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Charkhi Dadri News: साढ़े 6 साल बाद भी दादरी में नहीं बना डीएपी और यूरिया का भंडारण केंद्र
Fri, 25 Aug 2023 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 25 Aug 2023 01:22 AM IST
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चरखी दादरी। प्रदेश के 22वें जिले चरखी दादरी में डीएपी एवं यूरिया खाद का जिलास्तरीय भंडारण केंद्र अब तक नहीं बना है। हर साल जिले में डीएपी और खाद के लिए मारामारी रहती है और भिवानी से रैक अलॉट होने पर खाद व डीएपी की खेप यहां पहुंचती है। यह प्रक्रिया काफी लंबी है और इसके चलते किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द दादरी में डीएपी व खाद का भंडारण केंद्र बनाने की योजना पर काम शुरू करवाना चाहिए, ताकि आनेवाले रबी फसल सीजन में खाद की किल्लत न होने पाये।
बता दें कि इस समय पुराने जिला मुख्यालय भिवानी में दादरी जिला के हिस्से का खाद पहुंच रहा है जिससे पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पाता है। जिला का कृषि क्षेत्र ज्यादा है और हर साल यहां खाद की किल्लत बनी रहती है। पिछले दिनों किसान संगठनों ने दादरी में खाद भंडारण केंद्र बनाने की मांग भी उठाई थी लेकिन अभी तक इस पर काम शुरू नहीं हो सका है। सरकार ने हिसार में डीएपी खाद बिक्री के लिए आईपीएल केंद्र शुरू कर रखा है। हिसार से खाद भिवानी जिला मुख्यालय पहुंचता है। बाद में भिवानी से दादरी के हिस्से का खाद जारी होता है। डीएपी खाद का दादरी जिला में गोदाम नहीं होने की वजह से भिवानी जिला मुख्यालय से खेप मंगवानी पड़ती है। रबी की नकदी माने जाने वाली सरसों की बिजाई का कार्य अक्तूबर में शुरू होने जा रहा है। ऐसे में किसानों को डीएपी खाद की सख्त जरूरत पड़ेगी। पिछले साल किसानों की इफको केंद्रों व पैक्स सोसायटी के कार्यालयों में लंबी कतारें लगी रही।
1.21 लाख हेक्टेयर है कृषि योग्य रकबा
जिला का कृषि योग्य क्षेत्र 1.21 लाख हेक्टेयर क्षेत्र है। प्रति एकड़ कम से कम एक बैग डीएपी व एक बैग यूरिया की जरूरत होती है। पिछले साल एक किसान को आधार कार्ड पर 50 किलोग्राम वजन के दो बैग दिए जा रहे थे। डीएपी खाद का उत्पादन देश में गुजरात स्थित कांंडला व उड़ीसा प्लांट में होता है जो देश में खपत के लिहाज से काफी कम है। हालाकि इस बार सरकार नैनो यूरिया व नैनो डीएपी की उपलब्धता पर भी ध्यान दे रही है। सरकार को खाद पर सब्सिडी भी देनी पड़ती है। डीएपी खाद की किल्लत का स्थायी तौर पर फिलहाल कोई समाधान नहीं है।
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सरकार को दादरी में खाद भंडारण केंद्र बनाना चाहिए ताकि सीधे कंपनी से यहां खाद पहुंचे और किसानों को परेशानी न झेलनी पड़े। आगामी रबी सीजन को देखते हुए अभी से सरकार को काम करने की जरूरत है। किसान को हर साल खाद के लिए लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। किसान को समय पर खाद, पानी व बिजली मिलनी चाहिए और दाना-दाना की खरीद की जानी चाहिए।
-रामकुमार कादयान, जिला अध्यक्ष, अन्नदाता किसान यूनियन
फिलहाल सरकार की ओर से खाद संबंधी नई गाइडलाइन नहीं पहुंची है। स्टॉक केंद्र बनाने की भी कोई सूचना नहीं आई है। आने वाले रबी सीजन में डीएपी की कमी नहीं रहने दी जाएगी। जरूरत के अनुसार दादरी जिला के सभी पैक्स व इफको केंद्रों में खाद मिलेगी।
-राजेश कुमार, सहायक प्रंबंधक, जमीदारा सोसायटी
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बता दें कि इस समय पुराने जिला मुख्यालय भिवानी में दादरी जिला के हिस्से का खाद पहुंच रहा है जिससे पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पाता है। जिला का कृषि क्षेत्र ज्यादा है और हर साल यहां खाद की किल्लत बनी रहती है। पिछले दिनों किसान संगठनों ने दादरी में खाद भंडारण केंद्र बनाने की मांग भी उठाई थी लेकिन अभी तक इस पर काम शुरू नहीं हो सका है। सरकार ने हिसार में डीएपी खाद बिक्री के लिए आईपीएल केंद्र शुरू कर रखा है। हिसार से खाद भिवानी जिला मुख्यालय पहुंचता है। बाद में भिवानी से दादरी के हिस्से का खाद जारी होता है। डीएपी खाद का दादरी जिला में गोदाम नहीं होने की वजह से भिवानी जिला मुख्यालय से खेप मंगवानी पड़ती है। रबी की नकदी माने जाने वाली सरसों की बिजाई का कार्य अक्तूबर में शुरू होने जा रहा है। ऐसे में किसानों को डीएपी खाद की सख्त जरूरत पड़ेगी। पिछले साल किसानों की इफको केंद्रों व पैक्स सोसायटी के कार्यालयों में लंबी कतारें लगी रही।
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1.21 लाख हेक्टेयर है कृषि योग्य रकबा
जिला का कृषि योग्य क्षेत्र 1.21 लाख हेक्टेयर क्षेत्र है। प्रति एकड़ कम से कम एक बैग डीएपी व एक बैग यूरिया की जरूरत होती है। पिछले साल एक किसान को आधार कार्ड पर 50 किलोग्राम वजन के दो बैग दिए जा रहे थे। डीएपी खाद का उत्पादन देश में गुजरात स्थित कांंडला व उड़ीसा प्लांट में होता है जो देश में खपत के लिहाज से काफी कम है। हालाकि इस बार सरकार नैनो यूरिया व नैनो डीएपी की उपलब्धता पर भी ध्यान दे रही है। सरकार को खाद पर सब्सिडी भी देनी पड़ती है। डीएपी खाद की किल्लत का स्थायी तौर पर फिलहाल कोई समाधान नहीं है।
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सरकार को दादरी में खाद भंडारण केंद्र बनाना चाहिए ताकि सीधे कंपनी से यहां खाद पहुंचे और किसानों को परेशानी न झेलनी पड़े। आगामी रबी सीजन को देखते हुए अभी से सरकार को काम करने की जरूरत है। किसान को हर साल खाद के लिए लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। किसान को समय पर खाद, पानी व बिजली मिलनी चाहिए और दाना-दाना की खरीद की जानी चाहिए।
-रामकुमार कादयान, जिला अध्यक्ष, अन्नदाता किसान यूनियन
फिलहाल सरकार की ओर से खाद संबंधी नई गाइडलाइन नहीं पहुंची है। स्टॉक केंद्र बनाने की भी कोई सूचना नहीं आई है। आने वाले रबी सीजन में डीएपी की कमी नहीं रहने दी जाएगी। जरूरत के अनुसार दादरी जिला के सभी पैक्स व इफको केंद्रों में खाद मिलेगी।
-राजेश कुमार, सहायक प्रंबंधक, जमीदारा सोसायटी