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क्रॉप मैपिंग से बिजित या खाली जमीन का होगा डाटा तैयार
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चरखी दादरी। प्रदेश सरकार की ओर से एक अगस्त से जिले में क्रॉप मैपिंग का काम शुरू करवाया जाएगा। इसके तहत कृषि योग्य भूमि के प्रत्येक एकड़ में बोई फसल का विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। इसके लिए मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
उपायुक्त अमरजीत सिंह मान ने कहा कि किसान मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी भूमि व बोई फसल का विवरण दर्ज करवा रहे हैं, जिसकी अंतिम तारीख 31 जुलाई है। उन्होंने बताया कि कृषि, पशुपालन, मार्केट कमेटी के कर्मचारी मिलकर जिले के गांवों में जाएंगे और कृषि भूमि में बिजाई की गई फसलों का ब्योरा एकत्रित करेंगे। इसे क्राप मैपिंग के पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। सरकार ने इस कार्य के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया है। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे 25 अगस्त तक अपना कार्य पूरा कर लें। गांव में खेवट व किला नंबर अनुसार जो फसल बोई गई है, उसका सही व सटीक विवरण दर्ज होना चाहिए। कृषि विभाग के तकनीकी सहायक डॅा. ईश्वर जाखड़ ने क्रॉप मैपिंग की उपस्थित कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी।
इस अवसर पर कृषि विभाग के उपमंडल अधिकारी डॅा. दलबीर सिंह, खंड अधिकारी डॉ. हरबंस, डॉ. अजय भांबा, डॉ. मदनपाल, डॉ. चंद्रभान, डॉ. विनय डाला आदि उपस्थित रहे।
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वास्तविक स्थिति अपलोड करने के निर्देश
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि कृषि भूमि को किसी व्यक्ति ने खाली छोड़ा हुआ है या कहीं पानी भरा हुआ है तो उसमें वही वास्तविक स्थिति अपलोड होनी चाहिए। गांव के किसी व्यक्ति से पूछकर यह डाटा एकत्रित नहीं करना है। इस क्राप मैपिंग से सही जानकारी मिलने पर कृषकों को अपनी फसल सरकारी मंडियों में बेचने पर आसानी होगी। नगराधीश अमित मान ने भी कर्मचारियों को टीम भावना से यह कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
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उपायुक्त अमरजीत सिंह मान ने कहा कि किसान मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी भूमि व बोई फसल का विवरण दर्ज करवा रहे हैं, जिसकी अंतिम तारीख 31 जुलाई है। उन्होंने बताया कि कृषि, पशुपालन, मार्केट कमेटी के कर्मचारी मिलकर जिले के गांवों में जाएंगे और कृषि भूमि में बिजाई की गई फसलों का ब्योरा एकत्रित करेंगे। इसे क्राप मैपिंग के पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। सरकार ने इस कार्य के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया है। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे 25 अगस्त तक अपना कार्य पूरा कर लें। गांव में खेवट व किला नंबर अनुसार जो फसल बोई गई है, उसका सही व सटीक विवरण दर्ज होना चाहिए। कृषि विभाग के तकनीकी सहायक डॅा. ईश्वर जाखड़ ने क्रॉप मैपिंग की उपस्थित कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी।
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इस अवसर पर कृषि विभाग के उपमंडल अधिकारी डॅा. दलबीर सिंह, खंड अधिकारी डॉ. हरबंस, डॉ. अजय भांबा, डॉ. मदनपाल, डॉ. चंद्रभान, डॉ. विनय डाला आदि उपस्थित रहे।
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वास्तविक स्थिति अपलोड करने के निर्देश
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि कृषि भूमि को किसी व्यक्ति ने खाली छोड़ा हुआ है या कहीं पानी भरा हुआ है तो उसमें वही वास्तविक स्थिति अपलोड होनी चाहिए। गांव के किसी व्यक्ति से पूछकर यह डाटा एकत्रित नहीं करना है। इस क्राप मैपिंग से सही जानकारी मिलने पर कृषकों को अपनी फसल सरकारी मंडियों में बेचने पर आसानी होगी। नगराधीश अमित मान ने भी कर्मचारियों को टीम भावना से यह कार्य करने के लिए प्रेरित किया।