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Charkhi Dadri News: दो साल से ईएनटी की तैनाती का इंतजार, मरीज रेफर किए जा रहे दूसरे जिलों में
Fri, 23 May 2025 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 23 May 2025 12:52 AM IST
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दादरी नागरिक अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीज। संवाद
फोटो 20
दादरी नागरिक अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीज। संवाद
- दो साल के अंदर आंख, नाक व गला के 8,000 से अधिक मरीज किए जा चुके रेफर, सरकार अब तक नहीं कर पाई तैनाती
- मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी जिले के मरीजों को काटने पड़ रहे रोहतक पीजीआई के चक्कर
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी नागरिक अस्पताल में दो साल से ईएनटी (आंख, नाक व गला विशेषज्ञ) का पद खाली पड़ा है। मजबूरीवश जिला स्वास्थ्य विभाग मरीजों को उपचार के लिए रोहतक पीजीआई रेफर कर रहा है। वहां आने-जाने में करीब 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। प्रतिदिन औसतन 15 मरीज रेफर किए जा रहे हैं।
सबसे अधिक दिक्कतें मेडिकल प्रमाणपत्र बनवाने वालों को आ रही हैं। एक विशेष राय लेने के लिए उन्हें रोहतक की भाग-दौड़ करनी पड़ती है। इसमें सारा दिन बीत जाता है। पीएचसी और सीएचसी पर ईएनटी का पद सृजित नहीं है। यह पद केवल दादरी नागरिक अस्पताल में है। ऐसे में जिले के 167 गांवों के लोग कान, गला और नाक संबंधी बीमारियों के उपचार के लिए दादरी नागरिक अस्पताल पर ही निर्भर हैं।
दूसरी ओर, पिछले 24 माह से नागरिक अस्पताल में ईएनटी का पद खाली पड़ा है। इससे मरीजों को रेफर कर काम चलाया जा रहा है। इस समय अवधि में करीब 8,000 से अधिक मरीजों को रेफर किया जा चुका है।
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वहीं, रोहतक पीजीआई की भाग-दौड़ से बचने के लिए मरीज शहर के निजी स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर अपना उपचार कराने के लिए विवश हैं। इसके बदले उन्हें जेब ढीली करनी पड़ रही है।
मुख्यालय भेजी मांग, अब तक नहीं हुई तैनाती
जिला स्वास्थ्य विभाग ईएनटी की तैनाती के लिए मुख्यालय छह मांग भेज चुका है। अब तक तैनाती होने का इंतजार बरकरार है। दूसरी ओर, नागरिक अस्पताल से मरीजों को रेफर करने का सिलसिला थम नहीं रहा है।
- विधायक ने भी मांगा था ब्योरा
सुनील सांगवान ने विधायक बनने के तुरंत बाद नागरिक अस्पताल का दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से बैठक कर संसाधनों की कमी और विशेषज्ञों के खाली पदों का ब्योरा मांगा था। उसके बाद जिले को कई मेडिकल ऑफिसर और कुछ विशेषज्ञ भी मिले, लेकिन, इनमें ईएनटी शामिल नहीं है।
मरीज बोले- ईएनटी समेत सभी विशेषज्ञों की हो तैनाती
नागरिक अस्पताल पहुंचे मरीज रामकिशन, रोहताश, कविता, पूजा, भारती और मोनिका का कहना है कि दादरी नागरिक अस्पताल में जिलास्तर की तमाम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। फिलहाल, जिला नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञों की कमी है। इससे मरीजों को रेफर किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग और सरकार को इस तरफ ध्यान देकर विशेषज्ञों की तैनाती कर खाली पदों को भरना चाहिए।
वर्सन:
ईएनटी का पद खाली होने से मजबूरीवश कान, नाक और गला के मरीजों को रेफर किया जा रहा है। जल्द ही ईएनटी की तैनाती होने की उम्मीद है। उसके तुरंत बाद ओपीडी सेवा शुरू कर दी जाएगी।
-डॉ. राहुल अरोड़ा, डिप्टी सीएमओ एवं प्रवक्ता, जिला स्वास्थ्य विभाग
फोटो 07
शहर स्थित नागरिक अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीज। संवाद
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दादरी नागरिक अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीज। संवाद
- दो साल के अंदर आंख, नाक व गला के 8,000 से अधिक मरीज किए जा चुके रेफर, सरकार अब तक नहीं कर पाई तैनाती
- मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी जिले के मरीजों को काटने पड़ रहे रोहतक पीजीआई के चक्कर
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी नागरिक अस्पताल में दो साल से ईएनटी (आंख, नाक व गला विशेषज्ञ) का पद खाली पड़ा है। मजबूरीवश जिला स्वास्थ्य विभाग मरीजों को उपचार के लिए रोहतक पीजीआई रेफर कर रहा है। वहां आने-जाने में करीब 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। प्रतिदिन औसतन 15 मरीज रेफर किए जा रहे हैं।
सबसे अधिक दिक्कतें मेडिकल प्रमाणपत्र बनवाने वालों को आ रही हैं। एक विशेष राय लेने के लिए उन्हें रोहतक की भाग-दौड़ करनी पड़ती है। इसमें सारा दिन बीत जाता है। पीएचसी और सीएचसी पर ईएनटी का पद सृजित नहीं है। यह पद केवल दादरी नागरिक अस्पताल में है। ऐसे में जिले के 167 गांवों के लोग कान, गला और नाक संबंधी बीमारियों के उपचार के लिए दादरी नागरिक अस्पताल पर ही निर्भर हैं।
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दूसरी ओर, पिछले 24 माह से नागरिक अस्पताल में ईएनटी का पद खाली पड़ा है। इससे मरीजों को रेफर कर काम चलाया जा रहा है। इस समय अवधि में करीब 8,000 से अधिक मरीजों को रेफर किया जा चुका है।
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वहीं, रोहतक पीजीआई की भाग-दौड़ से बचने के लिए मरीज शहर के निजी स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर अपना उपचार कराने के लिए विवश हैं। इसके बदले उन्हें जेब ढीली करनी पड़ रही है।
मुख्यालय भेजी मांग, अब तक नहीं हुई तैनाती
जिला स्वास्थ्य विभाग ईएनटी की तैनाती के लिए मुख्यालय छह मांग भेज चुका है। अब तक तैनाती होने का इंतजार बरकरार है। दूसरी ओर, नागरिक अस्पताल से मरीजों को रेफर करने का सिलसिला थम नहीं रहा है।
- विधायक ने भी मांगा था ब्योरा
सुनील सांगवान ने विधायक बनने के तुरंत बाद नागरिक अस्पताल का दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से बैठक कर संसाधनों की कमी और विशेषज्ञों के खाली पदों का ब्योरा मांगा था। उसके बाद जिले को कई मेडिकल ऑफिसर और कुछ विशेषज्ञ भी मिले, लेकिन, इनमें ईएनटी शामिल नहीं है।
मरीज बोले- ईएनटी समेत सभी विशेषज्ञों की हो तैनाती
नागरिक अस्पताल पहुंचे मरीज रामकिशन, रोहताश, कविता, पूजा, भारती और मोनिका का कहना है कि दादरी नागरिक अस्पताल में जिलास्तर की तमाम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। फिलहाल, जिला नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञों की कमी है। इससे मरीजों को रेफर किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग और सरकार को इस तरफ ध्यान देकर विशेषज्ञों की तैनाती कर खाली पदों को भरना चाहिए।
वर्सन:
ईएनटी का पद खाली होने से मजबूरीवश कान, नाक और गला के मरीजों को रेफर किया जा रहा है। जल्द ही ईएनटी की तैनाती होने की उम्मीद है। उसके तुरंत बाद ओपीडी सेवा शुरू कर दी जाएगी।
-डॉ. राहुल अरोड़ा, डिप्टी सीएमओ एवं प्रवक्ता, जिला स्वास्थ्य विभाग
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शहर स्थित नागरिक अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीज। संवाद