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Charkhi Dadri News: स्वास्थ्य निदेशक ने टटोली निजी लैब और अस्पतालों की नब्ज
Wed, 10 Apr 2024 03:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 10 Apr 2024 03:36 AM IST
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लैब स्टाफ से पूछताछ करते स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. मनीष बंसल।
चरखी दादरी। स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. मनीश बंसल ने मंगलवार को नागरिक अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इसके बाद वह सीएमओ और डिप्टी सीएमओ के साथ शहर की कई निजी लैब और आयुष्मान से जुड़े एक निजी अस्पताल में भी पहुंचे। उन्होंने वहां भी विभिन्न बिंदुओं पर जांच की। इस दौरान उन्हें कुछ खामियां मिलीं, उन्हें जल्द दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला स्वास्थ्य विभाग को विशेषज्ञों की कमी जल्द दूर करवाने का आश्वासन दिया।
निदेशक डॉ. बंसल सुबह करीब 10:30 बजे नागरिक अस्पताल पहुंचे। अस्पताल परिसर में प्रवेश करने के बाद ही उन्होंने सीएमओ डॉ. विनोद कुमार से संपर्क किया। निदेशक के आने की सूचना मिलते ही स्टाफ में खलबली मच गई। निदेशक डॉ. मनीष बंसल ने आपातकालीन कक्ष, वार्ड, प्रयोगशाला और पुराने भवन में की गईं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वह दोपहर करीब दो बजे तक सिविल अस्पताल में रहे।
इसके बाद वह सीएमओ डॉ. विनोद कुमार और डिप्टी सीएमओ डॉ. गौरव भारद्वाज के साथ शहर में निजी लैब पर पहुंचे। उन्होंने आयुष्मान से सूचीबद्ध एक निजी अस्पताल का भी निरीक्षण किया। वहां उन्होंने योजना के तहत उपचार लेने वाले एक मरीज से बातचीत कर फीडबैक लिया। मरीज ने उपचार पर संतुष्टि जताई। हालांकि स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक को वहां कुछ खामियां मिलीं। अस्पताल संचालक ने खामियों को जल्द सुधारने का भरोसा दिलाया।
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सात निजी लैब का किया निरीक्षण
निदेशक डॉ. मनीष बंसल शाम करीब साढ़े चार बजे मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने बताया कि ये औचक निरीक्षण था। उन्होंने नागरिक अस्पताल परिसर का जायजा लिया और शहर की सात लैब में जाकर उन्होंने जांच की। लैब जांच का मकसद ये पता लगाना था कि सिविल अस्पताल से तो मरीज यहां जांच के लिए रेफर नहीं किए जा रहे हैं। हालांकि ऐसा एक ही मामला सामने आया।
विशेषज्ञों की कमी और लैब में नहीं हो रहे कुछ टेस्ट
स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सामने आया कि दादरी जिले में बाल रोग विशेषज्ञ, अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट, एमडी मेडिसिन और मनोरोग विशेषज्ञ समेत कुछ अन्य पद खाली हैं। उन्होंने कहा कि इन खाली पदों को जल्द भरने का प्रयास रहेगा। लैब के निरीक्षण के दौरान पता चला कि यहां पांच ही प्रकार के टेस्ट हो रहे हैं जबकि यहां कुछ टेस्ट नहीं हो रहे हैं। इस पर उन्होंने सीएमओ को मांगपत्र भेजने के निर्देश दिए।
इन बिंदुओं पर की जांच
स्टाफ तैनाती की स्थिति क्या है।
किन संसाधनों की कमी बनी है।
सिविल अस्पताल में सेवाएं कैसी हैं।
कर्मचारियों के प्रशिक्षण तो लंबित नहीं हैं।
ये औचक निरीक्षण था और नागरिक अस्पताल के गेट पर आने के बाद ही सीएमओ को दौरे की जानकारी दी गई। नागरिक अस्पताल के अलावा सात निजी लैब और एक आयुष्मान से सूचीबद्ध अस्पताल का भी निरीक्षण किया गया। वहां ज्यादा बड़ी कोई खामी नहीं मिली। - डॉ. मनीष बंसल, निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं, हरियाणा।
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निदेशक डॉ. बंसल सुबह करीब 10:30 बजे नागरिक अस्पताल पहुंचे। अस्पताल परिसर में प्रवेश करने के बाद ही उन्होंने सीएमओ डॉ. विनोद कुमार से संपर्क किया। निदेशक के आने की सूचना मिलते ही स्टाफ में खलबली मच गई। निदेशक डॉ. मनीष बंसल ने आपातकालीन कक्ष, वार्ड, प्रयोगशाला और पुराने भवन में की गईं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वह दोपहर करीब दो बजे तक सिविल अस्पताल में रहे।
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इसके बाद वह सीएमओ डॉ. विनोद कुमार और डिप्टी सीएमओ डॉ. गौरव भारद्वाज के साथ शहर में निजी लैब पर पहुंचे। उन्होंने आयुष्मान से सूचीबद्ध एक निजी अस्पताल का भी निरीक्षण किया। वहां उन्होंने योजना के तहत उपचार लेने वाले एक मरीज से बातचीत कर फीडबैक लिया। मरीज ने उपचार पर संतुष्टि जताई। हालांकि स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक को वहां कुछ खामियां मिलीं। अस्पताल संचालक ने खामियों को जल्द सुधारने का भरोसा दिलाया।
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सात निजी लैब का किया निरीक्षण
निदेशक डॉ. मनीष बंसल शाम करीब साढ़े चार बजे मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने बताया कि ये औचक निरीक्षण था। उन्होंने नागरिक अस्पताल परिसर का जायजा लिया और शहर की सात लैब में जाकर उन्होंने जांच की। लैब जांच का मकसद ये पता लगाना था कि सिविल अस्पताल से तो मरीज यहां जांच के लिए रेफर नहीं किए जा रहे हैं। हालांकि ऐसा एक ही मामला सामने आया।
विशेषज्ञों की कमी और लैब में नहीं हो रहे कुछ टेस्ट
स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सामने आया कि दादरी जिले में बाल रोग विशेषज्ञ, अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट, एमडी मेडिसिन और मनोरोग विशेषज्ञ समेत कुछ अन्य पद खाली हैं। उन्होंने कहा कि इन खाली पदों को जल्द भरने का प्रयास रहेगा। लैब के निरीक्षण के दौरान पता चला कि यहां पांच ही प्रकार के टेस्ट हो रहे हैं जबकि यहां कुछ टेस्ट नहीं हो रहे हैं। इस पर उन्होंने सीएमओ को मांगपत्र भेजने के निर्देश दिए।
इन बिंदुओं पर की जांच
स्टाफ तैनाती की स्थिति क्या है।
किन संसाधनों की कमी बनी है।
सिविल अस्पताल में सेवाएं कैसी हैं।
कर्मचारियों के प्रशिक्षण तो लंबित नहीं हैं।
ये औचक निरीक्षण था और नागरिक अस्पताल के गेट पर आने के बाद ही सीएमओ को दौरे की जानकारी दी गई। नागरिक अस्पताल के अलावा सात निजी लैब और एक आयुष्मान से सूचीबद्ध अस्पताल का भी निरीक्षण किया गया। वहां ज्यादा बड़ी कोई खामी नहीं मिली। - डॉ. मनीष बंसल, निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं, हरियाणा।