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Charkhi Dadri News: आठ माह में डिपो की 9 बसें हुईं कंडम, नई एक भी नहीं मिली...
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दादरी बस स्टैंड परिसर में बूथों पर खड़ी बसें।
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी परिवहन डिपो के बेड़े में बसों की कमी बनी हुई है और इसके चलते यात्रियों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। पिछले 8 माह की अगर बात करें तो डिपो की 11 बसें कंडम हुई हैं, जबकि इस समय अवधि में डिपो को एक भी नई बस नहीं मिली है।
फिलहाल रूटों की सेवाओं में विस्तार के लिए डिपो के बेड़े में बस संख्या बढ़ाने की जरूरत है। गौरतलब है कि छह माह पहले तक डिपो के बेड़े में 110 बसें शामिल थीं, जो यात्रियों की संख्या के लिहाज से नाकाफी थीं। इसके बाद अप्रैल में डिपो की तीन बसें कंडम हो गईं और इसके चलते उन्हें रूटों से हटाना पड़ा।
फिर जुलाई, अक्तूबर व नवंबर में भी दो-दो कंडम होने के चलते डिपो के बेड़े से बाहर हो गईं। नौ बसें कंडम होने के बाद डिपो के बेड़े में महज 101 बसें बची हैं और इनके अलावा 15 बसें किलोमीटर स्कीम की हैं। दरअसल, दादरी डिपो की बसों में प्रतिदिन करीब 30 हजार यात्री सफर करते हैं। बसें प्रतिदिन 40 हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करती हैं। डिपो के लिहाज से बेड़े में बस संख्या कम है और डिपो को करीब 50 नई बसों की जरूरत है। इसके बाद ही बूथ संख्या बढ़ाने के साथ रूटों की बस सेवाओं में विस्तार हो सकेगा।
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चरखी दादरी। दादरी परिवहन डिपो के बेड़े में बसों की कमी बनी हुई है और इसके चलते यात्रियों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। पिछले 8 माह की अगर बात करें तो डिपो की 11 बसें कंडम हुई हैं, जबकि इस समय अवधि में डिपो को एक भी नई बस नहीं मिली है।
फिलहाल रूटों की सेवाओं में विस्तार के लिए डिपो के बेड़े में बस संख्या बढ़ाने की जरूरत है। गौरतलब है कि छह माह पहले तक डिपो के बेड़े में 110 बसें शामिल थीं, जो यात्रियों की संख्या के लिहाज से नाकाफी थीं। इसके बाद अप्रैल में डिपो की तीन बसें कंडम हो गईं और इसके चलते उन्हें रूटों से हटाना पड़ा।
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फिर जुलाई, अक्तूबर व नवंबर में भी दो-दो कंडम होने के चलते डिपो के बेड़े से बाहर हो गईं। नौ बसें कंडम होने के बाद डिपो के बेड़े में महज 101 बसें बची हैं और इनके अलावा 15 बसें किलोमीटर स्कीम की हैं। दरअसल, दादरी डिपो की बसों में प्रतिदिन करीब 30 हजार यात्री सफर करते हैं। बसें प्रतिदिन 40 हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करती हैं। डिपो के लिहाज से बेड़े में बस संख्या कम है और डिपो को करीब 50 नई बसों की जरूरत है। इसके बाद ही बूथ संख्या बढ़ाने के साथ रूटों की बस सेवाओं में विस्तार हो सकेगा।

हमीरपुर में अंबेडकर सम्मान यात्रा निकालते हुए कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता। स्रोत : संवाद
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