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जरूरतमंद बच्चों की जिंदगी में परिवर्तन ला रही शिक्षित बेटियां
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गरीब बच्चों को पढ़ातीं अंजू आर्या ।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। समाज में परिवर्तन लाना है, तो बच्चों का शिक्षित होना जरूरी है। इस उद्देश्य से शहर की शिक्षित बेटियां परिवर्तन वेलफेयर सोसायटी का गठन कर जरूरतमंद बच्चों की जिंदगी में शिक्षा का रंग भरने का काम रहीं हैं। ये बेटियां पिछले तीन साल से झुग्गी, पिछड़ी बस्तियों के बच्चों को शिक्षित कर समाज की मुख्यधारा में शामिल करने में जुटी हुईं हैं।
परिवर्तन वेलफेयर सोसायटी की अध्यक्ष अंजू आर्य ने कहा कि बिना शिक्षा के समाज कभी भी प्रगति की राह पर नहीं चल सकता। बहुत से बच्चे आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा पाने के अधिकार से वंचित रह जाते हैं। इसी उद्देश्य से उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर परिवर्तन वेलफेयर सोसायटी गठन किया। सोसायटी की सदस्य झुग्गी झोपड़ियों व पिछड़ी बस्तियों के बच्चों को पहली से पांचवीं तक शिक्षित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सोसायटी अब तक 350 बच्चों को शिक्षा दे चुकी है। उनकी कक्षा में फिलहाल 50 बच्चे शिक्षा ले रहे हैं। अंजू ने बताया कि कागजात के कारण किसी बच्चे को दाखिला लेने में दिक्कत आती है या फिर अन्य दिक्कत आती है तो संस्था उनका समाधान करवाने को तत्पर रहती है।
ये बोलीं संस्था की सदस्य
मुझे जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाने से सुकून मिलता है। जरूरतमंद बच्चे अगर शिक्षित होंगे तो वे भी समाज की मुख्यधारा में शामिल हो जाएंगे। इससे समाज का समान रूप से विकास हो सकेगा। शिक्षा ही समाज की प्रगति का आभार है। किरण सांगवान, संस्था सदस्य।
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शिक्षा से ही बच्चे का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है। इसलिए मैं संस्था के साथ जुड़कर जरूरतमंदों बच्चों को शिक्षा देने में जुटी हुई हूं। हम होली पर ऐसे सामजिक कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए, ताकि दूसरों की जिंदगी में भी खुशियों के रंग भरे जा सकें। कृष्णा, सोसायटी सदस्य।
शिक्षा ही एक सभ्य समाज का आधार है। ऐसे में सभी का शिक्षित होना जरूरी है। शहर की झुग्गियों में काफी बच्चे शिक्षित से वंचित रह जाते हैं। ऐसे ही बच्चों को शिक्षित कर उन्हें मुख्यधारा में लाने के मैं प्रयासरत हूं। सोसायटी सदस्यों के मैं भी जरूरत मंद बच्चों को शिक्षित करने में जुटी हुईं हूं। हम बस प्रयास कर रहे हैं, जितने बच्चे शिक्षा लेकर सफल होंगे, हमारा प्रयास उतना ही सफल होगा। मंजू, सोसायटी सदस्य।
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परिवर्तन वेलफेयर सोसायटी की अध्यक्ष अंजू आर्य ने कहा कि बिना शिक्षा के समाज कभी भी प्रगति की राह पर नहीं चल सकता। बहुत से बच्चे आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा पाने के अधिकार से वंचित रह जाते हैं। इसी उद्देश्य से उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर परिवर्तन वेलफेयर सोसायटी गठन किया। सोसायटी की सदस्य झुग्गी झोपड़ियों व पिछड़ी बस्तियों के बच्चों को पहली से पांचवीं तक शिक्षित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सोसायटी अब तक 350 बच्चों को शिक्षा दे चुकी है। उनकी कक्षा में फिलहाल 50 बच्चे शिक्षा ले रहे हैं। अंजू ने बताया कि कागजात के कारण किसी बच्चे को दाखिला लेने में दिक्कत आती है या फिर अन्य दिक्कत आती है तो संस्था उनका समाधान करवाने को तत्पर रहती है।
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ये बोलीं संस्था की सदस्य
मुझे जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाने से सुकून मिलता है। जरूरतमंद बच्चे अगर शिक्षित होंगे तो वे भी समाज की मुख्यधारा में शामिल हो जाएंगे। इससे समाज का समान रूप से विकास हो सकेगा। शिक्षा ही समाज की प्रगति का आभार है। किरण सांगवान, संस्था सदस्य।
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शिक्षा से ही बच्चे का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है। इसलिए मैं संस्था के साथ जुड़कर जरूरतमंदों बच्चों को शिक्षा देने में जुटी हुई हूं। हम होली पर ऐसे सामजिक कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए, ताकि दूसरों की जिंदगी में भी खुशियों के रंग भरे जा सकें। कृष्णा, सोसायटी सदस्य।
शिक्षा ही एक सभ्य समाज का आधार है। ऐसे में सभी का शिक्षित होना जरूरी है। शहर की झुग्गियों में काफी बच्चे शिक्षित से वंचित रह जाते हैं। ऐसे ही बच्चों को शिक्षित कर उन्हें मुख्यधारा में लाने के मैं प्रयासरत हूं। सोसायटी सदस्यों के मैं भी जरूरत मंद बच्चों को शिक्षित करने में जुटी हुईं हूं। हम बस प्रयास कर रहे हैं, जितने बच्चे शिक्षा लेकर सफल होंगे, हमारा प्रयास उतना ही सफल होगा। मंजू, सोसायटी सदस्य।