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खुलासा: पेयजल सप्लाई के नाम पर घरों में पहुंच रहा %जहर%
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बाल्टी में गिरता सप्लाई में आने वाला दूषित पानी।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग शहर में जो पानी सप्लाई कर रहा है वो लोगों के पीने लायक कतई नहीं है। इस पानी में हैवी मेटल समेत अत्यधिक मात्रा में सोल्यूबल और बैक्टीरिया हैं। यह खुलासा जिला प्रशासन द्वारा करवाई गई पानी की जांच में हुआ है। रेस्ट हाउस से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट बुधवार को ही आई है, जो चौंकाने वाली है। इस रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि नोट फिट फॉर ह्यूमन कंज्प्शन यानि ये पानी इंसानों द्वारा प्रयोग करने लायक नहीं है। इस पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने जनस्वास्थ्य विभाग के जेई और एसडीओ के खिलाफ सिटी थाने में शिकायत दे दी है।
एसडीएम विरेंद्र सिंह ने संवाददाता से बातचीत में बताया कि दादरी शहरवासी लगातार धरनों और अन्य माध्यमों से जिला प्रशासन के समक्ष दूषित पेयजल आपूर्ति और बेपटरी सीवर व्यवस्था की शिकायत करते आ रहे हैं। इन शिकायतों पर संज्ञान लेकर गत एक मार्च को जनस्वास्थ्य विभाग के जेई को रेस्ट हाउस में आने वाली पेयजल आपूर्ति का सैंपल लेने के निर्देश दिए थे। एसडीएम ने बताया कि सात मार्च को जब इस सैंपल की रिपोर्ट जाननी चाही तो पता चला कि रिपोर्ट आई ही नहीं है। इस पर संज्ञान लेते हुए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से दोबारा संपर्क किया गया।
एसडीएम ने बताया कि जेई सतेंद्र को एक और सैंपल लेने की बात कही गई तो उन्होंने यह प्रक्रिया 8 मार्च को पूरी करने का तर्क दिया। इसके बाद वाटर सप्लाई एसडीओ सुरेश से बात की गई तो उन्होंने भी एक दिन बाद सैंपल लेने की बात कही। एसडीएम विरेंद्र सिंह ने बताया कि इसके बाद उन्होंने एक्सईएन एसके त्यागी से इस संबंध में बात की। एक्सईएन ने तुरंत चीफ केमिस्ट को सैंपल लेने के लिए रेस्ट हाउस भेजा। इस सैंपल की रिपोर्ट चौंकाने वाली आई है, जिसमें जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही स्पष्ट उजागर हुई है। इस पर संज्ञान लेते हुए सिटी थाना पुलिस को शिकायत देकर जेई सतेंद्र व एसडीओ सुरेश के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई है।
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नौ मार्च को आई रिपोर्ट
एसडीएम विरेंद्र सिंह के अनुसार सात मार्च को लिए गए दूसरे सैंपल की रिपोर्ट नौ मार्च को आई है। इसे देखकर स्पष्ट है कि पूरे शहर में जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, वो लोगों के स्वास्थ्य के साथ सरेआम खिलवाड़ है। वहीं, एसडीएम ने बताया कि निर्देश देने के बाद भी जेई और एसडीओ ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
ट्यूबवेल के पानी की भी होती है आपूर्ति
बता दें कि भंडारण क्षमता कम होने के चलते जलघरों के टैंक सूखने के बाद विभाग ट्यूबवेलों के पानी की शहर में आपूर्ति करता है। इस पानी की गुणवत्ता तो और खराब है। ट्यूबवेल के पानी का टीडीएस काफी अधिक है और इसे पीने या रसोईघर में प्रयोग नहीं किया जा सकता। प्रत्येक नहरी टर्न आने से पहले ये हालात बनते हैं।
एक दिन छोड़कर होती है आपूर्ति, वो भी नहीं सही
दादरी शहर की अगर बात करें तो कॉलोनियों में जनस्वास्थ्य विभाग एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति करता है। उस दौरान सप्लाई में जो पानी घरों के अंदर पहुंचता है, उसकी गुणवत्ता का पता रेस्ट हाउस से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट को देखकर सहज लगाया जा सकता है। लंबे समय से शहरवासी नियमित पेयजल आपूर्ति की मांग विभाग से कर रहे हैं।
वर्जन
दूषित पेयजल आपूर्ति और सीवर के संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही हैं और इनके चलते ही रेस्ट हाउस से पेयजल आपूर्ति का सैंपल भरवाकर जांच करवाई गई। इसकी रिपोर्ट चौंकाने वाली आई है। मैंने सिटी थाना पुलिस को जेई सतेंद्र व एसडीओ सुरेश के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए शिकायत दे दी है।
- विरेंद्र सिंह, एसडीएम, चरखी दादरी।
वर्जन
इस संबंध में शिकायत हमें मिल चुकी है, जिसके आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस मामले में आगे नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- बीर सिंह, सिटी थाना प्रभारी।
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एसडीएम विरेंद्र सिंह ने संवाददाता से बातचीत में बताया कि दादरी शहरवासी लगातार धरनों और अन्य माध्यमों से जिला प्रशासन के समक्ष दूषित पेयजल आपूर्ति और बेपटरी सीवर व्यवस्था की शिकायत करते आ रहे हैं। इन शिकायतों पर संज्ञान लेकर गत एक मार्च को जनस्वास्थ्य विभाग के जेई को रेस्ट हाउस में आने वाली पेयजल आपूर्ति का सैंपल लेने के निर्देश दिए थे। एसडीएम ने बताया कि सात मार्च को जब इस सैंपल की रिपोर्ट जाननी चाही तो पता चला कि रिपोर्ट आई ही नहीं है। इस पर संज्ञान लेते हुए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से दोबारा संपर्क किया गया।
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एसडीएम ने बताया कि जेई सतेंद्र को एक और सैंपल लेने की बात कही गई तो उन्होंने यह प्रक्रिया 8 मार्च को पूरी करने का तर्क दिया। इसके बाद वाटर सप्लाई एसडीओ सुरेश से बात की गई तो उन्होंने भी एक दिन बाद सैंपल लेने की बात कही। एसडीएम विरेंद्र सिंह ने बताया कि इसके बाद उन्होंने एक्सईएन एसके त्यागी से इस संबंध में बात की। एक्सईएन ने तुरंत चीफ केमिस्ट को सैंपल लेने के लिए रेस्ट हाउस भेजा। इस सैंपल की रिपोर्ट चौंकाने वाली आई है, जिसमें जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही स्पष्ट उजागर हुई है। इस पर संज्ञान लेते हुए सिटी थाना पुलिस को शिकायत देकर जेई सतेंद्र व एसडीओ सुरेश के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई है।
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नौ मार्च को आई रिपोर्ट
एसडीएम विरेंद्र सिंह के अनुसार सात मार्च को लिए गए दूसरे सैंपल की रिपोर्ट नौ मार्च को आई है। इसे देखकर स्पष्ट है कि पूरे शहर में जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, वो लोगों के स्वास्थ्य के साथ सरेआम खिलवाड़ है। वहीं, एसडीएम ने बताया कि निर्देश देने के बाद भी जेई और एसडीओ ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
ट्यूबवेल के पानी की भी होती है आपूर्ति
बता दें कि भंडारण क्षमता कम होने के चलते जलघरों के टैंक सूखने के बाद विभाग ट्यूबवेलों के पानी की शहर में आपूर्ति करता है। इस पानी की गुणवत्ता तो और खराब है। ट्यूबवेल के पानी का टीडीएस काफी अधिक है और इसे पीने या रसोईघर में प्रयोग नहीं किया जा सकता। प्रत्येक नहरी टर्न आने से पहले ये हालात बनते हैं।
एक दिन छोड़कर होती है आपूर्ति, वो भी नहीं सही
दादरी शहर की अगर बात करें तो कॉलोनियों में जनस्वास्थ्य विभाग एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति करता है। उस दौरान सप्लाई में जो पानी घरों के अंदर पहुंचता है, उसकी गुणवत्ता का पता रेस्ट हाउस से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट को देखकर सहज लगाया जा सकता है। लंबे समय से शहरवासी नियमित पेयजल आपूर्ति की मांग विभाग से कर रहे हैं।
वर्जन
दूषित पेयजल आपूर्ति और सीवर के संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही हैं और इनके चलते ही रेस्ट हाउस से पेयजल आपूर्ति का सैंपल भरवाकर जांच करवाई गई। इसकी रिपोर्ट चौंकाने वाली आई है। मैंने सिटी थाना पुलिस को जेई सतेंद्र व एसडीओ सुरेश के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए शिकायत दे दी है।
- विरेंद्र सिंह, एसडीएम, चरखी दादरी।
वर्जन
इस संबंध में शिकायत हमें मिल चुकी है, जिसके आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस मामले में आगे नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- बीर सिंह, सिटी थाना प्रभारी।