{"_id":"6839f4be08b1838c9108d5f0","slug":"ghikada-and-champapuri-water-tanks-will-be-filled-with-600-and-800-mm-wide-pipelines-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1003-137892-2025-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: 600 और 800 एमएम चौड़ी पाइपलाइन से भरे जाएंगे घिकाड़ा और चंपापुरी जलघर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: 600 और 800 एमएम चौड़ी पाइपलाइन से भरे जाएंगे घिकाड़ा और चंपापुरी जलघर
Fri, 30 May 2025 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 30 May 2025 11:41 PM IST
विज्ञापन
गांव घिकाड़ा जलघर में पानी पहुंचाने के लिए डाली जा रही पाइपलाइन।
चरखी दादरी। घिकाड़ा और चंपापुरी जलघर को अपग्रेड करने की परियोजना पर अलग-अलग चरणों में काम चल रहा है। अब जनस्वास्थ्य विभाग ने दोनों जलघरों के भंडारण टैंकों को पानी से जल्द लबालब करने के लिए 600 और 800 एमएम चौड़ी पेयजल लाइन डालने का काम भी शुरू करवा दिया है। जून के मध्य तक काम पूरा होने की उम्मीद है और इसके तुरंत बाद दोनों जलघरों के टैंकों को मौजूदा से आधे समय में भरा जा सकेगा। इससे शहर की 90 हजार की आबादी को राहत मिलेगी।
बता दें कि जनस्वास्थ्य विभाग शहर की पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए 115 करोड़ की परियोजना पर काम करवा रहा है। इससे एकतरफ जलघरों की पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाई जा रही है तो दूसरी ओर मुख्य पाइपलाइनों को भी बदला जा रहा है। विभाग अब मुख्य लोहारू कैनाल से घिकाड़ा और चंपापुरी जलघर के टैंकों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन डालने का काम तेजी से करवा रहा है।
घिकाड़ा जलघर के लिए 600 एमएम जबकि चंपापुरी जलघर के लिए 800 एमएम चौड़ी पाइपलाइन डाली जा रही है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है और शेष 10 फीसदी कार्य भी अगले 10 दिन के अंदर पूरा करवा दिया जाएगा। योजना है कि जून के मध्य तक दोनों जलघरों के टैंकों को नई पेयजल पाइपलाइन के जरिये भरा जाए।
विज्ञापन
दरअसल, फिलहाल घिकाड़ा और चंपापुरी जलघर के टैंकों को छोटी पाइपलाइन के जरिये भरा जा रहा है। इससे अमूमन जलघर के टैंक भरने में 12 से 13 दिन का समय लग जाता है। अब विभाग दोगुनी चौड़ी पाइपलाइन बिछा रहा है और अधिकारियों का तर्क है कि इससे आधे समय में ही जलघरों के टैंकों को भरा जा सकेगा।
- शहर में एक दिन छोड़कर होती है पेयजल आपूर्ति
बता दें कि शहर के जलघरों की भंडारण क्षमता कम है और इसके चलते गर्मी व सर्दियों में एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति होती है। गर्मी के मौसम में तो हालात विकट बन जाते हैं। इन तमाम पहलुओं को देखते हुए विभाग अब 115 करोड़ की परियोजना से पेयजल समस्याओं का स्थायी समाधान करने जा रहा है।
- चंपापुरी जलघर से 60 फीसदी शहर में होती है आपूर्ति
चंपापुरी वाटर वर्क्स से शहर का 60 फीसदी क्षेत्र जुड़ा हुआ है और इससे शहर के 16 वार्डों के बूस्टिंग स्टेशन पर पेयजल आपूर्ति की जाती है। फिलहाल यहां पर भंडारण टैंक का निर्माण कार्य चल रहा है। 800 एमएम की पाइपलाइन डालने से पेयजल का पर्याप्त मात्रा में भंडारण हो सकेगा और वार्डों की करीब 48 हजार की आबादी को पेयजल किल्लत से राहत मिल जाएगी।
- घिकाड़ा जलघर से जोड़ी जानी हैं शहरी कॉलोनियां
विभाग गांव घिकाड़ा के जलघर को भी अपग्रेड करवा रहा है। इस जलघर से शहर के बाहरी क्षेत्र की कॉलोनियां जोड़ी जानी हैं। कॉलोनियों तक पेयजल आपूर्ति करने के लिए दो बूस्टिंग स्टेशन भी बनाए जाने हैं, जिनमें से एक का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जबकि दूसरे की जगह चयन संबंधी प्रक्रिया अभी सिरे नहीं चढ़ी है।
नागरिकों को पेयजल संकट से राहत दिलाने और गर्मी में पानी भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए विभाग दो वाटर वर्क्स तक पहले की अपेक्षा मोटी पाइपलाइन बिछा रहा है। जल्द ही कार्य पूरा हो जाएगा। जून माह से इसी पाइपलाइन से जलघरों के भंडारण टैंकों तक पानी पहुंचाने की योजना है।
-धीरेंद्र सांगवान, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
बता दें कि जनस्वास्थ्य विभाग शहर की पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए 115 करोड़ की परियोजना पर काम करवा रहा है। इससे एकतरफ जलघरों की पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाई जा रही है तो दूसरी ओर मुख्य पाइपलाइनों को भी बदला जा रहा है। विभाग अब मुख्य लोहारू कैनाल से घिकाड़ा और चंपापुरी जलघर के टैंकों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन डालने का काम तेजी से करवा रहा है।
विज्ञापन
घिकाड़ा जलघर के लिए 600 एमएम जबकि चंपापुरी जलघर के लिए 800 एमएम चौड़ी पाइपलाइन डाली जा रही है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है और शेष 10 फीसदी कार्य भी अगले 10 दिन के अंदर पूरा करवा दिया जाएगा। योजना है कि जून के मध्य तक दोनों जलघरों के टैंकों को नई पेयजल पाइपलाइन के जरिये भरा जाए।
विज्ञापन
दरअसल, फिलहाल घिकाड़ा और चंपापुरी जलघर के टैंकों को छोटी पाइपलाइन के जरिये भरा जा रहा है। इससे अमूमन जलघर के टैंक भरने में 12 से 13 दिन का समय लग जाता है। अब विभाग दोगुनी चौड़ी पाइपलाइन बिछा रहा है और अधिकारियों का तर्क है कि इससे आधे समय में ही जलघरों के टैंकों को भरा जा सकेगा।
- शहर में एक दिन छोड़कर होती है पेयजल आपूर्ति
बता दें कि शहर के जलघरों की भंडारण क्षमता कम है और इसके चलते गर्मी व सर्दियों में एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति होती है। गर्मी के मौसम में तो हालात विकट बन जाते हैं। इन तमाम पहलुओं को देखते हुए विभाग अब 115 करोड़ की परियोजना से पेयजल समस्याओं का स्थायी समाधान करने जा रहा है।
- चंपापुरी जलघर से 60 फीसदी शहर में होती है आपूर्ति
चंपापुरी वाटर वर्क्स से शहर का 60 फीसदी क्षेत्र जुड़ा हुआ है और इससे शहर के 16 वार्डों के बूस्टिंग स्टेशन पर पेयजल आपूर्ति की जाती है। फिलहाल यहां पर भंडारण टैंक का निर्माण कार्य चल रहा है। 800 एमएम की पाइपलाइन डालने से पेयजल का पर्याप्त मात्रा में भंडारण हो सकेगा और वार्डों की करीब 48 हजार की आबादी को पेयजल किल्लत से राहत मिल जाएगी।
- घिकाड़ा जलघर से जोड़ी जानी हैं शहरी कॉलोनियां
विभाग गांव घिकाड़ा के जलघर को भी अपग्रेड करवा रहा है। इस जलघर से शहर के बाहरी क्षेत्र की कॉलोनियां जोड़ी जानी हैं। कॉलोनियों तक पेयजल आपूर्ति करने के लिए दो बूस्टिंग स्टेशन भी बनाए जाने हैं, जिनमें से एक का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जबकि दूसरे की जगह चयन संबंधी प्रक्रिया अभी सिरे नहीं चढ़ी है।
नागरिकों को पेयजल संकट से राहत दिलाने और गर्मी में पानी भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए विभाग दो वाटर वर्क्स तक पहले की अपेक्षा मोटी पाइपलाइन बिछा रहा है। जल्द ही कार्य पूरा हो जाएगा। जून माह से इसी पाइपलाइन से जलघरों के भंडारण टैंकों तक पानी पहुंचाने की योजना है।
-धीरेंद्र सांगवान, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग