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Charkhi Dadri News: ड्रॉप आउट विद्यार्थियों के लिए शुरू हुआ पहला एसटीसी
Mon, 23 Dec 2024 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 23 Dec 2024 12:41 AM IST
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खास खबर::
पेज चार के लीड:
शिक्षा विभाग की ओर से पढ़ाई से वंचित विद्यार्थियों को शिक्षित करने के लिए शुरू की गई मुहिम
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिला शिक्षा विभाग की ओर से ड्रॉप आउट विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने के लिए मुहिम शुरू की गई है। विभाग की ओर से जिले में पहले एसटीसी यानी स्पेशल टीचिंग सेंटर की शुरुआत की गई है। इसमें प्रतिदिन 14 विद्यार्थी पढ़ने के लिए आ रहे हैं।
एडीसी विश्वजीत चौधरी के निर्देशानुसार जिले में किसी कारण बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों के लिए ड्रॉप आउट योजना तैयार की गई थी। इसके तहत पढ़ाई से वंचित विद्यार्थियों को इस मुहिम से जोड़कर शिक्षा प्रदान करना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है। इसके तहत हर खंड में एक-एक एसटीसी खोले जाने की योजना है। फिलहाल, एडीसी की ओर से दादरी खंड में पहला एसटीसी खोलने की अनुमति दी गई है।
अब शहर के बधवाना गेट स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल में सेंटर बनाया गया है। इसमें एक शिक्षक की तैनाती की गई है। फिलहाल, 14 विद्यार्थी प्राथमिक स्तर पर सेंटर में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसमें उन्हें अन्य विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जा रहा है, लेकिन, इसमें उनका पढ़ाने का तरीका कुछ अलग है। कार्य के लिए किसी विद्यार्थी पर दबाव नहीं बनाया जाता है। उन्हें पढ़ने के लिए रोचक तरीके अपनाकर शिक्षा से जोड़ा जा रहा है।
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- स्वयंसेवक शिक्षक लगाएंगे कक्षाएं
एसटीसी विभाग की ओर से स्वयंसेवक शिक्षक की व्यवस्था की गई है। इसमें जो स्वयंसेवक इस कार्य को करना चाहते थे, विभाग की ओर से उनका पंजीकरण किया गया। इसमें योजना के अनुसार 30 विद्यार्थियों के लिए एक शिक्षक तैनात किया गया है। अगर सेंटर पर इससे अधिक विद्यार्थी होते हैं तो फिर दो शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
- ड्रॉप विद्यार्थियों की सूची तैयार कर बना रहे संपर्क
विभाग की ओर से ड्रॉप आउट विद्यार्थियों का डाटा हर स्कूल के अनुसार एमआईएस पोर्टल पर डाला जाता है। इसमें सभी स्कूलों से ड्रॉप आउट विद्यार्थियों की सूची तैयार कर स्वयंसेवक शिक्षकों को दी गई है। वह सूची में नाम-पता अनुसार उनके घर जाकर संपर्क करते हैं। परिजनों से बातचीत के बाद सेंटर में आने के लिए उनका नाम पंजीकृत करते हैं।
वर्सन:
पहले एसटीसी की खंड में शुरुआत की गई है। इसमें शिक्षक भी तैनात है। विद्यार्थियों की संख्या भी समय अनुसार बढ़ जाएगी। फिलहाल, ड्रॉप आउट विद्यार्थियों से संपर्क किया जा रहा है। उन्हें पढ़ने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
-नवीन नारा, डीईईओ, शिक्षा विभाग
फोटो-06
शहर के बधवाना गेट स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला व एसटीसी। संवाद
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शिक्षा विभाग की ओर से पढ़ाई से वंचित विद्यार्थियों को शिक्षित करने के लिए शुरू की गई मुहिम
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिला शिक्षा विभाग की ओर से ड्रॉप आउट विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने के लिए मुहिम शुरू की गई है। विभाग की ओर से जिले में पहले एसटीसी यानी स्पेशल टीचिंग सेंटर की शुरुआत की गई है। इसमें प्रतिदिन 14 विद्यार्थी पढ़ने के लिए आ रहे हैं।
एडीसी विश्वजीत चौधरी के निर्देशानुसार जिले में किसी कारण बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों के लिए ड्रॉप आउट योजना तैयार की गई थी। इसके तहत पढ़ाई से वंचित विद्यार्थियों को इस मुहिम से जोड़कर शिक्षा प्रदान करना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है। इसके तहत हर खंड में एक-एक एसटीसी खोले जाने की योजना है। फिलहाल, एडीसी की ओर से दादरी खंड में पहला एसटीसी खोलने की अनुमति दी गई है।
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अब शहर के बधवाना गेट स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल में सेंटर बनाया गया है। इसमें एक शिक्षक की तैनाती की गई है। फिलहाल, 14 विद्यार्थी प्राथमिक स्तर पर सेंटर में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसमें उन्हें अन्य विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जा रहा है, लेकिन, इसमें उनका पढ़ाने का तरीका कुछ अलग है। कार्य के लिए किसी विद्यार्थी पर दबाव नहीं बनाया जाता है। उन्हें पढ़ने के लिए रोचक तरीके अपनाकर शिक्षा से जोड़ा जा रहा है।
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- स्वयंसेवक शिक्षक लगाएंगे कक्षाएं
एसटीसी विभाग की ओर से स्वयंसेवक शिक्षक की व्यवस्था की गई है। इसमें जो स्वयंसेवक इस कार्य को करना चाहते थे, विभाग की ओर से उनका पंजीकरण किया गया। इसमें योजना के अनुसार 30 विद्यार्थियों के लिए एक शिक्षक तैनात किया गया है। अगर सेंटर पर इससे अधिक विद्यार्थी होते हैं तो फिर दो शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
- ड्रॉप विद्यार्थियों की सूची तैयार कर बना रहे संपर्क
विभाग की ओर से ड्रॉप आउट विद्यार्थियों का डाटा हर स्कूल के अनुसार एमआईएस पोर्टल पर डाला जाता है। इसमें सभी स्कूलों से ड्रॉप आउट विद्यार्थियों की सूची तैयार कर स्वयंसेवक शिक्षकों को दी गई है। वह सूची में नाम-पता अनुसार उनके घर जाकर संपर्क करते हैं। परिजनों से बातचीत के बाद सेंटर में आने के लिए उनका नाम पंजीकृत करते हैं।
वर्सन:
पहले एसटीसी की खंड में शुरुआत की गई है। इसमें शिक्षक भी तैनात है। विद्यार्थियों की संख्या भी समय अनुसार बढ़ जाएगी। फिलहाल, ड्रॉप आउट विद्यार्थियों से संपर्क किया जा रहा है। उन्हें पढ़ने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
-नवीन नारा, डीईईओ, शिक्षा विभाग
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शहर के बधवाना गेट स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला व एसटीसी। संवाद