{"_id":"6a40246234281e02cf0021a8","slug":"kharif-sowing-completed-in-60-area-charkhi-dadri-news-c-126-1-shsr1012-157072-2026-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: 60% रकबे में खरीफ की बिजाई पूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: 60% रकबे में खरीफ की बिजाई पूरी
Sun, 28 Jun 2026 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 28 Jun 2026 12:58 AM IST
विज्ञापन
खेत में बिजित फसल।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। जिले में जून माह में विभिन्न अंतराल के दौरान बारिश होने से किसानों ने 60 प्रतिशत क्षेत्र में खरीफ की फसलों की बिजाई कर दी है। अधिकतर किसानों ने बाजरे की बिजाई की है। कपास के प्रति किसानों का रुझान कम है। इस बार अल-नीनो के प्रभाव के कारण मानसून की बारिश कम होने की संभावना जताई जा रही है।
कृषि विभाग अधिकारियों की भी किसानों के लिए सलाह है कि वे दलहन व तिलहन की फसलों की ज्यादा बिजाई करें। धान की सीधी बिजाई करें ताकि पानी की बचत हो सके। हरियाणा सरकार ने भी धान की बिजाई न करने वाले किसानों को राहत देते हुए 45 सौ रुपये प्रति एकड़ देने की घोषणा की है।
कम सिंचाई की फसलें लगाने की सलाह : कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि कि वे कम सिंचाई वाली फसलों की बिजाई करें। जिले का भूगर्भ जल स्तर भी पिछले कई सालों से काफी नीचे बना हुआ है। बाढड़ा खंड में भूजलस्तर 400 फीट नीचे तक बना हुआ है।
विज्ञापन
विदित रहे क्षेत्र में खरीफ सीजन में ज्वार, बाजरा, ग्वार, ग्वारी, मूंग आदि फसलों की खेती की जाती है। ज्यादातर क्षेत्र में बाजरे की ही बिजाई की जाती है। जिले का 55 प्रतिशत क्षेत्र रेतीला भी है जो बारिश पर ही निर्भर करता है। जिले में करीब 67 हजार किसान हैं।
विज्ञापन
कृषि विभाग अधिकारियों की भी किसानों के लिए सलाह है कि वे दलहन व तिलहन की फसलों की ज्यादा बिजाई करें। धान की सीधी बिजाई करें ताकि पानी की बचत हो सके। हरियाणा सरकार ने भी धान की बिजाई न करने वाले किसानों को राहत देते हुए 45 सौ रुपये प्रति एकड़ देने की घोषणा की है।
विज्ञापन
कम सिंचाई की फसलें लगाने की सलाह : कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि कि वे कम सिंचाई वाली फसलों की बिजाई करें। जिले का भूगर्भ जल स्तर भी पिछले कई सालों से काफी नीचे बना हुआ है। बाढड़ा खंड में भूजलस्तर 400 फीट नीचे तक बना हुआ है।
विज्ञापन
विदित रहे क्षेत्र में खरीफ सीजन में ज्वार, बाजरा, ग्वार, ग्वारी, मूंग आदि फसलों की खेती की जाती है। ज्यादातर क्षेत्र में बाजरे की ही बिजाई की जाती है। जिले का 55 प्रतिशत क्षेत्र रेतीला भी है जो बारिश पर ही निर्भर करता है। जिले में करीब 67 हजार किसान हैं।