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पेयजल संकट, सिर पर पानी ढोने को मजबूर महिलाएं
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पेयजल किल्लत के चलते सिर पर पानी लेकर आती बच्ची व महिला।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। वार्ड-12 में तीन माह से पेयजल किल्लत बनी हुई है। वार्ड में कभी तीन दिन में तो कभी एक सप्ताह में हो रही पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके चलते महिलाएं सारा दिन सिर पर पानी ढोने का मजबूर हैं। शनिवार को समस्या से परेशान वार्ड के लोगों ने जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ शनिवार को नारेबाजी कर रोष जताया और समस्या से निजात दिलाने की मांग की।
वार्ड निवासी अनीता, सरोज, कमला, सरोज, संतरा, सुदेश, कपूर, रतना, रमेश, नरेश, मोहन, राजेश, रमेश, रोहताश, दीपक, दिनेश, सुनील आदि ने बताया कि वार्ड में पिछले तीन माह से कभी तीन दिन में तो कभी एक सप्ताह में सप्लाई हो रही है। इसके चलते वार्ड में पेयजल संकट बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पुरानी जर्जर पेयजल लाइनें होने के कारण यह समस्या बनी हुई है और विभाग अब तक निजात दिलाने में नाकाम रहा है। आपूर्ति के समय जो पानी आता है वो भी पीने लायक नहीं है। महिलाओं को पीने का पानी दूर-दराज से हैंडपंप से सिर पर लाना पड़ रहा है। वहीं, जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक है वे 450 रुपये में टैंकर खरीदकर काम चला रहे हैं। इसके चलते शनिवार को वार्डवासियों ने जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। उन्होंने प्रशासन और विभाग से समस्या का समाधान करवाने की मांग की है।
पिछले तीन माह से वार्ड की इन गलियों में नियमित अंतराल पर पेयजल की समस्या बनी हुई है। अब भी पिछले एक सप्ताह से इन गलियों में पेयजल आपूर्ति नहीं हुई है। इसकी शिकायत मैं कई बार विभाग के अधिकारियों से कर चुकी हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पेयजल किल्लत के कारण वार्डवासी बेहद परेशान हैं।
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ज्योति देवी, निवर्तमान पार्षद, वार्ड-12
सभी वार्डों में हम नियमित पेयजल आपूर्ति कर रहे है। अगर वार्ड 12 में कोई समस्या है तो कर्मचारी भेजकर दूर करवा दी जाएगी। जर्जर लाइनों को बदलने का एस्टीमेट हम तैयार कर मुख्यालय भेज चुके हैं।
सतमेंद्र, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
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वार्ड निवासी अनीता, सरोज, कमला, सरोज, संतरा, सुदेश, कपूर, रतना, रमेश, नरेश, मोहन, राजेश, रमेश, रोहताश, दीपक, दिनेश, सुनील आदि ने बताया कि वार्ड में पिछले तीन माह से कभी तीन दिन में तो कभी एक सप्ताह में सप्लाई हो रही है। इसके चलते वार्ड में पेयजल संकट बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पुरानी जर्जर पेयजल लाइनें होने के कारण यह समस्या बनी हुई है और विभाग अब तक निजात दिलाने में नाकाम रहा है। आपूर्ति के समय जो पानी आता है वो भी पीने लायक नहीं है। महिलाओं को पीने का पानी दूर-दराज से हैंडपंप से सिर पर लाना पड़ रहा है। वहीं, जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक है वे 450 रुपये में टैंकर खरीदकर काम चला रहे हैं। इसके चलते शनिवार को वार्डवासियों ने जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। उन्होंने प्रशासन और विभाग से समस्या का समाधान करवाने की मांग की है।
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पिछले तीन माह से वार्ड की इन गलियों में नियमित अंतराल पर पेयजल की समस्या बनी हुई है। अब भी पिछले एक सप्ताह से इन गलियों में पेयजल आपूर्ति नहीं हुई है। इसकी शिकायत मैं कई बार विभाग के अधिकारियों से कर चुकी हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पेयजल किल्लत के कारण वार्डवासी बेहद परेशान हैं।
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ज्योति देवी, निवर्तमान पार्षद, वार्ड-12
सभी वार्डों में हम नियमित पेयजल आपूर्ति कर रहे है। अगर वार्ड 12 में कोई समस्या है तो कर्मचारी भेजकर दूर करवा दी जाएगी। जर्जर लाइनों को बदलने का एस्टीमेट हम तैयार कर मुख्यालय भेज चुके हैं।
सतमेंद्र, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग

वार्ड 12 में पेयजल किल्लत के चलते विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते लोग ।- फोटो : CharkhiDadri