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बजट हुआ लैप्स, 23 दमकल कर्मियों को नहीं मिला 39.25 लाख वेतन
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वेतन नहीं मिलने पर रोष जताते दमकल विभाग के कर्मचारी ।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। दमकल विभाग के कर्मचारियों को पिछले पांच माह से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों का कहना है कि खाते में बजट आने के बाद भी अदायगी नहीं की गई और 31 मार्च को बजट लैप्स हो गया है। ऐसे में बकाया वेतनमान के भुगतान को लेकर उनके मन में संशय बना हुआ है। अधिकारियों को रवैये को लेकर दमकल कर्मचारियों ने शुक्रवार का रोष जताया। इन कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है और अधिकारियों से मिलने के बाद भी स्थिति जस की तस है।
नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि दमकल विभाग के खाते में 57 लाख 84 हजार का बजट आया था। यह बजट कर्मचारियों की तनख्वाह समेत दमकल गाड़ियों के डीजल व मेंटेनेंस के लिए आया था। अधिकारियों ने समय रहते बिल तैयार करवाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई और 31 मार्च को यह बजट लैप्स हो गया। उन्होंने बताया कि 23 कर्मचारियों का 39 लाख 25 हजार रुपये का वेतन पिछले पांच माह से रुका हुआ है। गाड़ियों में डलवाए डीजल की एवज मे ढाई लाख का भुगतान भी लंबित है। इतना ही नहीं गाड़ियों की मरम्मत के बिल भी पास नहीं हुए हैं, जिसके चलते आगे वे गाड़ियों के मैकेनिकल कार्य नहीं करवा पाएंगे।
कर्मचारी बोले- बिगड़ी हमारी अर्थिक स्थिति
लीड फायर मैन नफेसिंह, सतीश, वजीर, महेश, भागीरथ, रामचरण, ईश्वर, जसमेद, ताराचंद, पवन, संदीप, हरिश, सचिन, मुकेश, पवन कुमार, राजबीर, हंसवीर, सुरेश, विरेंद्र, आशीष, चांद और धर्मेंद्र का कहना है कि पांच माह से वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक स्थिति बिगड़ी हुई है। उनका कहना है बच्चों का एडमिशन व घर खर्च चलाने के लिए उनके पास रुपये नहीं हैं, जबकि अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।
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गाड़ियों को ठीक करवाने में जेब से खर्च किए 12 हजार
नफेसिंह का कहना है कि गाड़ियों की थोड़ी बहुत मरम्मत करवाने के लिए उन्होंने अपनी जेब से करीब 12 हजार रुपये का भुगतान किया है। उन्हें उम्मीद थी कि बिल पास होने के बाद उन्हें यह राशि मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फसल कटाई के समय में संसाधनों की कमी के चलते आगजनी पर काबू पाना आसान नहीं रहेगा।
दादरी दमकल विभाग के कर्मचरियों ने खुद ही खातों में वेतन न डालने की बात कही थी। पेट्रोल पंप का बकाया चुका दिया गया है जबकि मेंटिनेंस कार्य का कोई बिल हमें कर्मचारी ने नहीं दिया है।
ताराचंद, एफएसओ, दमकल विभाग
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नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि दमकल विभाग के खाते में 57 लाख 84 हजार का बजट आया था। यह बजट कर्मचारियों की तनख्वाह समेत दमकल गाड़ियों के डीजल व मेंटेनेंस के लिए आया था। अधिकारियों ने समय रहते बिल तैयार करवाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई और 31 मार्च को यह बजट लैप्स हो गया। उन्होंने बताया कि 23 कर्मचारियों का 39 लाख 25 हजार रुपये का वेतन पिछले पांच माह से रुका हुआ है। गाड़ियों में डलवाए डीजल की एवज मे ढाई लाख का भुगतान भी लंबित है। इतना ही नहीं गाड़ियों की मरम्मत के बिल भी पास नहीं हुए हैं, जिसके चलते आगे वे गाड़ियों के मैकेनिकल कार्य नहीं करवा पाएंगे।
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कर्मचारी बोले- बिगड़ी हमारी अर्थिक स्थिति
लीड फायर मैन नफेसिंह, सतीश, वजीर, महेश, भागीरथ, रामचरण, ईश्वर, जसमेद, ताराचंद, पवन, संदीप, हरिश, सचिन, मुकेश, पवन कुमार, राजबीर, हंसवीर, सुरेश, विरेंद्र, आशीष, चांद और धर्मेंद्र का कहना है कि पांच माह से वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक स्थिति बिगड़ी हुई है। उनका कहना है बच्चों का एडमिशन व घर खर्च चलाने के लिए उनके पास रुपये नहीं हैं, जबकि अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।
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गाड़ियों को ठीक करवाने में जेब से खर्च किए 12 हजार
नफेसिंह का कहना है कि गाड़ियों की थोड़ी बहुत मरम्मत करवाने के लिए उन्होंने अपनी जेब से करीब 12 हजार रुपये का भुगतान किया है। उन्हें उम्मीद थी कि बिल पास होने के बाद उन्हें यह राशि मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फसल कटाई के समय में संसाधनों की कमी के चलते आगजनी पर काबू पाना आसान नहीं रहेगा।
दादरी दमकल विभाग के कर्मचरियों ने खुद ही खातों में वेतन न डालने की बात कही थी। पेट्रोल पंप का बकाया चुका दिया गया है जबकि मेंटिनेंस कार्य का कोई बिल हमें कर्मचारी ने नहीं दिया है।
ताराचंद, एफएसओ, दमकल विभाग