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जिले में बनेंगी दो अंडरग्राउंड ड्रेन, जलभराव से मिलेगी निजात, प्रभावित पांच हजार एकड़ जमीन पर भी हो सकेगी बिजाई
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मानसून सीजन के दौरान बनने वाली जलभराव की स्थिति से जिला वासियों को अब निजात मिल सकेगी। सिंचाई विभाग जिले में दो अंडरग्राउंड ड्रेन बनाकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करेगा। इस प्रोजेक्ट पर करीब तीन करोड़ का बजट खर्च आने का अनुमान है। एक सप्ताह में इसके लिए फील्ड सर्वे शुरू हो जाएगी। सर्वे पूरी होने के बाद इसका प्रारूप तैयार कर तीन फीट चौड़ी पाइप लाइन बिछाई जाएगी। जिले में हर साल मानसून सीजन में पांच हजार एकड़ क्षेत्र जलभराव से प्रभावित होता है।
जिले में हर साल मानसून सीजन में जलभराव की वजह से करीब पांच हजार एकड़ जमीन में खरीफ की फसल खराब हो जाती है। खरीफ ही नहीं अगली रबी की बिजाई का काम भी देरी से पूरा हो पाता है जिससे किसानों को हर साल लाखों की चपत लगती रही है। जिले के गांव इमलोटा, अचीना, मोरवाला, सरूपगढ़, भागवी, कंहेटी, सातौर, लोहरवाड़ा, झिंझर, समसपुर, खातीवास, जयश्री, कमोद, मिसरी, रावलधी, चरखी, पैंतावास, मानकावास, पांडवान, बिरही कलां, छपार, फतेहगढ़, साहुवास, बौंदकलां, रणकौली आदि गांवों में हर साल जलभराव की समस्या बनती है जिससे हर साल करोड़ों की सड़कें भी खराब हो जाती हैं। इस एरिया में हर साल नई सड़कें बनानी पड़ती हैं।
इन गांवों में इस समय बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था नहीं है। ज्यादा बारिश होने पर किसान फसलों की बिजाई भी नहीं कर पाते जिससे उन पर दोहरी आर्थिक मार पड़ती है। दो साल पहले सरकार ने जिले में एक बड़ी ड्रेन बनाए जाने की प्लानिंग तैयार की थी लेकिन यह प्रोजेक्ट बाद में खारिज कर दिया था। यह बड़ी ड्रेन 60 हजार फीट लंबी बनाए जाने का प्रस्ताव था लेकिन किसानों द्वारा जमीन दिए जाने से इंकार कर दिया जाए पर इसे ड्रॉप कर दिया गया था।
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इमलोटा-कंहेटी और इमलोटा-दादरी नाम से बनेंगी ड्रेन
अब सिंचाई विभाग जलभराव वाले क्षेत्रों में दो ड्रेनें बनाएगा। इसके तहत गांव इमलोटा-दादरी ड्रेन और इमलोटा कंहेटी ड्रेन बनाई जाएंगी। इस प्लान के तहत गांव इमलोटा स्थित दिल्ली रोड पर होटल के समीप से ड्रेन बनेगी। इसी प्रकार दूसरी इमलोटा-कहेंटी नाम से ड्रेन बनाई जानी है। इसके तहत तीन फीट चौड़ी अंडरग्राउंड पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इस लाइन के जरिए बधवाना नहर में पानी डाला जाएगा ताकि इन गांवों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। एक ड्रेन 7400 फीट लंबी और दूसरी 5400 फीट लंबी बनेेगी। इस प्रकार 12 हजार 800 फीट लंबी ड्रेन का निर्माण होना है।
मानसून सीजन से पहले काम शुरू होने की उम्मीद
ड्रेन निर्माण के लिए एक सप्ताह में सर्वे का काम शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए अधिकारियों द्वारा फील्ड सर्वे पूरी कर इसकेे बजट का निर्धारण किया जाएगा। प्रारंभिक आंकलन के अनुसार इस प्रोजेक्ट पर करीब तीन करोड़ का बजट खर्च होने का अनुमान है। सरकार सेे एप्रूवल मिलते ही बारिश के सीजन से पहले इस काम को पूरा करने की प्लानिंग है ताकि किसानों व आम ग्रामीणों को जलभराव का सामना न करना पड़े।
जल्द ही इसके लिए सर्वेे का काम शुरू होगा जिले में दो ड्रेन बनाई जानी हैं। इन ड्रेनों का पानी बधवाना नहर में डाला जाएगा। यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर किसानों को हर साल के जलभराव की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
दीपक कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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जिले में हर साल मानसून सीजन में जलभराव की वजह से करीब पांच हजार एकड़ जमीन में खरीफ की फसल खराब हो जाती है। खरीफ ही नहीं अगली रबी की बिजाई का काम भी देरी से पूरा हो पाता है जिससे किसानों को हर साल लाखों की चपत लगती रही है। जिले के गांव इमलोटा, अचीना, मोरवाला, सरूपगढ़, भागवी, कंहेटी, सातौर, लोहरवाड़ा, झिंझर, समसपुर, खातीवास, जयश्री, कमोद, मिसरी, रावलधी, चरखी, पैंतावास, मानकावास, पांडवान, बिरही कलां, छपार, फतेहगढ़, साहुवास, बौंदकलां, रणकौली आदि गांवों में हर साल जलभराव की समस्या बनती है जिससे हर साल करोड़ों की सड़कें भी खराब हो जाती हैं। इस एरिया में हर साल नई सड़कें बनानी पड़ती हैं।
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इन गांवों में इस समय बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था नहीं है। ज्यादा बारिश होने पर किसान फसलों की बिजाई भी नहीं कर पाते जिससे उन पर दोहरी आर्थिक मार पड़ती है। दो साल पहले सरकार ने जिले में एक बड़ी ड्रेन बनाए जाने की प्लानिंग तैयार की थी लेकिन यह प्रोजेक्ट बाद में खारिज कर दिया था। यह बड़ी ड्रेन 60 हजार फीट लंबी बनाए जाने का प्रस्ताव था लेकिन किसानों द्वारा जमीन दिए जाने से इंकार कर दिया जाए पर इसे ड्रॉप कर दिया गया था।
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इमलोटा-कंहेटी और इमलोटा-दादरी नाम से बनेंगी ड्रेन
अब सिंचाई विभाग जलभराव वाले क्षेत्रों में दो ड्रेनें बनाएगा। इसके तहत गांव इमलोटा-दादरी ड्रेन और इमलोटा कंहेटी ड्रेन बनाई जाएंगी। इस प्लान के तहत गांव इमलोटा स्थित दिल्ली रोड पर होटल के समीप से ड्रेन बनेगी। इसी प्रकार दूसरी इमलोटा-कहेंटी नाम से ड्रेन बनाई जानी है। इसके तहत तीन फीट चौड़ी अंडरग्राउंड पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इस लाइन के जरिए बधवाना नहर में पानी डाला जाएगा ताकि इन गांवों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। एक ड्रेन 7400 फीट लंबी और दूसरी 5400 फीट लंबी बनेेगी। इस प्रकार 12 हजार 800 फीट लंबी ड्रेन का निर्माण होना है।
मानसून सीजन से पहले काम शुरू होने की उम्मीद
ड्रेन निर्माण के लिए एक सप्ताह में सर्वे का काम शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए अधिकारियों द्वारा फील्ड सर्वे पूरी कर इसकेे बजट का निर्धारण किया जाएगा। प्रारंभिक आंकलन के अनुसार इस प्रोजेक्ट पर करीब तीन करोड़ का बजट खर्च होने का अनुमान है। सरकार सेे एप्रूवल मिलते ही बारिश के सीजन से पहले इस काम को पूरा करने की प्लानिंग है ताकि किसानों व आम ग्रामीणों को जलभराव का सामना न करना पड़े।
जल्द ही इसके लिए सर्वेे का काम शुरू होगा जिले में दो ड्रेन बनाई जानी हैं। इन ड्रेनों का पानी बधवाना नहर में डाला जाएगा। यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर किसानों को हर साल के जलभराव की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
दीपक कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग