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सत्यापन कार्य के बाद बदली किसानों की फसल, मैसेज मिलने से रोष

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Oct 2021 12:09 AM IST
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Changed crop after verification, now wrong messages are coming for purchase
किसानों के मोबाइल पर कृषि विभाग द्वारा भेजा गया मैसेज। - फोटो : CharkhiDadri
बाढड़ा। क्षेत्र के किसानों के मोबाइल पर पिछले दो दिन से फसल खरीद के मैसेज आ रहे हैं, लेकिन ये मैसेज किसानों को राहत देने के बजाय चिंता बढ़ा रहे हैं। मैसेज में सत्यापन कार्य के बाद उनकी फसल ही बदल दी गई है। वहीं विभागीय अधिकारी इस मामले पर अनभिज्ञता जता रहे हैं।
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पिछले दो दिन से किसानों के मोबाइल पर मैसेज भेजकर उन्हें उनकी भूमि पर बिजित फसल की जानकारी दी जा रही है। किसानों ने बताया कि मैसेज में बाजरा उत्पादक किसानों के पास कपास और कपास की बिजाई करने वाले किसानों को ग्वार या मूंग उत्पादक बताया जा रहा है। उनका कहना है कि खेतों का मुआयना करने के बाद यह फसलें बदली गई हैं।
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किसान सुंदर सिंह, बृजभान, तकदीर सिंह, सत्यपाल, राजेश आदि ने बताया कि उनके खेतों में जो फसलें बोई गई हैं, राजस्व विभाग व कृषि विभाग ने मनमर्जी से अलग ही रिपोर्ट तैयार कर उनको मैसेज भेज दिया है। मैसेज में किसानों को किसी तरह की शंका होने पर जिला उपायुक्त कार्यालय में संपर्क करने की बात कही जा रही है, जिससे किसानों में रोष है। भाकियू जिला अध्यक्ष धर्मपाल बाढड़ा, महासचिव हरपाल भांडवा, विनोद मांढ़ी, महेंद्र जेवली, रणधीर, गिरधारी, प्रेम आदि ने बाजरा की भावांतर योजना की बजाय पहले की तरह खरीद करवाने की मांग की है। कानूनगो राजेश कुमार ने कहा कि किसानों के पास आए मैसेज की उनके पास पूरी जानकारी नहीं है और जल्द ही उच्चाधिकारियों को सारी स्थिति से अवगत करवाया जाएगा।
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