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Charkhi Dadri News: बोर्ड परीक्षाओं की तारीख घोषित, ताकत झोंकने का विद्यार्थियों के लिए सही समय
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चरखी दादरी। प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं की तिथि घोषित हो चुकी है। दसवीं व बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए तैयारी करने का यही सही समय है। अगर विद्यार्थी तैयारी में जुटेंगे तो परीक्षा में फेल होने का चिंता से मुक्त रहेंगे और अपनी मेहनत के बलबूते अनुसार अंक प्राप्त कर पाएंगे। यह बात शिक्षक एवं अध्यापक संघ जिला प्रधान संजय शास्त्री ने कही।
उन्होंने कहा कि 28 फरवरी से प्रदेश में बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इसलिए विद्यार्थियों के पास टॉपर बनने के लिए पूरी ताकत झोंकने का अब उचित समय है। इस दौरान विद्यार्थी अपने सिलेबस की दोहराई करें तो परीक्षा में अच्छे नंबर आ सकते हैं। इससे पहले अब परि-बोर्ड की परीक्षाएं भी होनी है। अगर विद्यार्थी इनमें अच्छे नंबर प्राप्त करेंगे तो उन्हें अपनी तैयारी का पता भी चल पाएगा। उन्होंने कहा कि अब फोन का इस्तेमाल अधिक न करें और पढ़ाई के साथ फ्री रहने के लिए कुछ गतिविधि करें। साथ ही परिजनों को भी बच्चों को दबाव नहीं बनाना चाहिए। उन्हें शांतिपूर्ण व तनावमुक्त माहौल प्रदान करें ताकि वे एकाग्रता से और चिंतामुक्त रहकर पढ़ाई कर सकें।
जानिये... पिछले साल टॉपर विद्यार्थियों के टिप्स
मैनें बारहवीं कक्षा में 500 में से 486 अंक हासिल किए थे। मेरे परिजनों ने कभी मुझ पर पढ़ाई को लेकर दबाव नहीं बनाया और न ही कभी स्कूल टॉप करने या इतने प्रतिदिन अंक लाने हैं, ऐसा कहा। मैंने स्कूल अच्छे से पढ़ाई की। बाद में घर पर भी अभ्यास किया। इसके अलावा जिस दिन पढ़ने का मन नहीं होता था तो मैं नहीं पढ़ती थी। पढ़ाई के दौरान भी बीच में कुछ देर फ्री होकर खेल या टीवी देखने की जैसी गतिविधि करती थी। लेकिन परीक्षा के दौरान समय का पूरा ध्यान रखा।
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- खुशी, बौंदकलां
मैंने 2024 में दसवीं कक्षा उत्तीर्ण की थी। इसमें मैंने 500 में से 496 अंक हासिल किए थे। मैंने कभी अतिरिक्त कक्षाएं नहीं ली। प्रतिदिन कक्षाएं ली और शिक्षकों ने जो बताया उसे समझकर ही होमवर्क किया। जिस दिन मुझे समझ नहीं आया तो मैंने अगले दिन शिक्षक से बात कर अपनी शंका दूर की। परीक्षा के दौरान तो समयसारिणी बनाई और कमजोर विषयों पर अधिक जोर दिया। मेरे परिजनों ने कभी मुझसे टॉप आने या 90 फीसदी अंक लाने की अपेक्षा नहीं की बल्कि मैंने अपने तरीके से पढ़ाई की।
- दीपांशु, बौंदकलां
विद्यार्थियों को परीक्षा से एक माह पहले ही तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। इसमें सबसे पहले कमजोर विषयों पर ध्यान दें और उनमें अच्छे नंबर प्राप्त करने के लिए मेहनत करें। अगर कुछ समझ नहीं आता शिक्षक से पूछें और समय का विशेष ध्यान रखें।
- सुखबीर सिंह, प्राचार्य
परीक्षा के समय परिजनों को बच्चों पर दबाव नहीं बनाना चाहिए। बच्चों को भी शांत रहकर तनावमुक्त होकर पढ़ाई करनी चाहिए। इससे उन्हें सफलता मिल पाएगी और परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे। परीक्षा समय अवधि में मोबाइल व टीवी अधिक न देखें।
- संजय शास्त्री, शिक्षक एवं अध्यापक संघ जिला प्रधान
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उन्होंने कहा कि 28 फरवरी से प्रदेश में बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इसलिए विद्यार्थियों के पास टॉपर बनने के लिए पूरी ताकत झोंकने का अब उचित समय है। इस दौरान विद्यार्थी अपने सिलेबस की दोहराई करें तो परीक्षा में अच्छे नंबर आ सकते हैं। इससे पहले अब परि-बोर्ड की परीक्षाएं भी होनी है। अगर विद्यार्थी इनमें अच्छे नंबर प्राप्त करेंगे तो उन्हें अपनी तैयारी का पता भी चल पाएगा। उन्होंने कहा कि अब फोन का इस्तेमाल अधिक न करें और पढ़ाई के साथ फ्री रहने के लिए कुछ गतिविधि करें। साथ ही परिजनों को भी बच्चों को दबाव नहीं बनाना चाहिए। उन्हें शांतिपूर्ण व तनावमुक्त माहौल प्रदान करें ताकि वे एकाग्रता से और चिंतामुक्त रहकर पढ़ाई कर सकें।
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जानिये... पिछले साल टॉपर विद्यार्थियों के टिप्स
मैनें बारहवीं कक्षा में 500 में से 486 अंक हासिल किए थे। मेरे परिजनों ने कभी मुझ पर पढ़ाई को लेकर दबाव नहीं बनाया और न ही कभी स्कूल टॉप करने या इतने प्रतिदिन अंक लाने हैं, ऐसा कहा। मैंने स्कूल अच्छे से पढ़ाई की। बाद में घर पर भी अभ्यास किया। इसके अलावा जिस दिन पढ़ने का मन नहीं होता था तो मैं नहीं पढ़ती थी। पढ़ाई के दौरान भी बीच में कुछ देर फ्री होकर खेल या टीवी देखने की जैसी गतिविधि करती थी। लेकिन परीक्षा के दौरान समय का पूरा ध्यान रखा।
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- खुशी, बौंदकलां
मैंने 2024 में दसवीं कक्षा उत्तीर्ण की थी। इसमें मैंने 500 में से 496 अंक हासिल किए थे। मैंने कभी अतिरिक्त कक्षाएं नहीं ली। प्रतिदिन कक्षाएं ली और शिक्षकों ने जो बताया उसे समझकर ही होमवर्क किया। जिस दिन मुझे समझ नहीं आया तो मैंने अगले दिन शिक्षक से बात कर अपनी शंका दूर की। परीक्षा के दौरान तो समयसारिणी बनाई और कमजोर विषयों पर अधिक जोर दिया। मेरे परिजनों ने कभी मुझसे टॉप आने या 90 फीसदी अंक लाने की अपेक्षा नहीं की बल्कि मैंने अपने तरीके से पढ़ाई की।
- दीपांशु, बौंदकलां
विद्यार्थियों को परीक्षा से एक माह पहले ही तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। इसमें सबसे पहले कमजोर विषयों पर ध्यान दें और उनमें अच्छे नंबर प्राप्त करने के लिए मेहनत करें। अगर कुछ समझ नहीं आता शिक्षक से पूछें और समय का विशेष ध्यान रखें।
- सुखबीर सिंह, प्राचार्य
परीक्षा के समय परिजनों को बच्चों पर दबाव नहीं बनाना चाहिए। बच्चों को भी शांत रहकर तनावमुक्त होकर पढ़ाई करनी चाहिए। इससे उन्हें सफलता मिल पाएगी और परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे। परीक्षा समय अवधि में मोबाइल व टीवी अधिक न देखें।
- संजय शास्त्री, शिक्षक एवं अध्यापक संघ जिला प्रधान