{"_id":"68643bbc749185cde70cea0b","slug":"bijali-nigam-will-give-connection-in-2-hours-for-water-logging-erasing-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1001-139788-2025-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: बारिश के पानी की निकासी के लिए 2 घंटे में जारी करेगा बिजली कनेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: बारिश के पानी की निकासी के लिए 2 घंटे में जारी करेगा बिजली कनेक्शन
Wed, 02 Jul 2025 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 02 Jul 2025 01:19 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले में बारिश के पानी की निकासी के लिए बिजली निगम आवेदन के दो घंटे के अंदर कनेक्शन जारी कर देगा। अब तक 150 से ज्यादा आवेदन बिजली निगम के पास आ चुके हैं। वहीं, जिले में करीब 90 ऐसी जगहें हैं, जहां बारिश से जलभराव ज्यादा मात्रा में होता है। इसके लिए बिजली निगम की ओर से विशेष मीटर भी लगाए जा रहे हैं।
इस बार जिलेभर में करीब 90 पॉइंटों पर पंप व मोटर के लिए बिजली कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं। शहर व गांवों में जलभराव की समस्या को देखते हुए जनस्वास्थ्य व सिंचाई विभाग सतर्क हो गए हैं। मानसून के लिए आवश्यक तैयारियां कर रखी हैं। जिले के नहरी क्षेत्रों में जलभराव की ज्यादा दिक्कत बनी रहती है।
शहर ही नहीं, जिले के कई गांव भी ऐसे हैं, जिनके नजदीक से मुख्य नहरें गुजरती हैं, जिससे कई बार शहर में भी बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। कई बार ज्यादा पानी आने से नहरें ओवरफ्लो भी हो जाती हैं।
विज्ञापन
सिंचाई व जनस्वास्थ्य विभाग जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का दावा जता रहा है। कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पानी की निकासी के प्रबंध होने के बाद भी हालात खराब हो जाते हैं। निचले भागों में जलभराव ज्यादा बनता है।
शहर से तीन किलोमीटर दूर स्थित गांव चरखी में तीन दिशाओं से नहरें गुजरती हैं। ऐसे में इस गांव के चारों ओर पानी भर जाता है। चव्वा की समस्या बन जाती है। इससे पानी की निकासी मुश्किल हो जाती है। कई गांवों में जमीन का वाटर लेवल ऊपर तक आ जाता है।
हर साल इन गांवों में होता है जलभराव: हर मानसून सीजन में इमलोटा के अलावा अचीना, पांडवान, बिरहीकलां, छपार, सरूपगढ़, समसपुर, जयश्री, मिसरी, बौंद कलां, फतेहगढ़, साहुवास, सातौर व भागवी आदि गांवों में भी जलभराव ज्यादा मात्रा में होता है। सिंचाई विभाग ने पानी की निकासी के लिए प्रबंध शुरू कर रखे हैं। कई बार बारिश की झड़ी में बिजली की लाइनों में फॉल्ट आने पर पंप व मोटर पानी की उठान नहीं कर पाते। इससे पानी की निकासी नहीं हो पाती है।
विज्ञापन
चरखी दादरी। जिले में बारिश के पानी की निकासी के लिए बिजली निगम आवेदन के दो घंटे के अंदर कनेक्शन जारी कर देगा। अब तक 150 से ज्यादा आवेदन बिजली निगम के पास आ चुके हैं। वहीं, जिले में करीब 90 ऐसी जगहें हैं, जहां बारिश से जलभराव ज्यादा मात्रा में होता है। इसके लिए बिजली निगम की ओर से विशेष मीटर भी लगाए जा रहे हैं।
इस बार जिलेभर में करीब 90 पॉइंटों पर पंप व मोटर के लिए बिजली कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं। शहर व गांवों में जलभराव की समस्या को देखते हुए जनस्वास्थ्य व सिंचाई विभाग सतर्क हो गए हैं। मानसून के लिए आवश्यक तैयारियां कर रखी हैं। जिले के नहरी क्षेत्रों में जलभराव की ज्यादा दिक्कत बनी रहती है।
विज्ञापन
शहर ही नहीं, जिले के कई गांव भी ऐसे हैं, जिनके नजदीक से मुख्य नहरें गुजरती हैं, जिससे कई बार शहर में भी बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। कई बार ज्यादा पानी आने से नहरें ओवरफ्लो भी हो जाती हैं।
विज्ञापन
सिंचाई व जनस्वास्थ्य विभाग जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का दावा जता रहा है। कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पानी की निकासी के प्रबंध होने के बाद भी हालात खराब हो जाते हैं। निचले भागों में जलभराव ज्यादा बनता है।
शहर से तीन किलोमीटर दूर स्थित गांव चरखी में तीन दिशाओं से नहरें गुजरती हैं। ऐसे में इस गांव के चारों ओर पानी भर जाता है। चव्वा की समस्या बन जाती है। इससे पानी की निकासी मुश्किल हो जाती है। कई गांवों में जमीन का वाटर लेवल ऊपर तक आ जाता है।
हर साल इन गांवों में होता है जलभराव: हर मानसून सीजन में इमलोटा के अलावा अचीना, पांडवान, बिरहीकलां, छपार, सरूपगढ़, समसपुर, जयश्री, मिसरी, बौंद कलां, फतेहगढ़, साहुवास, सातौर व भागवी आदि गांवों में भी जलभराव ज्यादा मात्रा में होता है। सिंचाई विभाग ने पानी की निकासी के लिए प्रबंध शुरू कर रखे हैं। कई बार बारिश की झड़ी में बिजली की लाइनों में फॉल्ट आने पर पंप व मोटर पानी की उठान नहीं कर पाते। इससे पानी की निकासी नहीं हो पाती है।