{"_id":"67eed1fed04c81d7100cdd39","slug":"expiry-date-batteries-closed-charkhi-dadri-news-c-126-1-shsr1011-134566-2025-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: चार साल पुरानी एक्सपायरी डेट की बैट्रियां हुईं बंद, सर्वर ठप होने से 600 मरीज हुए परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: चार साल पुरानी एक्सपायरी डेट की बैट्रियां हुईं बंद, सर्वर ठप होने से 600 मरीज हुए परेशान
Thu, 03 Apr 2025 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 03 Apr 2025 11:52 PM IST
विज्ञापन
लैब में सर्वर ठप होने के बाद ऑफलाइन रिपोर्ट सौंपते हुएं। संवाद
फोटो : 17 लैब में सर्वर ठप होने के बाद ऑफलाइन रिपोर्ट सौंपते कर्मचारी। संवाद
फोटो: 18 दवा काउंटर में बंद पड़ा कंप्यूटर। संवाद
फोटो: 19 ओपीडी पर्ची कक्ष में बंद पड़े कंप्यूटर।
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। नागरिक अस्पताल स्थित पुराने भवन में सर्वर की बैट्रियां ठप होने के कारण ई-उपचार सुविधाएं बंद रहीं। इससे अस्पताल में 600 मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मरीजों को ओपीडी पर्ची के लिए आपात वार्ड का रुख करना पड़ा। वहीं, खून जांच की 150 से अधिक मरीजों को ऑफलाइन रिपोर्ट दी गई। चिकित्सकों को उपचार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वीरवार सुबह साढ़े 10 बजे ओपीडी भवन में मरीजों की सुविधा के लिए लगाए गए ई-उपचार सर्वर की 4 साल पुरानी सभी 20 बैट्रियां ठप हो गईं। इसके चलते सभी ओपीडी कक्ष और कंप्यूटर बंद हो गए। 600 मरीजों को भाग-दौड़ का सामना करना पड़ा।
अस्पताल के पुराने भवन में 28 अक्तूबर 2021 को सर्वर की इन बैट्रियों को बदला गया था। बताया गया है कि बैट्री दो साल बाद एक्सपायर हो जाती है। सर्वर को चालू रखने के लिए बैट्रियों को बदलना पड़ता है। लापरवाही के चलते 4 साल गुजर जाने के बाद भी एक्सपायरी बैट्रियों से काम चलाया गया।
विज्ञापन
मरीजों की खून की जांच रही प्रभावित
नागरिक अस्पताल स्थित लैब में प्रतिदिन 300 से अधिक मरीजों की खून की जांच की जाती है। वीरवार को सर्वर ठप हाेने के कारण 85 से अधिक खून के नमूनों की जांच प्रभावित हुई। वहीं, 50 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी खून की जांच नहीं हो पाई। 30 से अधिक मरीजों को रिपोर्ट नहीं दी गई।
फार्मासिस्ट ने कागज पर बनाया दवा वितरण रिकॉर्ड
अस्पताल में प्रतिदिन लगभग एक हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं। इस दौरान अस्पताल से दवा लेने के लिए भी मरीजों की लंबी कतार लग जाती है। ऐसे में सर्वर ठप होने के कारण फार्मासिस्ट को वितरित की गईं दवाओं का रिकॉर्ड भी कागज पर लिखना पड़ा।
पुराने भवन में लगे हैं 20 कंप्यूटर
अस्पताल के पुराने भवन में बनी ओपीडी पर्ची कक्ष में 4 कंप्यूटर से काम होता है। दवा काउंटर में 3, दंत चिकित्सक कक्ष में 2, सर्जरी जरनल में 1, ऑर्थो में 2, नेत्र चिकित्सक कक्ष में 1, रक्त जांच लैब में 2, मुख्य दवा स्टोर में 1, ब्लड बैंक में 1, फिजियोथेरेपी कक्ष में 1, एसएमओ कक्ष में 1 और डीएमएस कक्ष में एक कंप्यूटर लगा है।
इस अवधि में बदली गई थीं सर्वर संबंधी बैट्रियां
नागरिक अस्पताल में 31 जनवरी 2019 को पहली बार ई-उपचार शुरू करने के लिए बैट्रियां लगाई गई थीं। इसके दो साल बाद इनके एक्सपायर होने के बाद 28 अक्तूबर 2021 को बदल कर नई लगाई गई थीं। चार साल गुजर जाने के बाद भी एक्सपायर हुईं बैट्रियों को बदलने के बारे में ध्यान नहीं दिया गया।
वर्सन:
हमने संबंधित एजेंसी की तकनीकी टीम को समस्या से अवगत करवा दिया है। शुक्रवार को टीम जांच करेगी। उसके बाद समस्या का समाधान हो सकेगा।
-डॉ. राहुल अरोड़ा, प्रवक्ता अस्पताल प्रशासन
विज्ञापन
फोटो: 18 दवा काउंटर में बंद पड़ा कंप्यूटर। संवाद
फोटो: 19 ओपीडी पर्ची कक्ष में बंद पड़े कंप्यूटर।
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। नागरिक अस्पताल स्थित पुराने भवन में सर्वर की बैट्रियां ठप होने के कारण ई-उपचार सुविधाएं बंद रहीं। इससे अस्पताल में 600 मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मरीजों को ओपीडी पर्ची के लिए आपात वार्ड का रुख करना पड़ा। वहीं, खून जांच की 150 से अधिक मरीजों को ऑफलाइन रिपोर्ट दी गई। चिकित्सकों को उपचार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वीरवार सुबह साढ़े 10 बजे ओपीडी भवन में मरीजों की सुविधा के लिए लगाए गए ई-उपचार सर्वर की 4 साल पुरानी सभी 20 बैट्रियां ठप हो गईं। इसके चलते सभी ओपीडी कक्ष और कंप्यूटर बंद हो गए। 600 मरीजों को भाग-दौड़ का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
अस्पताल के पुराने भवन में 28 अक्तूबर 2021 को सर्वर की इन बैट्रियों को बदला गया था। बताया गया है कि बैट्री दो साल बाद एक्सपायर हो जाती है। सर्वर को चालू रखने के लिए बैट्रियों को बदलना पड़ता है। लापरवाही के चलते 4 साल गुजर जाने के बाद भी एक्सपायरी बैट्रियों से काम चलाया गया।
विज्ञापन
मरीजों की खून की जांच रही प्रभावित
नागरिक अस्पताल स्थित लैब में प्रतिदिन 300 से अधिक मरीजों की खून की जांच की जाती है। वीरवार को सर्वर ठप हाेने के कारण 85 से अधिक खून के नमूनों की जांच प्रभावित हुई। वहीं, 50 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी खून की जांच नहीं हो पाई। 30 से अधिक मरीजों को रिपोर्ट नहीं दी गई।
फार्मासिस्ट ने कागज पर बनाया दवा वितरण रिकॉर्ड
अस्पताल में प्रतिदिन लगभग एक हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं। इस दौरान अस्पताल से दवा लेने के लिए भी मरीजों की लंबी कतार लग जाती है। ऐसे में सर्वर ठप होने के कारण फार्मासिस्ट को वितरित की गईं दवाओं का रिकॉर्ड भी कागज पर लिखना पड़ा।
पुराने भवन में लगे हैं 20 कंप्यूटर
अस्पताल के पुराने भवन में बनी ओपीडी पर्ची कक्ष में 4 कंप्यूटर से काम होता है। दवा काउंटर में 3, दंत चिकित्सक कक्ष में 2, सर्जरी जरनल में 1, ऑर्थो में 2, नेत्र चिकित्सक कक्ष में 1, रक्त जांच लैब में 2, मुख्य दवा स्टोर में 1, ब्लड बैंक में 1, फिजियोथेरेपी कक्ष में 1, एसएमओ कक्ष में 1 और डीएमएस कक्ष में एक कंप्यूटर लगा है।
इस अवधि में बदली गई थीं सर्वर संबंधी बैट्रियां
नागरिक अस्पताल में 31 जनवरी 2019 को पहली बार ई-उपचार शुरू करने के लिए बैट्रियां लगाई गई थीं। इसके दो साल बाद इनके एक्सपायर होने के बाद 28 अक्तूबर 2021 को बदल कर नई लगाई गई थीं। चार साल गुजर जाने के बाद भी एक्सपायर हुईं बैट्रियों को बदलने के बारे में ध्यान नहीं दिया गया।
वर्सन:
हमने संबंधित एजेंसी की तकनीकी टीम को समस्या से अवगत करवा दिया है। शुक्रवार को टीम जांच करेगी। उसके बाद समस्या का समाधान हो सकेगा।
-डॉ. राहुल अरोड़ा, प्रवक्ता अस्पताल प्रशासन