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Charkhi Dadri News: भविष्य की सिंचाई...उपचारित जल से बढ़ेगी धरती की साख, गिरते भूजल सुधार के लिए 30 करोड़ की लागत से बिछाई जाएगी पाइपलाइन

Tue, 02 Jun 2026 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 02 Jun 2026 11:38 PM IST
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Future irrigation... the Earth's reputation will increase with treated water, a pipeline will be laid at a cost of 30 crore to improve falling groundwater
चरखी दादरी। जिले में गिरते भूजल स्तर को सुधारने और पानी की बर्बादी को रोकने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी योजना पर काम शुरू किया है। इसके तहत गांव समसपुर और गांव रामनगर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से साफ होने वाले पानी (उपचारित पानी) को दोबारा उपयोग में लाने के लिए करीब 30 करोड़ रुपये का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। योजना के अंतर्गत एसटीपी से अलग पाइपलाइन बिछाकर इस पानी को निर्माण कार्यों, हाईवे के पौधों और किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
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दिल्ली रोड एसटीपी : निर्माण कार्यों और हाईवे के लिए पानी
शहर के दिल्ली रोड (गांव समसपुर) स्थित एसटीपी में आने वाले दूषित पानी को वैज्ञानिक विधि से साफ किया जाएगा। इस उपचारित पानी को नेशनल हाईवे पर पौधों की सिंचाई और शहर में चल रहे निर्माण कार्यों में इस्तेमाल करने की योजना है। इससे निर्माण कार्यों में पीने के साफ पानी की बर्बादी रुकेगी, हाईवे के रख-रखाव के लिए स्थाई जल स्रोत मिलेगा और शहरवासियों को पेयजल की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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रामनगर एसटीपी : खेतों तक पहुंचेगा पानी, बढ़ेगी उपजाऊ क्षमता
दूसरी ओर, गांव रामनगर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी को पूरी तरह से कृषि क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाएगा। विभाग इस प्लांट से खेतों तक विशेष पाइपलाइन बिछाएगा ताकि आसपास के किसान सिंचाई के लिए इसका लाभ उठा सकें। विशेषज्ञों के अनुसार उपचारित पानी फसलों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें मौजूद पोषक तत्व मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को भी बढ़ाते हैं। इससे किसानों की ट्यूबवेल और भूजल पर निर्भरता काफी कम होगी।
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उपचारित पानी का 100 प्रतिशत सदुपयोग हो सकेगा
जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस योजना से उपचारित पानी का 100 प्रतिशत सदुपयोग हो सकेगा। निर्माण कार्यों और सिंचाई में ताजे पानी के इस्तेमाल पर रोक लगने से गिरते ग्राउंड वाटर लेवल को थामने में बड़ी मदद मिलेगी। फिलहाल परियोजना के लिए करीब 30 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में भूजल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में जनस्वास्थ्य विभाग की यह पहल शहर के लिए लाइफलाइन साबित हो सकती है। 30 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को प्रशासनिक मंजूरी मिलते ही पाइपलाइन बिछाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। - मुकेश कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, दादरी।
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