसी महिला ने एसोसिएशन में पद की चाहत दिखाई। इसके बाद अधिवक्ता नरेश कुमारी ने वर्ष 2019 में उपप्रधान का चुनाव लड़ा और इसमें उन्होंने सफलता हासिल की। एक साल तक उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया।
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आज तक अन्य किसी महिला अधिवक्ता ने चुनाव नहीं लड़ा है। महिला उप प्रधान बनने का रिकॉर्ड भी नरेश कुमारी के नाम है। उस दौरान ऋषिपाल पहल बार प्रधान चुने गए और नरेश कुमारी उप प्रधान बनीं। इसके बाद से नरेश कुमारी ने भी चुनाव में दिलचस्पी नहीं दिखाई और अन्य महिला अधिवक्ता भी आगे नहीं आई हैं।
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अब महिलाओं की संख्या बढ़ चुकी है। उन्हें भी कुछ समस्याएं रहती हैं। इस दफा होने वाले चुनाव में महिला अधिवक्ताओं के चुनाव लड़ने की संभावना है।