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Charkhi Dadri News: ढाणी फाटक आरओबी फिर क्षतिग्रस्त वाहन चालकों को हादसों का अंदेशा
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जनता कॉलेज की तरफ पुल के जोड़ की उखड़ी पत्ती। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
चरखी दादरी। एनएच 334-बी (दिल्ली-पिलानी) पर शहर की सीमा में स्थित ढाणी फाटक पर बना रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) एक बार फिर से क्षतिग्रस्त हो गया है।
पिछले साल ही इस पुल की मरम्मत की गई थी। अब इसमें फिर से जगह-जगह दरारें और टूट-फूट नजर आने लगी हैं। इससे रोजाना गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को हादसों का डर सताने लगा है।
यह आरओबी शहर को दिल्ली, गुरुग्राम, झज्जर और पिलानी जैसे क्षेत्रों से जोड़ता है। इस पुल से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। इनमें डंपर की संख्या सबसे अधिक है। ये डंपर खनन क्षेत्र से भरकर दिल्ली-एनसीआर की ओर रवाना होते हैं।
लगातार भारी वाहनों के दबाव से पुल की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। मरम्मत के बाद उम्मीद की जा रही थी कि पुल लंबे समय तक सुचारु रूप से कार्य करेगा, लेकिन एक साल के भीतर ही यह फिर से क्षतिग्रस्त हो गया है।
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स्थायी रूप से हो समस्या का समाधान : नरेश, सुरेश, बिजेंद्र, गगन आदि के अनुसार अब यदि इस ओवरब्रिज को मरम्मत के लिए बंद किया गया, तो वाहन चालकों को फिर से वैसी ही समस्याओं का सामना करना पड़ेगा जैसी पुल के निर्माण और मरम्मत से पहले होती थीं। प्रशासन और संबंधित विभागों को चाहिए कि इस पुल की स्थायी मरम्मत कराई जाए और निर्माण गुणवत्ता की जांच की जाए। ताकि, भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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चरखी दादरी। एनएच 334-बी (दिल्ली-पिलानी) पर शहर की सीमा में स्थित ढाणी फाटक पर बना रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) एक बार फिर से क्षतिग्रस्त हो गया है।
पिछले साल ही इस पुल की मरम्मत की गई थी। अब इसमें फिर से जगह-जगह दरारें और टूट-फूट नजर आने लगी हैं। इससे रोजाना गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को हादसों का डर सताने लगा है।
यह आरओबी शहर को दिल्ली, गुरुग्राम, झज्जर और पिलानी जैसे क्षेत्रों से जोड़ता है। इस पुल से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। इनमें डंपर की संख्या सबसे अधिक है। ये डंपर खनन क्षेत्र से भरकर दिल्ली-एनसीआर की ओर रवाना होते हैं।
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लगातार भारी वाहनों के दबाव से पुल की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। मरम्मत के बाद उम्मीद की जा रही थी कि पुल लंबे समय तक सुचारु रूप से कार्य करेगा, लेकिन एक साल के भीतर ही यह फिर से क्षतिग्रस्त हो गया है।
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स्थायी रूप से हो समस्या का समाधान : नरेश, सुरेश, बिजेंद्र, गगन आदि के अनुसार अब यदि इस ओवरब्रिज को मरम्मत के लिए बंद किया गया, तो वाहन चालकों को फिर से वैसी ही समस्याओं का सामना करना पड़ेगा जैसी पुल के निर्माण और मरम्मत से पहले होती थीं। प्रशासन और संबंधित विभागों को चाहिए कि इस पुल की स्थायी मरम्मत कराई जाए और निर्माण गुणवत्ता की जांच की जाए। ताकि, भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।