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Charkhi Dadri News: चर्म रोग विशेषज्ञ का पद लंबे समय से खाली, मानसून में बढ़ी मरीजों की परेशानी
Mon, 17 Aug 2026 10:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 17 Aug 2026 10:33 PM IST
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नागरिक अस्पताल में ओपीडी पर्ची कटवाने के लिए लगी लंबी कतार।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। मानसून के दौरान जगह-जगह जलभराव और मौसम में नमी बढ़ने से चर्म रोग से संबंधित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 200 मरीज त्वचा संबंधी समस्याओं का उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद अस्पताल में लंबे समय से चर्म रोग विशेषज्ञ का पद खाली पड़ा है। विशेषज्ञ चिकित्सक के अभाव में मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
मानसून के मौसम में बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ जाता है। इसके साथ ही वातावरण में नमी रहने के कारण फंगल इंफेक्शन, खुजली, दाद, एलर्जी, त्वचा पर लाल चकत्ते और अन्य संक्रमण संबंधी शिकायतें बढ़ने लगती हैं। ऐसे में जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में त्वचा रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग उपचार की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ का पद लंबे समय से रिक्त होने से त्वचा संबंधी मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श नहीं मिल पा रहा है।
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जेब से खर्च करना पड़ता है पैसा
सरकारी अस्पताल में उपचार की उम्मीद लेकर आए मरीज संदीप, सुरेंद्र रावलधी, राजसिंह कमोद आदि ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध न होने की जानकारी मिल पाई है। इसके बाद निजी अस्पताल में जांच और उपचार करवाने के लिए उन्हें अपनी जेब से खर्च करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों के लिए यह परेशानी और बढ़ जाती है क्योंकि एक बार सरकारी अस्पताल आने के बाद उन्हें निजी अस्पताल तक जाने में समय और अतिरिक्त धन खर्च करना पड़ता है।
बारिश के बाद बढ़ी त्वचा संबंधी समस्याएं
मानसून के दौरान त्वचा को लंबे समय तक नमी और गंदे पानी के संपर्क में रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में त्वचा संबंधी शिकायतें अधिक सामने आ रही हैं। इसके अलावा पसीना, उमस और साफ-सफाई की कमी भी त्वचा रोगों को बढ़ावा देती है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में खुजली, फंगल संक्रमण और एलर्जी जैसी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से जिला नागरिक अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति जल्द करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जिला स्तर के अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता जरूरी है ताकि मरीजों को बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े।
वर्सन:
अस्पताल में खाली पड़े चर्म रोग विशेषज्ञ के पद पर नियुक्ति करवाने के लिए जिला उपायुक्त एवं उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया गया है। संभावना है नए चिकित्सकों की भर्ती के बाद हमारे अस्पताल में भी रिक्त पड़े पदों पर भरा जा सकेगा।-- नरेश कुमार, जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल।
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मानसून के मौसम में बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ जाता है। इसके साथ ही वातावरण में नमी रहने के कारण फंगल इंफेक्शन, खुजली, दाद, एलर्जी, त्वचा पर लाल चकत्ते और अन्य संक्रमण संबंधी शिकायतें बढ़ने लगती हैं। ऐसे में जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में त्वचा रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
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दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग उपचार की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ का पद लंबे समय से रिक्त होने से त्वचा संबंधी मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श नहीं मिल पा रहा है।
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जेब से खर्च करना पड़ता है पैसा
सरकारी अस्पताल में उपचार की उम्मीद लेकर आए मरीज संदीप, सुरेंद्र रावलधी, राजसिंह कमोद आदि ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध न होने की जानकारी मिल पाई है। इसके बाद निजी अस्पताल में जांच और उपचार करवाने के लिए उन्हें अपनी जेब से खर्च करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों के लिए यह परेशानी और बढ़ जाती है क्योंकि एक बार सरकारी अस्पताल आने के बाद उन्हें निजी अस्पताल तक जाने में समय और अतिरिक्त धन खर्च करना पड़ता है।
बारिश के बाद बढ़ी त्वचा संबंधी समस्याएं
मानसून के दौरान त्वचा को लंबे समय तक नमी और गंदे पानी के संपर्क में रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में त्वचा संबंधी शिकायतें अधिक सामने आ रही हैं। इसके अलावा पसीना, उमस और साफ-सफाई की कमी भी त्वचा रोगों को बढ़ावा देती है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में खुजली, फंगल संक्रमण और एलर्जी जैसी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से जिला नागरिक अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति जल्द करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जिला स्तर के अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता जरूरी है ताकि मरीजों को बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े।
वर्सन:
अस्पताल में खाली पड़े चर्म रोग विशेषज्ञ के पद पर नियुक्ति करवाने के लिए जिला उपायुक्त एवं उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया गया है। संभावना है नए चिकित्सकों की भर्ती के बाद हमारे अस्पताल में भी रिक्त पड़े पदों पर भरा जा सकेगा।