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जिले को बावल और भिवानी से मिल रही कोरोना संक्रमितों के प्राणों की संजीवनी
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कोरोना के बढ़ते प्रकोप और संक्रमितों की लगातार हो रही मौतों को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुटा है। ऑक्सीजन की बढ़ती खपत को देखते हुए बावल और भिवानी से ऑक्सीजन सिलिंडर मंगवाएं जा रहे हैं। जिले में दो जगहों से 194 ऑक्सीजन सिलिंडर की खेप पहुंच चुकी है।
उल्लेखनीय है कि जिले को एक टन ऑक्सीजन का दैनिक कोटा आवंटित हुआ है। पिछले तीन दिनों से जिले में ऑक्सीजन की डिमांड और खपत भी बढ़ी है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ऑक्सीजन सिलिंडरों की संख्या बढ़ाने में जुटा है। शुक्रवार को 110 सिलिंडरों से भरी दो गाड़ियां बावल भेजी गई थीं और ये गाड़ियां वापस जिले में आ चुकी हैं। इसके अलावा ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए तीन गाड़ियां भिवानी भेजी गई थीं और ये गाड़ियां भी सिलिंडर लेकर वापस आ चुकी हैं। ऐसे में हाल ही में बावल और भिवानी से 194 ऑक्सीजन सिलिंडर मिले हैं, जो कोरोना संक्रमितों की प्राण संजीवनी का काम करेंगे। फिलहाल जिले में ऑक्सीजन की किल्लत नहीं है और प्रशासन के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग बेड संख्या भी बढ़ाने में जुटा है।
700 सीबीएम पहुंची दैनिक खपत : विभागीय सूत्रों के अनुसार पिछले दो दिनों से ऑक्सीजन सिलिंडरों की डिमांड बढ़ी है। 29 अप्रैल को 50 ऑक्सीजन सिलिंडर रीफिल हुए जबकि 30 अप्रैल को 115 ऑक्सीजन सिलिंडर रीफिल हुए। पिछले दो दिनों से ऑक्सीजन की खपत करीब 700 सीबीएम (क्यूबिक मीटर) पहुंची हुई है। राहत की बात ये है कि जिले में ऑक्सीजन सिलिंडर फिलहाल पर्याप्त मात्रा में हैं।
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एक प्लांट में बची है ढाई टन ऑक्सीजन : शहर में ऑक्सीजन सिलिंडरों के तीन प्राइवेट प्लांट हैं। इनमें से एक प्लांट में पांच टन ऑक्सीजन बची थी और इसके संचालन पर अब प्रशासन नजर रख रहा है। फिलहाल इस प्लांट में करीब ढाई टन ऑक्सीजन बची हुई है और प्रशासन के प्रयास भी लगातार जारी हैं।
हमारे पास पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। जिले का दैनिक कोटा एक टन तय हुआ है और खपत के अनुसार इसमें बढ़ोतरी करवा दी जाएगी। -संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, चरखी दादरी
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उल्लेखनीय है कि जिले को एक टन ऑक्सीजन का दैनिक कोटा आवंटित हुआ है। पिछले तीन दिनों से जिले में ऑक्सीजन की डिमांड और खपत भी बढ़ी है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ऑक्सीजन सिलिंडरों की संख्या बढ़ाने में जुटा है। शुक्रवार को 110 सिलिंडरों से भरी दो गाड़ियां बावल भेजी गई थीं और ये गाड़ियां वापस जिले में आ चुकी हैं। इसके अलावा ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए तीन गाड़ियां भिवानी भेजी गई थीं और ये गाड़ियां भी सिलिंडर लेकर वापस आ चुकी हैं। ऐसे में हाल ही में बावल और भिवानी से 194 ऑक्सीजन सिलिंडर मिले हैं, जो कोरोना संक्रमितों की प्राण संजीवनी का काम करेंगे। फिलहाल जिले में ऑक्सीजन की किल्लत नहीं है और प्रशासन के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग बेड संख्या भी बढ़ाने में जुटा है।
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700 सीबीएम पहुंची दैनिक खपत : विभागीय सूत्रों के अनुसार पिछले दो दिनों से ऑक्सीजन सिलिंडरों की डिमांड बढ़ी है। 29 अप्रैल को 50 ऑक्सीजन सिलिंडर रीफिल हुए जबकि 30 अप्रैल को 115 ऑक्सीजन सिलिंडर रीफिल हुए। पिछले दो दिनों से ऑक्सीजन की खपत करीब 700 सीबीएम (क्यूबिक मीटर) पहुंची हुई है। राहत की बात ये है कि जिले में ऑक्सीजन सिलिंडर फिलहाल पर्याप्त मात्रा में हैं।
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एक प्लांट में बची है ढाई टन ऑक्सीजन : शहर में ऑक्सीजन सिलिंडरों के तीन प्राइवेट प्लांट हैं। इनमें से एक प्लांट में पांच टन ऑक्सीजन बची थी और इसके संचालन पर अब प्रशासन नजर रख रहा है। फिलहाल इस प्लांट में करीब ढाई टन ऑक्सीजन बची हुई है और प्रशासन के प्रयास भी लगातार जारी हैं।
हमारे पास पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। जिले का दैनिक कोटा एक टन तय हुआ है और खपत के अनुसार इसमें बढ़ोतरी करवा दी जाएगी। -संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, चरखी दादरी