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Charkhi Dadri News: लगाओ रंग पर रहे इतना ध्यान, शरीर को न पहुंचे नुकसान
Tue, 11 Mar 2025 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 11 Mar 2025 11:02 PM IST
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होली के रंग::
फोटो- 01
शहर के बस स्टैंड रोड पर लगी पिचकारी व रंगों की दुकान। संवाद
फोटो-02
डिप्टी सीएमओ, डॉ. आशीष मान।
- हर साल होली के बाद नागरिक अस्पताल में उपचार कराने पहुंचते हैं चर्म रोगी
विशेषज्ञों की राय- फूलों और गुणवत्ता वाले गुलाल से खेलें होली
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। होली रंगों व उत्साह का त्योहार है, लेकिन, गलत चीजों के प्रयोग से उत्साह मातम में बदल सकता है। होली के दिन रंग व पानी में हानिकारक चीजें न डालें। केवल प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें। साथ ही अपने शरीर के नाजुक अंग त्वचा, आंख, कान का विशेष ध्यान रखें।
चिकित्सक के अनुसार, होली पर रंग लगाना अच्छी बात है, लेकिन, रंगों में किसी रसायन या अन्य हानिकारक तत्व का मिश्रण नहीं होना चाहिए। कुछ लोग होली पर मजाक-मस्ती में कई प्रकार की चीजें मिला देते हैं। इससे रंग त्वचा पर लगते ही दुष्प्रभाव होने लगते हैं। होली के दिन रंग की जांच करें और पक्का व रसायनयुक्त रंग न लगाएं।
उन्होंने बताया कि खेलते समय आंखों का बचाव करना जरूरी है। अगर किसी प्रकार का हानिकारक पदार्थ आंखों में जाता है तो आंखों में खुजली या जलन हो सकती है। इसके साथ ही अगर रासायनिक पदार्थ अधिक हानिकारक है तो आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
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अगर किसी व्यक्ति को पहले से एलर्जी है तो होली पर रंगों से दूरी बनानी चाहिए। प्राकृतिक रंगों से खेलते हैं तो दुष्प्रभाव होने की संभावना न के बराबर रहती है। होली पर पानी में रंग मिलाकर डालना, गुब्बारे मारना, स्प्रे छिड़कना जैसी गतिविधियां होती हैं, लेकिन, गुब्बारे आदि कानों पर न मारें। इससे कान में पानी भरने जैसी समस्या हो सकती है।
चिकित्सक ने बताया कि रसायनिक रंगों के दुष्प्रभाव एक या दो दिन बाद भी आ सकते हैं। इसलिए, किसी प्रकार की शारीरिक दिक्कत होने पर चिकित्सक के पास जरूर जाएं।
ये हो सकते हैं दुष्प्रभाव के लक्षण
- आंखों में जलन होना।
- त्वचा का लाल रंग होना।
- शरीर में खुजली होना।
ये रखें सावधानियां
- रंग खेलने के बाद तुरंत साबुन लगाकर नहाएं।
- पक्के रंग का प्रयोग न करें।
- चर्मरोगी होली में रंग लगाने से परहेज करें।
- किसी प्रकार की खुजली या जलन होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
- अनजान लोगों से रंग न लगवाएं।
वर्सन:
होली पर रंगों के प्रयोग का विशेष ध्यान रखना चाहिए। रासायनिक या हानिकारक पदार्थ का प्रयोग रंग या पानी में न करें। इससे सामने वाले को नुकसान हो सकता है। इसके साथ ही अन्य कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं। रंग खेलने के बाद अच्छे से स्नान करें। किसी प्रकार की जलन या खुजली होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
-डॉ. आशीष मान, डिप्टी सीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग
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शहर के बस स्टैंड रोड पर लगी पिचकारी व रंगों की दुकान। संवाद
फोटो-02
डिप्टी सीएमओ, डॉ. आशीष मान।
- हर साल होली के बाद नागरिक अस्पताल में उपचार कराने पहुंचते हैं चर्म रोगी
विशेषज्ञों की राय- फूलों और गुणवत्ता वाले गुलाल से खेलें होली
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। होली रंगों व उत्साह का त्योहार है, लेकिन, गलत चीजों के प्रयोग से उत्साह मातम में बदल सकता है। होली के दिन रंग व पानी में हानिकारक चीजें न डालें। केवल प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें। साथ ही अपने शरीर के नाजुक अंग त्वचा, आंख, कान का विशेष ध्यान रखें।
चिकित्सक के अनुसार, होली पर रंग लगाना अच्छी बात है, लेकिन, रंगों में किसी रसायन या अन्य हानिकारक तत्व का मिश्रण नहीं होना चाहिए। कुछ लोग होली पर मजाक-मस्ती में कई प्रकार की चीजें मिला देते हैं। इससे रंग त्वचा पर लगते ही दुष्प्रभाव होने लगते हैं। होली के दिन रंग की जांच करें और पक्का व रसायनयुक्त रंग न लगाएं।
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उन्होंने बताया कि खेलते समय आंखों का बचाव करना जरूरी है। अगर किसी प्रकार का हानिकारक पदार्थ आंखों में जाता है तो आंखों में खुजली या जलन हो सकती है। इसके साथ ही अगर रासायनिक पदार्थ अधिक हानिकारक है तो आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
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अगर किसी व्यक्ति को पहले से एलर्जी है तो होली पर रंगों से दूरी बनानी चाहिए। प्राकृतिक रंगों से खेलते हैं तो दुष्प्रभाव होने की संभावना न के बराबर रहती है। होली पर पानी में रंग मिलाकर डालना, गुब्बारे मारना, स्प्रे छिड़कना जैसी गतिविधियां होती हैं, लेकिन, गुब्बारे आदि कानों पर न मारें। इससे कान में पानी भरने जैसी समस्या हो सकती है।
चिकित्सक ने बताया कि रसायनिक रंगों के दुष्प्रभाव एक या दो दिन बाद भी आ सकते हैं। इसलिए, किसी प्रकार की शारीरिक दिक्कत होने पर चिकित्सक के पास जरूर जाएं।
ये हो सकते हैं दुष्प्रभाव के लक्षण
- आंखों में जलन होना।
- त्वचा का लाल रंग होना।
- शरीर में खुजली होना।
ये रखें सावधानियां
- रंग खेलने के बाद तुरंत साबुन लगाकर नहाएं।
- पक्के रंग का प्रयोग न करें।
- चर्मरोगी होली में रंग लगाने से परहेज करें।
- किसी प्रकार की खुजली या जलन होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
- अनजान लोगों से रंग न लगवाएं।
वर्सन:
होली पर रंगों के प्रयोग का विशेष ध्यान रखना चाहिए। रासायनिक या हानिकारक पदार्थ का प्रयोग रंग या पानी में न करें। इससे सामने वाले को नुकसान हो सकता है। इसके साथ ही अन्य कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं। रंग खेलने के बाद अच्छे से स्नान करें। किसी प्रकार की जलन या खुजली होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
-डॉ. आशीष मान, डिप्टी सीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग