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Charkhi Dadri News: बलाली आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार, खाप के आदेश का इंतजार
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मंगलवार रात बलाली में आयोजित पंचायत में मौजूद ग्रामीण।
चरखी दादरी। जिला मुख्यालय से 17 किलोमीटर दूर स्थित बलाली गांव में पहलवानों के आंदोलन को लेकर ही अब चर्चा है। फिर चाहे घरों में चल रही बैठकों की बात हो या फिर गांव के मुख्य चौक व चौपाल की। हर जगह ये ही चर्चा है कि जिन बेटियों ने खेलों में देश का मान बढ़ाया वो आज अपने सम्मान की लड़ाई लड़ने को विवश हैं। मंगलवार रात ग्रामीणों ने 11 बजे आपात बैठक भी की।
दस मिनट की कॉल पर रात 11 बजे बुलाई गई आपात बैठक में 60 से अधिक गांव के मौजिज लोग मौजूद रहे। एक घंटे तक बैठक चली और इसमें आंदोलन के मौजूदा हालातों पर चर्चा की गई। ग्रामीणों ने एकमत होकर फैसला लिया कि अब जहां बेटियों का पसीना बहेगा, वहां गांव खून बहाने को तैयार है।
संवाददाता ने बुधवार दोपहर बलाली पहुंचकर जायजा लिया तो हर जगह आंदोलन को लेकर लोग चर्चा करते मिले। गांव के मुख्य चौक पर बैठे ग्रामीण राजेश, कमल सिंह, दिलावर, हरीश व प्रवीन आदि ने बताया कि बेटियों की इज्जत को अब तार-तार नहीं होने देंगे। मंगलवार रात आयोजित आपात बैठक में ये फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही कन्नी- 13 और फिर सांगवान खप-40 या सर्वखाप पंचायत आयोजित कर कोई निर्णय लिया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि पूरा बलाली गांव बेटियों के लिए अब आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार है।
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- दुखद है बेटियों का गंगा में मेडल बहाने का फैसला
बलाली के मौजिज लोगों का कहना है कि हमने गीता, बबीता, विनेश और रितू को अपनी मेहनत के बलबूते मुकाम हासिल करते देखा है। इन बेटियों ने बलाली गांव और दादरी जिले का ही नहीं, बल्कि भारत का विश्वस्तर पर स्वाभिमान से सिर ऊंचा किया है। आज वो बेटियां अपने सालों की मेहनत गंगा में बहाने का फैसला लेने को विवश हैं। ये सब काफी दुखद है।
- पहलवानों से बात होते ही उठाएंगे अगला कदम
ग्रामीणों का कहना है कि खापें अपनी पंचायत कर जल्द ही कोई ठोस निर्णय लेंगी। अब आंदोलन को हर वर्ग का समर्थन भी मिलेगा। ग्रामीणों ने बताया कि विनेश, संगीता, बजरंग और साक्षी से हुई बातचीत के आधार पर कोई अगला फैसला लिया जाएगा।
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दस मिनट की कॉल पर रात 11 बजे बुलाई गई आपात बैठक में 60 से अधिक गांव के मौजिज लोग मौजूद रहे। एक घंटे तक बैठक चली और इसमें आंदोलन के मौजूदा हालातों पर चर्चा की गई। ग्रामीणों ने एकमत होकर फैसला लिया कि अब जहां बेटियों का पसीना बहेगा, वहां गांव खून बहाने को तैयार है।
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संवाददाता ने बुधवार दोपहर बलाली पहुंचकर जायजा लिया तो हर जगह आंदोलन को लेकर लोग चर्चा करते मिले। गांव के मुख्य चौक पर बैठे ग्रामीण राजेश, कमल सिंह, दिलावर, हरीश व प्रवीन आदि ने बताया कि बेटियों की इज्जत को अब तार-तार नहीं होने देंगे। मंगलवार रात आयोजित आपात बैठक में ये फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही कन्नी- 13 और फिर सांगवान खप-40 या सर्वखाप पंचायत आयोजित कर कोई निर्णय लिया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि पूरा बलाली गांव बेटियों के लिए अब आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार है।
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- दुखद है बेटियों का गंगा में मेडल बहाने का फैसला
बलाली के मौजिज लोगों का कहना है कि हमने गीता, बबीता, विनेश और रितू को अपनी मेहनत के बलबूते मुकाम हासिल करते देखा है। इन बेटियों ने बलाली गांव और दादरी जिले का ही नहीं, बल्कि भारत का विश्वस्तर पर स्वाभिमान से सिर ऊंचा किया है। आज वो बेटियां अपने सालों की मेहनत गंगा में बहाने का फैसला लेने को विवश हैं। ये सब काफी दुखद है।
- पहलवानों से बात होते ही उठाएंगे अगला कदम
ग्रामीणों का कहना है कि खापें अपनी पंचायत कर जल्द ही कोई ठोस निर्णय लेंगी। अब आंदोलन को हर वर्ग का समर्थन भी मिलेगा। ग्रामीणों ने बताया कि विनेश, संगीता, बजरंग और साक्षी से हुई बातचीत के आधार पर कोई अगला फैसला लिया जाएगा।