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प्रतिबंधित दवा रखने पर दोनों दुकानदारों के खिलाफ केस दर्ज
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चरखी दादरी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के औचक निरीक्षण के दौरान दो बीज केंद्रों से बरामद हुई प्रतिबंधित दवाओं पर संज्ञान लेते हुए कृषि विभाग ने पुलिस को शिकायत दे दी है। एक दुकानदार के खिलाफ सिटी थाने में तो दूसरे के खिलाफ सदर थाने में इंसेक्टिसाइड एक्ट 1968 की धारा 18 व 420 के तहत केस दर्ज किया गया है। दोनों दुकानों से करीब 35 किलोग्राम प्रतिबंधित फोरेट दवा बरामद हुई थी, जिसे कृषि विभाग की टीम ने सीज किया था।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को लगातार शिकायत मिल रही थी कि दादरी में बीज केंद्रों पर प्रतिबंधित दवाएं बेची जा रही हैं। इस आधार पर शुक्रवार दोपहर बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, कृषि विभाग, उद्यान विभाग और गुप्तचर विभाग की संयुक्त टीम ने दो बीज केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। टीम पहले पुराना बस स्टैंड क्षेत्र स्थित मित्तल एग्रीकल्चर स्टोर पर पहुंची थी। यहां से 11 किलोग्राम फोरेट के अलावा एक्सपायरी डेट की दवा और बिना किसी कंपनी के बीज के पैकेट बरामद किए गए थे। कृषि विभाग के एसडीओ ने यहां से बरामद प्रतिबंधित फोरेट दवा का सैंपल भी लिया था। दुकानदार के खिलाफ बाद में सिटी थाने में शिकायत देकर इंसेक्टिसाइड एक्ट और धारा 420 के तहत केस दर्ज करने की सिफारिश की गई।
वहीं, इसके अलावा मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की अगुवाई में संयुक्त टीम ने रावलधी स्थित अवनी खाद-बीज भंडार पर दबिश दी थी। वहां जांच के दौरान करीब 25 किलोग्राम प्रतिबंधित फोरेट दवा बरामद हुई। दवा को लेकर टीम ने दुकानदारों से पूछताछ की तो सप्लायर का नाम बताने से मना कर दिया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने इसकी जानकारी दे दी। अवनी बीज भंडार के संचालक के खिलाफ कृषि विभाग ने सदर थाने में शिकायत दी है जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
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फोरेट दवा बेचने पर सरकार करीब चार साल पहले प्रतिबंध लगा चुकी है। हमने दोनों बीज केंद्रों के संचालकों के खिलाफ सिटी और सदर थाने में शिकायत दे दी है।
- कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
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गौरतलब है कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को लगातार शिकायत मिल रही थी कि दादरी में बीज केंद्रों पर प्रतिबंधित दवाएं बेची जा रही हैं। इस आधार पर शुक्रवार दोपहर बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, कृषि विभाग, उद्यान विभाग और गुप्तचर विभाग की संयुक्त टीम ने दो बीज केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। टीम पहले पुराना बस स्टैंड क्षेत्र स्थित मित्तल एग्रीकल्चर स्टोर पर पहुंची थी। यहां से 11 किलोग्राम फोरेट के अलावा एक्सपायरी डेट की दवा और बिना किसी कंपनी के बीज के पैकेट बरामद किए गए थे। कृषि विभाग के एसडीओ ने यहां से बरामद प्रतिबंधित फोरेट दवा का सैंपल भी लिया था। दुकानदार के खिलाफ बाद में सिटी थाने में शिकायत देकर इंसेक्टिसाइड एक्ट और धारा 420 के तहत केस दर्ज करने की सिफारिश की गई।
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वहीं, इसके अलावा मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की अगुवाई में संयुक्त टीम ने रावलधी स्थित अवनी खाद-बीज भंडार पर दबिश दी थी। वहां जांच के दौरान करीब 25 किलोग्राम प्रतिबंधित फोरेट दवा बरामद हुई। दवा को लेकर टीम ने दुकानदारों से पूछताछ की तो सप्लायर का नाम बताने से मना कर दिया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने इसकी जानकारी दे दी। अवनी बीज भंडार के संचालक के खिलाफ कृषि विभाग ने सदर थाने में शिकायत दी है जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
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फोरेट दवा बेचने पर सरकार करीब चार साल पहले प्रतिबंध लगा चुकी है। हमने दोनों बीज केंद्रों के संचालकों के खिलाफ सिटी और सदर थाने में शिकायत दे दी है।
- कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग